इंदौर। जमीन की जालसाजी के खिलाफ जारी प्रशासनिक जांच में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की संख्या 25 से बढ़कर 35 होगी। संभागायुक्त के निर्देश पर सहकारिता विभाग शिकायतों की संख्या के आधार पर संस्थाओं की सूची तैयार कर रहा है।
इधर, जुलाई में पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर "पत्रिका" ने दागी संस्थाओं की संभावित सूची तैयार कर दी। इसमें एक ही जमीन पर दो-तीन बार कॉलोनी काटने वाली संतोषी और सदस्यों के बजाय अध्यक्ष के परिजन को प्लॉट देने वाली राजस्व ग्राम गृह निर्माण सहकारी संस्था शामिल हैं।
कहा था बाद में दर्ज होगी
शनिवार को समीक्षा बैठक में संभागायुक्त बीपी सिंह और आईजी संजय राणा ने सूची विस्तार के निर्देश दिए थे। इधर, पत्रिका ने आईजी की पहल पर जुलाई में दर्ज शिकायतों को खंगाल कर ऎसी संस्थाओं की सूची तैयार की, जिनके खिलाफ यह कहकर पहले चरण में शिकायतें दर्ज नहीं की गई थीं कि इनकी शिकायतें बाद में सुनी जाएंगी। इसके बाद सैकड़ों लोगों को निराश लौटना पड़ा। बहरहाल, अब लोगों को नई उम्मीद दी। संभावित सूची में दर्जनभर से अघिक संस्थाएं हैं।
संस्थाएं और कारनामे
ग्रीनलैंड गृह निर्माण संस्था : पूर्वी रिंग रोड पर गुलाबबाग कॉलोनी काटी थी। गुलाबबाग रहवासी संघ की मानें तो संस्था के संचालक एक हॉस्पिटल के कर्ताधर्ता मुनाफ भाई हैं। संचालक मंडल ने सड़क, सेप्टिक टैंक, स्कूल और पार्क के लिए आरक्षित जमीनों पर प्लॉट बेचे। शुल्क लिया, विकास नहीं किया। जांच ईओडब्ल्यू कर रहा है।
सुखलिया ग्राम गृह निर्माण संस्था: श्यामनगर, श्यामनगर एनेक्स सहित सुखलिया क्षेत्र में तीन-चार कॉलोनियां काटीं। संचालक मंडल के खिलाफ रजिस्ट्री के बावजूद प्लॉट का कब्जा न देने और सार्वजनिक उपयोग की जमीन बेचने की शिकायत।
मप्र वाणिज्यकर अल्पआय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था : संस्था की खजराना स्थित पांच एकड़ जमीन पर मुश्ताक व उसके साथियों का कब्जा है। दस्तावेज भी आयकर छापे में बरामद हुए थे। संस्था के प्लॉट 200 थे, लेकिन सदस्य 2000। सबको प्लॉट का इंतजार है। अध्यक्ष कैप्टन सोबरनसिंह है।
संतोषी माता गृह निर्माण सहकारी संस्था : पंचवटी कॉलोनी के पीछे जहां इंद्रप्रस्थ कॉलोनी काटी, वहीं दूसरी भी काट दी। प्लॉट और विकास शुल्क के नाम पर दो से सवा दो लाख रूपए लिए, लेकिन प्लॉट नहीं दिया। कर्ताधर्ताओं का सीधा संबंध दागी देवी अहिल्या और नवभारत संस्था के संचालकों से।
मां सरस्वती गृह निर्माण सहकारी संस्था : अध्यक्ष शिवनारायण अग्रवाल देवी अहिल्या के फरार संचालकों में से एक। बगीचे की जमीन पर इमारत खड़ी कर दी। नाले पर प्लॉट काटे। जमीन भी बेच दी।
राजस्व गृह निर्माण सहकारी संस्था :
अध्यक्ष संजय अग्रवाल। संस्था ने बसंत विहार कॉलोनी काटी और चाचा रमेश अग्रवाल की मदद से सदस्यों के बजाय बहन-भाइयों सहित परिजन को प्लॉट दे डाले। ईओडब्ल्यू को भी शिकायत हो चुकी है।
फोटोग्राफर गृह निर्माण सहकारी संस्था
अध्यक्ष महेश भाटिया। संचालक मंडल पर मिलीभगत से जमीन छोड़ने और फर्जी दस्तखत से पूंजी खर्च करने का आरोप। अध्यक्ष ने षड्यंत्रपूर्वक सदस्य बनाए। इनमें 380, उषानगर के संतोष दुबे और उसके परिजन के नाम हैं। दुबे की जमीन विवाद में हत्या हो चुकी है।
लक्ष्मी गृह निर्माण सहकारी संस्था
खजराना क्षेत्र में जमीन खरीदी थी। सदस्यों को प्लॉट नहीं मिले और किसी भूमाफिया ने अवैध कॉलोनी काट दी। सदस्य प्लॉट के लिए परेशान। संस्था का कर्ताधर्ता एक कांग्रेस नेता।
अन्य संस्थाएं
शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था स्वास्तिकनगर कॉलोनी काटने वाली संस्था के कर्ताधर्ता श्याम जोशी और समर्थक हैं।
वेदमाता
निरंजनपुर क्षेत्र में कॉलोनी काटी थी, लेकिन सदस्यों को प्लॉट नहीं मिले। संचालक मंडल भंग हो चुका है। बहरहाल, परिसमापन की कार्रवाई चल रही है। प्रभारी अघिकारी मोनिका सिंह हैं।
कलेक्टर कर्मचारी
दो महीने पहले ही चुनाव हुए। इसके खिलाफ भी कई शिकायतें हैं।करतार गृह निर्माण सहकारी संस्थासहकारिता विभाग और पुलिस प्रशासन को आए दिन इसकी शिकायतें मिलती हैं।
"इनमें कुछ संस्थाएं ऎसी हैं, जिनके खिलाफ वास्तव में हमें भी ज्यादा शिकायतें मिली हैं। हालांकि शिकायतों की समीक्षा के बाद ही कह पाएंगे कि किसके खिलाफ कितनी शिकायतें मिलीं और क्या कार्रवाई की जा सकती है।"
- महेंद्र दीक्षित, उपायुक्त, सहकारिता
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