Tuesday, February 9, 2016

संतोष डेवकॉन के सुनील मंधवानी की मनमानी से

400 प्लॉट वाली जमीन फिर बाजार में
जमीन और अनुमतियों के बिना ही बेच डाले थे प्लॉट
इंदौर. विनोद शर्मा  ।
अपने भागीदारों को फर्जी साइन करके बाहर का रास्ता दिखाने वाले संतोष डेवकॉन प्रा.लि. के डायरेक्टर सुनील मंधवानी ने लिम्बोदी स्थित कंपनी की जमीन बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। वह भी उस स्थिति में जब इस जमीन  पर टीएनसी और डायवर्शन कराकर न सिर्फ महालक्ष्मीधाम के नाम से कॉलोनी काटी जा चुकी है बल्कि 400 से ज्यादा लोगों को प्लॉट भी बेचे जा चुके हैं।
मामला ग्राम लिम्बोदी स्थित सर्वे नं. 240/1/1,   240/3/2, 240/4, 240/5, 240/6/1 और 240/6/2 की 5.232 हेक्टेयर सहित कुल 25.8 एकड़ जमीन का है। जमीन का नामांतरण 30 नवंबर 2011 को हुआ था जबकि पूरी 1126120 वर्गफीट जमीन का डायवर्शन (61/अ-2/12-13) हुआ 28 दिसंबर 2012 को। 2011 में 12 महीेने में पजेशन के वादे के साथ 1300 वर्गफीट की दर से प्लॉट बेचे गए थे। कुल 30 करोड़ रुपए इकट्ठा हुए। मंदवानी ने इसका हिसाब देने के बजाय फर्जी साइन करके अपने भागीदार मुकेश पिता अमरलाल माटा को संतोष डेवकॉन प्रा.लि. से बाहर कर दिया जबकि राजस्व रिकॉर्ड में आज भी जमीन संतोष डेवकॉन प्रा.लि. तर्फे डायरेक्टर मुकेश माटा का ही नाम दर्ज है।
कीमत लगा दी 3.5 करोड़ रुपए एकड़
बताया जा रहा है कि टीएनसी और डाइवर्शन के साथ काटी गई इस कॉलोनी में प्लॉट बेचे जा चुके हैं कई प्लॉटों की रजिस्ट्री हो चुकी हैं। बस कब्जा नहीं दिया गया। भागीदारों को बाहर करके कंपनी को विवादित कर दिया गया। अब इसी जमीन को 3.5 करोड़ रुपए एकड़ में बेचने की तैयारी है। मंधवानी के लिए 3.25 करोड़ में सौदा निपटना भी फायदेमंद है। क्योंकि जिस जमीन पर 30 करोड़ के प्लॉट बेचे जा चुके हैं उससे 3.25 करोड़/एकड़ के हिसाब से भी कुल 84.11 करोड़ मिलेंगे।
सौदा विश्वसनीय दलालों के माध्यम से...
मंधवानी ने जमीन का सौदा विश्ववसनीय दलालों के माध्यम से आगे बढ़ाया है। उसने अब तक जमीन के कागज भी नहीं दिए। जिन दलालों से सौदे की बात हुई उनका कहना है कि मंधवानी से पेपर मांगे तो उसका कहना है कि जिस दिन फाइनल बात होगी और पार्टी टोकन अमाउंट लेकर आएगी उसी दिन सब कागज पार्टी को दे दूंगा।
बिना जमीन के बेच दिए थे प्लॉट
जमीन की रजिस्ट्री नवंबर 2011 में हुई थी। संतोष डेवकॉन प्लॉट बेच चुकी थी फरवरी और सितंबर 2011 के बीच। कच्ची रसीद से। जिन पर महालक्ष्मीधाम और इंस्टॉलमेंट नंबर के साथ सिगनेचर लिखा है। रिमार्क भी है। इनका कोई उल्लेख नहीं, सिग्नेचर, कॉलोनी कहां, किसने काटी, क्या संपर्क नंबर। 7 जुलाई 2011 को दी गई फर्स्ट इंस्टॉलमेंट की एक रसीद दबंग दुनिया के पास है जिसमें 3,55,000 को आड़ी-तिरछी साइन के साथ 355 रुपए के रूप में लिखा गया है।
दिसंबर 2012 में डायवर्शन हुआ जबकि अपै्रल 2012 से ही डेवलपमेंट शुरू हो चुका था। जुलाई 2012 तक पुल और मेन रोड के साथ नाले की रिटेनिंग वॉल बन चुकी थी। आॅफिस बन चुका था। दो मेन रोड बन चुकी थी। 

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