आसान होगा काम ताकि ज्यादा मिले कर
इंदौर. विनोद शर्मा।
देश और देश के कारोबार के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ की जो थ्यौरी दी है मप्र भी उस पर दम से काम करेगा। इसकी शुरूआत 2016-17 के प्रस्तावित बजट से होगी जिसे कॉर्पोरेट फे्रंडली बनाया जाएगा। मप्र के कारोबार और कारोबारियों के रास्ते आने वाली मुश्किलों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। टैक्स प्रणाली का सरलीकरण होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़े व टैक्स जमा करें।
गुरुवार सुबह रेसीडेंसी में व्यापारिक संगठनों के साथ हुई बैठक के बाद दबंग दुनिया से बातचीत के दौरान यह बात वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कही। मंत्री मलैया ने कहा कि प्री-बजट को लेकर चार शहरों में बैठकें होना है। जबलपुर और भोपाल के बाद इंदौर में भी बैठक हो चुकी है। तीनों शहरों में सबसे ज्यादा सुझाव टैक्स प्रणाली के सरलीकरण को लेकर मिले हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस दिशा में सराकर भी तत्पर है। हम भी चाहते हैं व्यवस्था सरल हो ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स जमा करें। ज्यादा से ज्यादा टैक्स मिले। फार्म-49 की सूची में उत्पादों की संख्या 34 से बढ़ाकर 66 की है उसे लेकर जो भी चीजें सामने आ रही है उनके संबंध में ग्वालियर में होने वाली चौथी बैठक में अधिकारियों व जानकारों के साथ बैठकर निर्णय लेंगे। वाणिज्यिक कर कार्यालयों को कॉर्पोरेट फ्रेंडली बनाएंगे ताकि कारोबारियों को वहां सम्मान मिले। झिड़कियां नहीं। वेट रिटर्न फार्म को आसान बनाएंगे।
चेक पोस्ट भी खत्म होगी!
उन्होंने कहा कि चेक पोस्ट को लेकर भी चर्चा जारी है। अरसे से विचार किया जा रहा है कि चेक पोस्ट समाप्त कर रेंडम या ट्रांजिट चैकिंग की जाए। इससे चेक पोस्ट की धांधलियां भी रूकेगी और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। इस मसले पर बजट में नई चीजें सामने आएगी, मैं अभी उनका खुलासा नहीं कर सकता।
ताकि कारोबारियों को मिले राहत...
वेट रिटर्न फार्म क्लिष्ट है जो सरल किया जाना चाहिए। वेट लागू करते वक्त कहा था रिटर्न पोस्टकार्ड साइज का होगा। आज 8-10 पेज का है यह फार्म। सी फार्म का अप्रुवल आॅनलाइन हो। रिटर्न के साथ व्यापारी ने क्रय-विक्रय की जो लिस्ट दी है वह उसके विभाग के पोर्टल पर उसके अकाउंट के आगे डिस्प्ले हो। मिसमेच रिपोर्ट भी डिस्प्ले हो। अभी आॅनलाइन पेमेंट के लिए सिर्फ तीन बैंकें अधिकृत है जिससे कारोबारी समय पर पेमेंट नहीं कर पाते। इसीलिए अधिकृत बैंकों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए। रिफंड मिलने में भी दिक्कत हे रही है। इसीलिए रिफंड वाउचर से नहीं, चेक से हो। सी-फार्म और फार्म-49 की लिमिट बढ़ाने के लिए कारोबारियों को चक्कर न लगाना पड़े। बिना किसी लिमिट के फार्म दिए जाएं। फाइलों के रखरखाव की समुचित व्यवस्था हो।
आर.एस.गोयल, वरिष्ठ कर सलाहकार
मालवा चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रीतमलाल दुआ ने वैट अधिनियम के सरलीकरण और चेक पोस्ट को हटाने की मांग की। साथ ही स्मार्ट सिटी के विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला। अफसरों की मौजूदगी में सामने आया, चेक पोस्ट पर 300 अफसर तैनात हैं। उन्हें जितना वेतन दिया जा रहा है, उतना ही पैसा चेक पोस्ट से आ रहा है। क्रॉस चेकिंग के लिए विभाग के पास फॉर्म-49 है। लिहाजा चेक पोस्ट निरर्थक हैं।- पटाखा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा, शहर से बाहर करने के कारण पटाखा कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे विभाग को राजस्व भी नहीं मिल रहा। वित्त मंत्री ने कहा, यह स्थानीय स्तर का मामला है। फिर भी वे इस बाबद मुख्यमंत्री और कलेक्टर से बात करेंगे।