फुटवेअर का टर्नओवर बुक्स में हकीकत से आधा
कपड़े के नाम पर आयात करता है चायना से फुटवेअर
इंदौर. विनोद शर्मा ।
1700 की शर्ट बेचकर बुक्स में 650 रुपए के फेब्रिक की बिक्री बताने वाला जी.सच्चानंद समूह चायना से डुप्लीकेट जुते व फेब्रिक आयात करके उसे ब्रांडेड बताकर बेच रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि कई बार कंपनी ने कस्टम की आंखों में धुल झौंकते हुए फेब्रिक्स के बिल पर जुते आयात करती है। सारा इंदौर और मुंबई में बैठे दलालों के माध्यम से होता है।
जी.सच्चानंद पर वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई भले गुरुवार दोपहर खत्म हो चुकी हो लेकिन कार्रवाई के दौराज जो दस्तावेज सामने आए वे चौकाने वाले थे। फेब्रिक, शुटिंग-सर्टिंग व रेडीमेड का कारोबार करने वाली इस फर्म के विजयनगर, टॉवर चौराहा और अन्नपूर्णा रोड पर इंटीग्रेटेड शो-रूम है। जहां कपड़ों के साथ फुटवेअर, लेदर एसेसरिज, गोगल्स-ग्लासेस, बेल्ट, परफ्यूम, रेडिमेड जैकेट, कोट, ट्रॉली बेग, ब्रिफकेश भी उपलब्ध है। खास बात यह है कि फुटवेअर (मैन्स) की 2500 रुपए और फुटवेअर (वुमन्स) के नीचे की रेंज ही नहीं है।
बुक्स में टर्नओवर सवा करोड़ का...
जांच के दौरान जी.सच्चानंद ने अपने फुटवेअर सेग्मेंट का टर्नओवर सवा करोड़ बताया है। यदि औसत फुटवेअर की कीमत 2500 रुपए ‘जो कि वहां लोअर रेंज है’, तो सवा करोड़ के टर्नओवर में 5000 फुटवेअर की सेल बताई जा रही है। कंपनी के तीन बड़े शो-रूम है। अन्नपुर्णा रोड, टॉवर चौराहा और विजयनगर। यानी एक शो-रूम पर सालाना 1666 और हर महीने 138 फुटवेअर बिक रहे हैं। रोजाना 4 जोड़ी फुटवेअर की ही बिक्री जो कि किसी भी सूरत में हजम नहीं होती। क्योंकि एक शो-रूम पर फुटवेअर का सेग्मेंट 3-4 लोग संभाल रहे हैं।
हकीकत यह है कि विजयनगर के एक शोरूम पर ही औसत 45 जुते रोज बिकते हैं जो महीने के करीब 1350 होते हैं और सालाना 16200 पीस। बाकी शोरूम पर 10-10 हजार पीस भी साल के बिकते हैं तो कुल सेल हुए 36200 पीस जो कि बुक्स में बताए गए फुटवेअर की संख्या से 7 गुना ज्यादा है। यहां वुडलैंड, गोस, बनिश, एडिडास, नायकी और पुमा जैसे ब्रांड की रेंज है। यदि 36200 पीस की औसत कीमत 1000 रुपए भी मानी जाती है तो कुल टर्नओवर 3.62 करोड़ होता है जो बुक्स में सिर्फ सवा करोड़ बताया है।
दामों की ऊंचाई...
सेंडल 900 रुपए
बेल्ट 699 रुपए
ब्रिफकेश 4995 रुपए
चश्मा 195 रुपए
जॉकेट 5999 रुपए
पर्स-बेग 895 रुपए
परफ्यूम 200 रुपए
(ये प्राइज इंडेक्स न्यूनतम वाला है।)
थोकबंद ठेका...
