
इंदौर। राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार पाना भले गौरव की बात हो लेकिन मप्र के उद्योगपतियों की इसमें जरा भी रूचि नहीं। कुछ जटिल प्रक्रिया तो कुछ समय की कमी की आड़ लेकर अवार्ड से दूर हैं। 50 जिले, 30 लाख से अघिक औद्योगिक इकाइयां और आवेदन सिर्फ नौ। वह भी नौ श्रेणी के लिए। यानी हर श्रेणी के लिए सिर्फ एक दावेदार। यह हाल है मप्र में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार में दावेदारी का।
अधिकारियों ने खोजे दावेदार
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुरस्कार 2008-09 के लिए राज्यवार आवेदन बुलाए थे। पहले तय 30 अपै्रल की समय सीमा में एक भी आवेदन नहीं मिला। समय सीमा बढ़ाने के बावजूद एक-दो लोगों ने रूचि ली। आखिर मंत्रालय ने अधिकारियों को दावेदारों की खोज में जुटा दिया है। इसके लिए हर अधिकारी को 15 दिन में 10-10 दावेदारों का लक्ष्य दिया गया है। तमाम कोशिशों के बाद 16 जून को नौ आवेदकों की सूची केंद्र को सौंपी गई।
250 से ज्यादा को दावेदारी का हक
एमएसएमई के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में 250 से अधिक इंडस्ट्रीज ऎसी हैं जो अवार्ड के लिए दावेदारी कर सकती हैं। इनमें निर्यातक इकाइयों के साथ श्रेष्ठ गुणवत्ता वाली फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स भी शामिल हैं।
किसको क्या पुरस्कार
श्रेष्ठ इंटरप्राइजेस
सुक्ष्म-लघु
पहला-1 लाख रूपए
दूसरा- 75 हजार रूपए
तीसरा- 50 हजार रूपए
मध्यम उद्योग
पहला-1 लाख रूपए
दूसरा- 75 हजार रूपए
विशेष पुरस्कार-
श्रेष्ठ महिला उद्यमी 1 लाख रूपए
श्रेष्ठ एससी/एसटी उद्यमी 1 लाख रूपए
श्रेष्ठ रिसर्च एंड डेवलपमेंट वर्क
सुक्ष्म-लघु उद्योग
पहला-1 लाख रूपए
दूसरा- 75 हजार रूपए
मध्यम उद्योग
पहला-1 लाख रूपए
दूसरा- 75 हजार रूपए
गुणवत्ता
सुक्ष्म-लघु उद्योग
चयनित उत्पाद की गुणवत्ता- 1 लाख रूपए
उद्योग तो बहुत हैं5 लाख सूक्ष्म इकाइयां
25 लाख लघु इकाइयां
800 मध्यम इकाइयां
मातृ इकाइयां98 केंद्र के उपक्रम
05 मंत्रालयीन उपक्रम
261 सरकारी उपक्रम
61 निजी क्षेत्र
जटिल प्रक्रिया बनी कारण
पुरस्कार से परहेज के लिए उद्योग जगत मंत्रालय को दोषी मानता है। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र के अध्यक्ष अशोक जायसवाल और सांवेर रोड औद्योगिक संगठन अध्यक्ष हरि अग्रवाल के मुताबिक, प्रक्रिया जटिल और लंबी है। जानकारियों की पूर्ति भी आसान नहीं। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने बताया- मंत्रालय और विभाग का सूचना तंत्र कमजोर है।
कोई गंभीर है ही नहीं
एमएसएमई विकास विभाग के राष्ट्रीय अवार्ड प्रभारी आरडी बोसमेन ने कहा उद्योगपति गंभीर नहीं हैं। 700 कंपनियों को पत्र लिखने, संगठनों और जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्रों से संपर्क के बाद नौ आवेदन आए।
हकदार कौन? फैसला 28 को
किस श्रेणी के अवार्ड का हकदार कौन है इसका फैसला दिल्ली में 28 अगस्त को होगा। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील उद्योगपतियों को सम्मानित करेंगी। यह अवार्ड औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए दिया जाता है।
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