- इलेक्ट्रिकल मटेरियल एसोसिएशन के किरण भाई शाह ने कहा, केंद्र और राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण के लिए एलईडी को बढ़ावा दे रही है। एलईडी पर दो श्रेणी में 5 और 14 प्रतिशत वैट लगता है। सरकार आगामी बजट में एलईडी पर वैट शून्य करे। इससे हम चाइनीज एलईडी से मुकाबला कर सकेंगे।- आॅटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के रोहित सांघी ने कहा, व्यापार मंदा है। इस पर लगने वाले वैट को कम करें, ताकि आॅटोमोबाइल डीलरों को राहत मिले।- सीटीपीए के एडवोकेट अश्विन लखोटिया, लोहा व्यापारी एसोसिएशन के इसहाक चौधरी, प्लायवुड एसोसिएशन के नरेंद्र बाफना ने फॉर्म-49 व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई।- सीए ब्रांच इंदौर के अध्यक्ष सुनील खंडेलवाल, सचिव अभय शर्मा ने कहा, वैट आॅडिट रिपोर्ट की लिमिट 10 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ की जाए और आॅडिट नहीं कराने वालों पर पैनल्टी 10 हजार के बजाय 50 हजार लगाई जाए।...तो अफसरों पर लगाएंगे पैनल्टी मालवा चेंबर के अध्यक्ष अजीतसिंह नारंग, सचिव सुरेश हरयानी ने कहा, गैर योजनागत व्यय को कम करें। इससे समस्याएं हल होंगी। ईज आॅफ डूइंग बिजनेस कैसे लागू हो, सरकार इस पर विचार करे। उन्होंने कहा, सभी संगठनों से जो सुझाव आए हैं, उनमें जो व्यावहारिक नहीं लग रहे हैं तो पुन: चर्चा करें। इस पर वित्तमंत्री ने कहा, बजट पूर्व एक बार और चर्चा के लिए इंदौर के लिए व्यापारियों, कर सलाहकारों को भोपाल बुलाया जाएगा, ताकि जनहित वाला बजट बन सके। वित्तमंत्री ने आश्वस्त किया, व्यापार करने में व्यावसायियों को अफसर परेशान करते हैं तो अफसरों पर पैनल्टी लगाई जाएगी।
इंदौर. विनोद शर्मा।
देश और देश के कारोबार के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ की जो थ्यौरी दी है मप्र भी उस पर दम से काम करेगा। इसकी शुरूआत 2016-17 के प्रस्तावित बजट से होगी जिसे कॉर्पोरेट फे्रंडली बनाया जाएगा। मप्र के कारोबार और कारोबारियों के रास्ते आने वाली मुश्किलों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। टैक्स प्रणाली का सरलीकरण होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़े व टैक्स जमा करें।
गुरुवार सुबह रेसीडेंसी में व्यापारिक संगठनों के साथ हुई बैठक के बाद दबंग दुनिया से बातचीत के दौरान यह बात वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कही। मंत्री मलैया ने कहा कि प्री-बजट को लेकर चार शहरों में बैठकें होना है। जबलपुर और भोपाल के बाद इंदौर में भी बैठक हो चुकी है। तीनों शहरों में सबसे ज्यादा सुझाव टैक्स प्रणाली के सरलीकरण को लेकर मिले हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस दिशा में सराकर भी तत्पर है। हम भी चाहते हैं व्यवस्था सरल हो ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स जमा करें। ज्यादा से ज्यादा टैक्स मिले। फार्म-49 की सूची में उत्पादों की संख्या 34 से बढ़ाकर 66 की है उसे लेकर जो भी चीजें सामने आ रही है उनके संबंध में ग्वालियर में होने वाली चौथी बैठक में अधिकारियों व जानकारों के साथ बैठकर निर्णय लेंगे। वाणिज्यिक कर कार्यालयों को कॉर्पोरेट फ्रेंडली बनाएंगे ताकि कारोबारियों को वहां सम्मान मिले। झिड़कियां नहीं। वेट रिटर्न फार्म को आसान बनाएंगे।
चेक पोस्ट भी खत्म होगी!
उन्होंने कहा कि चेक पोस्ट को लेकर भी चर्चा जारी है। अरसे से विचार किया जा रहा है कि चेक पोस्ट समाप्त कर रेंडम या ट्रांजिट चैकिंग की जाए। इससे चेक पोस्ट की धांधलियां भी रूकेगी और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। इस मसले पर बजट में नई चीजें सामने आएगी, मैं अभी उनका खुलासा नहीं कर सकता।
ताकि कारोबारियों को मिले राहत...
