Thursday, February 18, 2016

दिल‘दार’ सफोला पर 80 हजार का जुर्माना

- नमक पर जुर्माना, कंपनी का तेल और आटा भी दावों के दिल के साथ बाजार में 
- महंगा पड़ा नियम के विपरीत किया ब्लड प्रेशर और हृदयरोग से बचाव का दावा
इंदौर. विनोद शर्मा । 
ब्लड प्रेशर और हार्ट संबंधित बिमारियों से बचाव की भ्रामक जानकारियों के साथ नमक बेचने वाली सफोला कंपनी के खिलाफ अपर कलेक्टर की कोर्ट ने 80 हजार रुपए का जुर्माना ठोका है। इससे पहले खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच के बाद राज्य खाद्य प्रयोगशाला कंपनी के झूठे दावों की पोल खोल चुकी है। हालांकि अब भी बाजार में ऐसे उत्पाद और हैं जो दिल दुरुस्त करने का दावा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का फायदा उठाकर कंपनियां खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के मापदंडों के विपरीत उत्पादों को बिमारियों से बचाव के झूठे दावे के साथ बाजार में उतार रही हैं। इसका बड़ा उदाहरण सफोला नमक है। 28 रुपए/किलोग्राम में मिलने वाले इस नमक की पैकिंग पर लिखा है लेस सोडियम ‘द हार्ट आॅफ अ हैल्थी फैमेली’, आॅयोडिन और मिनिरल्स से भरपुर। दिल का निशान है जो बताता है कि यह दिल की बिमारी से दूर रखता है। पैक के नीचे लिखा भी है सफोला आपको लो सोडियम वाली डाइट के लिए प्रोत्साहित करता है। दावा है कि नमक में लो सोडियम है जो हाईब्लड पेशर को मैनेज करता है।
प्रयोगशाला ने खोली पोल...
जून-जुलाई 2015 में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अन्नपूर्णा रोड स्थित शॉपिंग सेंटर पर छापे की कार्रवाई की। इस दौरान ‘सफोला सॉल्ट प्लस’ के नमूने लिए गए। जांच के बाद प्रयोगशाला ने 1998 में लॉच हुए 19 साल पुराने इस प्रोडक्ट को मिस ब्रांडेड करार दिया। जांच में कंपनी के दावों की पुष्टि भी नहीं हुई।
80 हजार का जुर्माना
रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रकरण दर्ज किया। जिसकी सुनवाई के बाद बीते दिनों अपर कलेक्टर दिलीप कुमार ने सफोला साल्ट बनाने वाली कंपनी के खिलाफ 80 हजार रुपए का जुर्माना किया। सफोला के साथ पेराशूट मेरिका इंडस्ट्री का का प्रमुख ब्रांड है।
सफोला पर क्यों आया दिल...
कंपनी के एक प्रजेंटेशन के अनुसार भारत में हर मिनट में चार लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने से होती है। इसीलिए मेरिको इंडस्ट्री ने कुछ ऐसे खाद्य उत्पाद बनाए जो दिनचर्या में बदलाव के बिना भी उपभोक्ताओं के हार्ट की हैल्थ को मैनेज रख सकती है। सफोला का दिल की बिमारियों के खिलाफ सकारात्मक हथियार बताया गया।
और भी है दिल‘दार’ उत्पाद
1- कंपनी सफोला के नाम और दिल को आगे रखकर सफोला आॅइल, सफोला सॉल्ट, सफोला आटा। सफोला राइस ब्रान आॅइल और सनफ्लावर आइल बनाती है। सनफ्लावर आइल में कंपनी के अनुसार हाई लिनोलिक एसिड और ओमेगा-6 पोलीसेच्यरेटेड फेट्टी एसिड मिला है जो कॉलेस्ट्रोल को रिड्यूस करता है।
2- नमक में सोडियम क्लोराइड (आयोडाइज्ड), पोटेशियन क्लोराइड और कैल्शियम कॉर्बोनेट है। इसमें दूसरे नमक के मुकाबले इसमें सोडियम की मात्रा 10 प्रतिशत कम है। पोटेशियम हाइपर टेंशन से बचाता है। हार्ट कोरोनरी डिसीस (धमनी रोग) और अटैक की संभावना कम करता है।
3- सफोला आटे पर भी दिल का निशान है और स्पष्ट रूप से कोलेस्ट्रॉल मैनेजमेंट का दाव किया गया है।
नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है
न्यूट्रिशियल के अनुसार कोई भी नमक खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं होता है। उलटा किसी भी फार्मेट में नमक खाओ, ब्लड प्रेशर बढ़ना ही है। डॉक्टर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को नमक नहीं खाने की सलाह भी देते हैं। नमक शरीर में आयोडिन की कमी को जरूर पूरा करता है। 

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