Tuesday, February 9, 2016

1700 की शर्ट बेचकर बताते हैं 650 का कपड़ा

जी.सच्चानंद कला मंदिर के लिए लाभ का सौदा लिनन
- करोड़ों की टैक्स चोरी सामने आने की संभावना
इंदौर. विनोद शर्मा।
एक शर्ट के लिए 1 मीटर 60 सेंटीमीटर कपड़ा चाहिए। लिनन के इतने कपड़े की कीमत 600 से 650  रुपए है। 145 रुपए शर्ट का मैकिंग चार्ज। 745 रुपए में लिनन की शर्ट तैयार हो जाती है जिसे 250 रुपए के लेदर ब्रिफकेस में रखकर 1700 रुपए के होलसेल रेट पर बेचा जाता है। बुक्स में इसी शर्ट को 650 रुपए का सादा कपड़ा बता दिया  जाता है और सादा कपड़ा टैक्स फ्री है। ऐसे 650 रुपए के कपड़े को 1700 की शर्ट के रूप में बेचकर जी.सच्चानंद कला मंदिर हर महीने लाखों रुपए की टैक्स चोरी कर रहा है।
इसका खुलासा बुधवार को जी.सच्चानंद के आधा दर्जन ठिकानों पर वाणिज्यिक कर विभाग की एंटी इवेजन विंग ‘ए’ की छापेमार कार्रवाई के दौरान हुआ। सूत्रों की मानें तो फर्म लिनन क्लब के नाम से शर्ट बनाती है। हर दिन 1500 शर्ट बनाने का लक्ष्य है। फेब्रिक, मैकिंग चार्ज और डिस्पले पर कुल 1045 रुपए खर्च हो रहे हैं और पीस बिक रहा है 1700 रुपए में। यानी कमाई हुई 655 रुपए की। 1500 में से यदि हर दिन 1300 शर्ट भी बनती है तो भी एक दिन की कमाई हुई 8 लाख 51 हजार 500 रुपए। महीने की 2 करोड़ 55 लाख 45 हजार और सालाना 30 करोड़ 65 लाख 40 हजार जबकि लिनन का ही टर्नओवर है 80 करोड़ 66 लाख 50 हजार रुपए साल का।
कितनी टैक्स चोरी...
जानकारों के अनुसार फेब्रिक (बिना सिला कपड़ा) पर 1 प्रतिशत इंट्री टैक्स लगता है जबकि सिलाई के बाद रेडिमेड गार्मेंट पर 5 प्रतिशत वेट और 1 प्रतिशत इंट्री टैक्स। दोनों के बीच अंतर है 5 प्रतिशत टैक्स का। जी सच्चनानंद 80.66 करोड़ की लिनन शर्ट को 30.84 करोड़ का फेब्रिक बताता है और टैक्स चुकाता है 30.84 लाख जबकि टैक्स चुकाया जाना चाहिए 4.83 करोड़ रुपए। 80.66 लाख इंट्री टैक्स और 4.03 करोड़ वेट।
न सिर्फ फेब्रिज बल्कि बहुत कुछ
जी.सच्चानंद सिर्फ फेब्रिक और रेडीमेड गार्मेंट का काम नहीं करता बल्कि फर्म को इंटीग्रेटेड शोरूम बना दिया गया है जहां लोकल व ब्रांडेड (जुते, पर्स, बेल्ट) व अन्य ड्रेस मटेरियल भी मिल रहे हैं।
टैक्स चोरी से रुबरु हैं अफसर
बुधवार को जिन अफसरों ने छापा मारा है वे जी.सच्चानंद की कारगुजारियों का कच्चा चिट्ठा पहले से जानते हें। कार्रवाई के दौरान उनका होमवर्क मैदान पर दिखा भी। उन्होंने जो दस्तावेज जब्त किए हैं उनमें शर्ट मैकिंग का ठेका लेने वाले ठेकेदारों की पर्चियां, गार्मेंट मटेरियल की पर्ची शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई गुरुवार सुबह तक जारी रहेगी। तमाम दस्तावेज जांचने के बाद ही पता चलेगा कि फर्म ने कैसे और कितनी टैक्स चोरी की। 

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