
शीशा यानी हुक्के का नया धंधा इंदौर में खुल्लम-खुल्ला चल रहा है। स्कूली बच्चे इस जहर की चपेट में है। संभवत: हफ्ता तय हो जाने के कारण पुलिस-प्रशासन अश्लीलता के अड्डों के तौर पर फल-फूल रहे इन शीशा लाउंज पर मेहराबानी बनाए हुए हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की एक ताजा स्टडी में भी इस नशे को समाज व युवाओं के लिए भयंकर खतरा बताया है। अनाधिकृत तौर पर शहर में 144 शीशा लाउंज चल रहे हैं।
अश्लीलता के अवैध अड्डे
अमेरिका, यूएई, दुबई और फ्रांस जैसे देशों में प्रतिबंधित हो चुके शीशा यानी हुक्का इंदौर में भयंकर तरह से चलन में आ चुका है। यह हुक्का आलीशान ठिकानों पर बगैर लाइसेंस खुलेआम परोसा जा रहा है। हुक्का निशाना स्कूली छात्र-छात्राएं हैं, जो स्कूल से तड़ी मारकर न सिर्फ ïधुएं के छल्ले उड़ा रहे हैं, बल्कि अश्लील हरकतों में भी रम जाते हैं। चांदी काटने का इस धंधे से पुलिस-प्रशासन बेखबर है। आबकारी विभाग व नगरनिगम ने भी नशे के इन ठिकानों को लाइसेंस जारी नहीं किया है।
मोटा मुनाफा
शीशा के एक फ्लेवर पेक की कीमत 25 से 65 रुपए होती है। इससे कम से कम पांच हुक्के तैयार होते हैं और हर एक की कीमत 200 से 700 रुपए तक होती है। साफ है लाउंज मालिक एक फ्लेवर पैकेट से ही एक से साढ़े तीन हजार रुपए की कमाई करते हैं।
विदेशों में बेन
विदेशों में इस नशे को बेन किया गया है। वहां एंटी ड्रग्स कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। वैसे तो भारत में तंबाकू नियंत्रण के लिए कई कानून बन चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
तंबाकूयुक्त है शीशा
मैलेशिश (शीरा) के साथ टेबोनल या मसाल या जर्क के साथ गर्म होने पर शीशा तैयार होता है। टेबोनल, जर्क और मसाल निकोटीन व तंबाकुयुक्त पदार्थ हैं।
सीन 1
बाहों में बाहें डालकर हुक्केबाजी
बॉम्बे हॉस्पिटल के सामने होटल मंगल रिजेंसी का प्योरिटी शीशा लाउंज। सीढिय़ों पर ही तीन लड़कियां खड़ी थीं। अंदर पहुंचे तो पूरा अंधेरा था। बड़ी स्क्रीन पर अश्लील गाने चल रहे हैं। सामने दो लड़के हुक्का गुडग़ुड़ा रहे थे। दाईं ओर के कमरेनुमा केबिन में एक युगल था। दूसरे केबिन में तीन लड़कियां और दो लड़के थे। सभी बाहों में बाहें डालकर हुक्का खींच रहे थे। लांच कर्मचारी उन्हें कभी नाश्ते की प्लेट देता तो कभी उनके हुक्के में कोयला डालता। यहां शीशा पीना अनिवार्य है। किसी कारण से आप शीशा नहीं पीते तो एक घंटे में कम से कम दो सौ रुपए की बिलिंग जरूरी है। शीशा पीने से इन्कार किया तो उन्होंने नाश्ता दे दिया। नाश्ते का बिल डेढ़ सौ रुपए था, लेकिन जोड़ा गया 200 रुपए।
सीन 2
बंदूकधारी गार्ड तैनात
मंगल सिटी का द शीशा लïाउंज। दरवाजे पर बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी। अंदर शीशा लगाते दो कर्मचारी। सामने के सोफे पर तीन लड़के बैठे थे। उनके बगल वाले केबिन में दो लड़कियां और एक लड़का बैठे थे। चौकड़ी टी-शर्ट वाली लड़की को छोड़कर दोनों आमने-सामने बैठकर लंबे कश के साथ हुक्के का धुआं उड़ा रहे थे। बीच-बीच में लड़का चौकड़ी वाली लड़की के मुंह पर धुआं उड़ा रहा था। सामने वाली लड़की आदतन नशेडिय़ों की तरह धुएं के छल्ले बना रही थी। तीनों दो घंटे तक हुक्का गुडग़ुड़ाते रहे। लड़का-लड़की के बीच इस दौरान अंतरंग प्रेमी-प्रेमिका की तरह की हरकतें भी होती हैं।