कंपनी का सारा कामकाज दलालों के माध्यम से होता है। चायना से आयातित माल को सुरक्षित शो-रूम तक पहुंचाने का थोकबंद ठेका इंदौर और मुंबई के दलालों के पास है। इस काम में सुरेश नाम के व्यक्ति की भूमिका खास रहती है। लिनन क्लब की शर्ट व कंपनी के अन्य उत्पादों की डिस्ट्रीब्यूटरशीप के लिए इंदौर में बंटी नीमा और मुंबई में श्रीपाल से संपर्क किया जाता है।
कपड़े के नाम पर आयात करता है चायना से फुटवेअर
इंदौर. विनोद शर्मा ।
1700 की शर्ट बेचकर बुक्स में 650 रुपए के फेब्रिक की बिक्री बताने वाला जी.सच्चानंद समूह चायना से डुप्लीकेट जुते व फेब्रिक आयात करके उसे ब्रांडेड बताकर बेच रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि कई बार कंपनी ने कस्टम की आंखों में धुल झौंकते हुए फेब्रिक्स के बिल पर जुते आयात करती है। सारा इंदौर और मुंबई में बैठे दलालों के माध्यम से होता है।
जी.सच्चानंद पर वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई भले गुरुवार दोपहर खत्म हो चुकी हो लेकिन कार्रवाई के दौराज जो दस्तावेज सामने आए वे चौकाने वाले थे। फेब्रिक, शुटिंग-सर्टिंग व रेडीमेड का कारोबार करने वाली इस फर्म के विजयनगर, टॉवर चौराहा और अन्नपूर्णा रोड पर इंटीग्रेटेड शो-रूम है। जहां कपड़ों के साथ फुटवेअर, लेदर एसेसरिज, गोगल्स-ग्लासेस, बेल्ट, परफ्यूम, रेडिमेड जैकेट, कोट, ट्रॉली बेग, ब्रिफकेश भी उपलब्ध है। खास बात यह है कि फुटवेअर (मैन्स) की 2500 रुपए और फुटवेअर (वुमन्स) के नीचे की रेंज ही नहीं है।
बुक्स में टर्नओवर सवा करोड़ का...
जांच के दौरान जी.सच्चानंद ने अपने फुटवेअर सेग्मेंट का टर्नओवर सवा करोड़ बताया है। यदि औसत फुटवेअर की कीमत 2500 रुपए ‘जो कि वहां लोअर रेंज है’, तो सवा करोड़ के टर्नओवर में 5000 फुटवेअर की सेल बताई जा रही है। कंपनी के तीन बड़े शो-रूम है। अन्नपुर्णा रोड, टॉवर चौराहा और विजयनगर। यानी एक शो-रूम पर सालाना 1666 और हर महीने 138 फुटवेअर बिक रहे हैं। रोजाना 4 जोड़ी फुटवेअर की ही बिक्री जो कि किसी भी सूरत में हजम नहीं होती। क्योंकि एक शो-रूम पर फुटवेअर का सेग्मेंट 3-4 लोग संभाल रहे हैं।
हकीकत यह है कि विजयनगर के एक शोरूम पर ही औसत 45 जुते रोज बिकते हैं जो महीने के करीब 1350 होते हैं और सालाना 16200 पीस। बाकी शोरूम पर 10-10 हजार पीस भी साल के बिकते हैं तो कुल सेल हुए 36200 पीस जो कि बुक्स में बताए गए फुटवेअर की संख्या से 7 गुना ज्यादा है। यहां वुडलैंड, गोस, बनिश, एडिडास, नायकी और पुमा जैसे ब्रांड की रेंज है। यदि 36200 पीस की औसत कीमत 1000 रुपए भी मानी जाती है तो कुल टर्नओवर 3.62 करोड़ होता है जो बुक्स में सिर्फ सवा करोड़ बताया है।
दामों की ऊंचाई...
सेंडल 900 रुपए
बेल्ट 699 रुपए
ब्रिफकेश 4995 रुपए
चश्मा 195 रुपए
जॉकेट 5999 रुपए
पर्स-बेग 895 रुपए
परफ्यूम 200 रुपए
(ये प्राइज इंडेक्स न्यूनतम वाला है।)
थोकबंद ठेका...
कंपनी का सारा कामकाज दलालों के माध्यम से होता है। चायना से आयातित माल को सुरक्षित शो-रूम तक पहुंचाने का थोकबंद ठेका इंदौर और मुंबई के दलालों के पास है। इस काम में सुरेश नाम के व्यक्ति की भूमिका खास रहती है। लिनन क्लब की शर्ट व कंपनी के अन्य उत्पादों की डिस्ट्रीब्यूटरशीप के लिए इंदौर में बंटी नीमा और मुंबई में श्रीपाल से संपर्क किया जाता है।
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