वेट रिटर्न फार्म क्लिष्ट है जो सरल किया जाना चाहिए। वेट लागू करते वक्त कहा था रिटर्न पोस्टकार्ड साइज का होगा। आज 8-10 पेज का है यह फार्म। सी फार्म का अप्रुवल आॅनलाइन हो। रिटर्न के साथ व्यापारी ने क्रय-विक्रय की जो लिस्ट दी है वह उसके विभाग के पोर्टल पर उसके अकाउंट के आगे डिस्प्ले हो। मिसमेच रिपोर्ट भी डिस्प्ले हो। अभी आॅनलाइन पेमेंट के लिए सिर्फ तीन बैंकें अधिकृत है जिससे कारोबारी समय पर पेमेंट नहीं कर पाते। इसीलिए अधिकृत बैंकों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए। रिफंड मिलने में भी दिक्कत हे रही है। इसीलिए रिफंड वाउचर से नहीं, चेक से हो। सी-फार्म और फार्म-49 की लिमिट बढ़ाने के लिए कारोबारियों को चक्कर न लगाना पड़े। बिना किसी लिमिट के फार्म दिए जाएं। फाइलों के रखरखाव की समुचित व्यवस्था हो।
आर.एस.गोयल, वरिष्ठ कर सलाहकार
मालवा चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रीतमलाल दुआ ने वैट अधिनियम के सरलीकरण और चेक पोस्ट को हटाने की मांग की। साथ ही स्मार्ट सिटी के विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला। अफसरों की मौजूदगी में सामने आया, चेक पोस्ट पर 300 अफसर तैनात हैं। उन्हें जितना वेतन दिया जा रहा है, उतना ही पैसा चेक पोस्ट से आ रहा है। क्रॉस चेकिंग के लिए विभाग के पास फॉर्म-49 है। लिहाजा चेक पोस्ट निरर्थक हैं।- पटाखा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा, शहर से बाहर करने के कारण पटाखा कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे विभाग को राजस्व भी नहीं मिल रहा। वित्त मंत्री ने कहा, यह स्थानीय स्तर का मामला है। फिर भी वे इस बाबद मुख्यमंत्री और कलेक्टर से बात करेंगे।- इलेक्ट्रिकल मटेरियल एसोसिएशन के किरण भाई शाह ने कहा, केंद्र और राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण के लिए एलईडी को बढ़ावा दे रही है। एलईडी पर दो श्रेणी में 5 और 14 प्रतिशत वैट लगता है। सरकार आगामी बजट में एलईडी पर वैट शून्य करे। इससे हम चाइनीज एलईडी से मुकाबला कर सकेंगे।- आॅटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के रोहित सांघी ने कहा, व्यापार मंदा है। इस पर लगने वाले वैट को कम करें, ताकि आॅटोमोबाइल डीलरों को राहत मिले।- सीटीपीए के एडवोकेट अश्विन लखोटिया, लोहा व्यापारी एसोसिएशन के इसहाक चौधरी, प्लायवुड एसोसिएशन के नरेंद्र बाफना ने फॉर्म-49 व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई।- सीए ब्रांच इंदौर के अध्यक्ष सुनील खंडेलवाल, सचिव अभय शर्मा ने कहा, वैट आॅडिट रिपोर्ट की लिमिट 10 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ की जाए और आॅडिट नहीं कराने वालों पर पैनल्टी 10 हजार के बजाय 50 हजार लगाई जाए।...तो अफसरों पर लगाएंगे पैनल्टी मालवा चेंबर के अध्यक्ष अजीतसिंह नारंग, सचिव सुरेश हरयानी ने कहा, गैर योजनागत व्यय को कम करें। इससे समस्याएं हल होंगी। ईज आॅफ डूइंग बिजनेस कैसे लागू हो, सरकार इस पर विचार करे। उन्होंने कहा, सभी संगठनों से जो सुझाव आए हैं, उनमें जो व्यावहारिक नहीं लग रहे हैं तो पुन: चर्चा करें। इस पर वित्तमंत्री ने कहा, बजट पूर्व एक बार और चर्चा के लिए इंदौर के लिए व्यापारियों, कर सलाहकारों को भोपाल बुलाया जाएगा, ताकि जनहित वाला बजट बन सके। वित्तमंत्री ने आश्वस्त किया, व्यापार करने में व्यावसायियों को अफसर परेशान करते हैं तो अफसरों पर पैनल्टी लगाई जाएगी।
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