Wednesday, February 24, 2016

सतीश का ‘अश्लील’ मोबाइल उगलने लगा राज

डेढ़ हजार से अधिक फोटो-क्लीपिंग और सहयोगियों के नाम उजागर
- खटक रही थी परिवार द्वारा नारायण सार्इं को दान में दी मिर्जापुर की 5 एकड़ जमीन
इंदौर. विनोद शर्मा ।
जम्मू आश्रम में कंकाल रखकर और झुठा आरोप लगाने वाली लड़कियां तैयार करने के आरोप में सतीश वाधवानी के बाद संत श्री आसाराम बापू के खिलाफ तीन वर्षों में हुई साजिशों की गुत्थी सुलझने लगी है। 1635 अश्लील फोटो और दर्जनों वीडियो क्लीपिंग के साथ जब्त हुआ वाधवानी का मोबाइल साजिश की कहानियां उगलने लगा है। इसमें प्रकाश राजदेव  और सतीश के भाई दीपक सहित सिंधी समाज के कुछ अन्य लोगों की लिप्तता की बात भी सामने आने लगी है। इसमें मिर्जापुर की उस 5 एकड़ जमीन को लेकर सतीश का लालच भी सामने आया है जो उसके परिवार ने नारायणसार्इं को दान दी थी।
मैं जम्मू गया ही नहीं, मुझे फंसाया जा रहा है? गिरफ्तारी के दौरान यह कहते रहे सतीश को पकड़ने वाली जम्मू पुलिस का कहना है कि साजिश रचने के लिए किसी का इंदौर से जम्मू जाना जरूरी नहीं है। ऐसे काम कहीं भी बैठकर किए जा सकते हैं। हमारे पास जम्मू से गिरफ्तार हुए भोलानाथ, नांदुरबार (महाराष्ट्र) से पकड़ाए पंकज दुबे और सतीश के बीच हुई बातचीत के पुख्ता प्रमाण है। कुछ रिकॉर्डिंग भी है जिसमें इंदौर के प्रकाश भैया (प्रकाश राजदेव) के नाम का भी जिक्र है जो स्वयं को कभी महाराष्ट्र   का अधिकारी बताता है तो कभी पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का पीए बताता था। असल में वह इंदौर के सोना-चांदी तस्करों व तथाकथित बुलियन कारोबारियों की लाइजनिंग करता है। सूरत से आने वाली उनकी गाड़ियां छुड़वाता है। दोनों ने मिलकर बापू विरोधियों को जोड़ा और साजिशों का खांका खींचते रहे। जांच में कुछ पत्रकारों के नाम भी सामने आए हैं।
अभी तो और भी तथ्य चौकाएंगे
मामले में 26 फरवरी तक जम्मू पुलिस पूछताछ करेगी। उम्मीद की जा रही है कि पूछताछ में बापू के खिलाफ साजिशों से संबंधित कुछ और तथ्य बेनकाब होंगे।
इतनी फोटो और क्लीपिंग किसकी
सतीश के मोबाइल से मिली कुछ अश्लील फोटो-क्लीपिंग ऐसी हैं जिन्हें मॉर्फिंग के जरिये तैयार किया गया है। मतलब किसी का शरीर और किसी का चेहरा। जम्मू पुलिस इस बात की भी तस्दीक कर रही है कि कहीं इन फोटो और क्लीपिंग में कुछ और ऐसे लोगों के चेहरे तो नहीं है जिन्हें शिकार बनाया गया हो। या वाधवानी के पास ऐसी महिलाओं का समूह है जो पैसे के लिए किसी पर भी दुश्कर्म का आरोप मढ़ सकती हैं। बाकी फोटोग्राफी सबूत जुटाने का काम तो वाधवानी कर ही लेता था।
मिर्जापुर की जमीन ने बदला मिजाज
1994 से 2011 तक आश्रम से जुड़ा रहा जो सतीश बापू के खिलाफ षड़यंत रचता रहा उसके परिवार ने 10 साल पहले ग्राम मिर्जापुर में सर्वे नं. 63/1/मिन-2 और 63/2 पैकी कुल रकबा 0.958 हेक्टेयर (103118 वर्गफीट) जमीन नारायण सार्इं को दान दे दी थी। राजस्व दस्तावेजों में श्री नारायणसार्इं पिता आसाराम बापू और श्री नारायण साई संस्थान के नाम दर्ज है। यहां फुलवाड़ी भी है। जमीन इससे पहले विजय कुमार, ईश्वर कुमार पिता मोहनलाल वाधवानी के नाम दर्ज

59 की तकरीबन 5 एकड़ जमीन दान दे दी थी। कत्था कारखाने के पास स्थित इस जमीन पर तकरीबन 1150 वर्गफीट की पक्की कुटिया और 11850 वर्गफीट पर बगीचा बना है। बाकी जमीन खुली है। जिस वक्त जमीन दी थी उस वक्त उसकी कीमत कुछ लाख रुपए एकड़ की रही थी जबकि आज बाजार वेल्यू 1100 और गाइडलाइन 2014-15  में वेल्यू 700 रुपए वर्गफीट है। मतलब गाइडलाइन के लिहाज से ही जमीन 15 करोड़ 24 लाख 60 हजार की हो गई। कीमत बढ़ने के बाद सतीश ने दिमांग लगाया और जमीन वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि वाधवानी परिवार जमीन का सौदा कर चुका है।



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