सीन 3
नाम कैफे, कॉफी नहीं मिलती
बीसीएम हाईट्स में ब्लू रॉक्स कैफे लाउंज। अंदर पहुंचे तो देखा बीच में तीन लड़के हवा में धुआं छोड़ रहा है। लांज का नाम कैफे है, परंतु यहां कॉफी नहीं मिलती। नाश्ते का पूछा तो बोले जनाब यहां सिर्फ शीशा चलता है। शीशा ही पीना पड़ा। इसी दौरान कुछ और लड़के-लडि़कयां आए। इनके साथ स्कूल बैग भी थे।
सीन 4
कम नहीं पड़ी लड़की
आनंद बाजार स्थित फ्यूम्स शीशा में शुक्रवार रात 9.10 बजे कोने वाले केबिन में एक लड़की अपने ब्वाय फ्रेंड के साथ थी। पूरे हाल में धुआं हो रहा था। लड़की लड़के को फोर्स कर रही थी कि खींचो ना। लड़की भी लंबे कश मार रही थी।
सीन 5
सुलग रहे थे कोयले
आनंद बाजार में बाउंस लाउंज में अंदर पहुंचते ही चार-पांच लड़कें धूआं उड़ाते नजर आ रहे थे। आसपास के कैबिन खाली थे। लॉन्ज कर्मचारी लड़कों के हुक्के में कभी फ्लेवर डाल रहा था तो कभी कोयला।
सामान्य लाइसेंस से धंधा
युवाओं को आकर्षित करने वाले शीशे का धंधा नगर निगम के सामान्य गुमाश्ता लाइसेंस के आधार पर चल रहा है। शासन और प्रशासन के पास न तो इस धंधे के संबंध में ïकोई गाइड लाइन तय है और न ही इसकी निगरानी का इंतजाम।
लड़कियों को भांग-शराब का चस्का
लाउंज में आने वाली लड़कियों को रोज मिंट, कच्ची केरी, आरपीएम (रॉयल पान मसाला), स्ट्रॉबेरी फ्लेवर ज्यादा पसंद आते हैं। कुछ रम, विस्की और डबल एप्पल फ्लेवर भी पसंद करती हैं। कई बार बेस में पानी की जगह शराब और शीशा फ्लेवर में भांग की गोलियां डलवाती हैं।
दो दर्जन से ज्यादा फ्लेवर
नाश, वनीला, नारियल, गुलाब, जैसमीन, शहद, आम, स्ट्रॉबेरी, तरबूज, पुदीना, मिंट, चेरी, नारंगी, रसभरी, सेब, एप्रीकोट, चॉकलेट, मुलेठी, कॉफी, अंगुर, पीच, कोला, बबलगम, पाइनापल, बनारसी पान, पान सालसा, पान रसना, पान मघई, कोला, रूहाबजा, अनार, जेस्मीन, नींबू और सेक्सी सुपारी जैसे दो दर्जन से अधिक फ्लेवर का हुक्का लाउंज पर मिलता है।
हम नहीं देते लाइसेंस
हमने इंदौर में एक भी शीशा लॉन्ज का लाइसेंस जारी नहीं किया है। हो सकता है नगर निगम ने किए हों।
विनोद रघुवंशी, आबकारी अधिकारी
शीशा लाउंज को नगरनिगम की ओर से कोई विशेष लाइसेंस जारी नहीं किया है।
एमपीएस अरोरा, मार्केट अधिकारी, नगरनिगम
इनके लाइसेंस की स्थिति देखना पड़ेगी। सूची तैयार करवाकर कार्रवाई शुरू करेंगे।
डी. श्रीनिवास राव, एसएसपी, इंदौर
शीशा लाउंज के कानूनी पहलूओं का राज्य स्तर पर अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र ही इनके विरूद्ध कार्रवाई करने की व्यापक रणनीति बनाई जाएगी।
डॉ. बीएम श्रीवास्तव, स्टेट नोडल अधिकारी, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ
विनोद
प्रमुख शीशा लाउंज
एबी रोड : स्पाइडर (एलआईजी), लॉ-कैफे (उत्तमभोग के बगल में), द शीशा लॉन्ज (मंगल सिटी)
बॉम्बे हॉस्पिटल के पास : बॉट्म्स स्वीप (ऑर्बिट मॉल) ब्ल्यू रॉक्स कैफे (बीसीएम), प्योरिटी शीशा (मंगल रिजेंसी), ग्योरिटी बार एंड शीशा (मंगल रिजेंसी), न्यू स्पाइडर (रॉयल प्लेटिनम)
वेलोसिटी टॉकिज : ऑन द रॉक्स
आनंद बाजार : फ्लूम्स शीशा और बाउंस कैफे
एमजी रोड : मिस्टर बिन्स, फ्लेवर्स, जूम कैफे
रसोमा चौराहा : ऑलिव गार्डन
खंडवा रोड : रिच गार्डन, क्लोरोफिल
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