Friday, September 16, 2016

सड़क की जमीन पर कैलिफोर्निया की सजावट

बनाया गार्डन और रोटरी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
प्लॉटों को जोड़कर रो-हाउसेस बनाने वाली हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. ने कैलिफोर्निया सिटी का डेकोरेशन भी फर्जी कर रखा है। मुख्य द्वारा के बाहर जिस जमीन पर लैंडस्कैपिंग और रोटरी बनी हुई है वह मास्टर प्लान में अंकित 45 मीटर चौड़ी रोड के लिए आरक्षित जमीन है। सड़क बनने के बाद सारा डेकोरेशन ध्वस्त हो जाएगा। रंग-बिरंगा ब्रोशर देखकर प्लॉट, बंगले या फ्लैट खरीदने वालों के हाथ सिर्फ बाउंड्रीवाल ही आएगी।
ग्राम हिंगोनिया की करीब 54 एकड़ जमीन पर कैलिफोर्निया सिटी बन रही है। कॉलोनी के सामने सर्वे नं. 308 की जमीन भी है जो कि सड़क के लिए आरक्षित है। मास्टर प्लान 2021 के अनुसार बायपास से कनाड़िया होते हुए बेगमखेड़ी की ओर जाने वाली इस सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 45 मीटर है। जनवरी 2012 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा स्वीकृत ले-आउट में भी इस सड़क का जिक्र है। कॉलोनाइजर के खसरों में सड़क को मार्क किया हुआ है। बावजूद इसके यहां सड़क किनारे ही रोटरी बना दी गई। बाउंड्रीवाल से सटाकर लैंडस्कैपिंग और गार्डन बना दिया।
17162.52 वर्गफीट है जमीन
कॉलोनी के स्वीकृत ले-आउट के अनुसार स्कूली की ओर से मुख्य द्वार तक 100 मीटर लंबा सड़क का हिस्सा है। इसमें स्पष्ट लिखा है कि 17162 वर्गफीट जमीन रोड की प्रस्तावित चौड़ाई का हिस्सा है।
ऐसे किया कब्जा
चूंकि प्लान में सड़क की चौड़ाई 45 मीटर है इसीलिए मौजूदा सड़क के बीच से दोनों ओर 22.50 मीटर जमीन छोड़ी जाना चाहिए। यहां सड़क से लेकर बाउंड्रीवाल के बीच पार्क बना दिया गया है। मुख्य द्वारा के ठीक सामने सड़क से 10 फीट की दूरी पर ही रोटरी बना दी है। वहीं घंटाघर की तरह मुख्य द्वारा पर खंबा लगाकर कॉलोनी के नाम के साथ घड़ी लगा दी गई।
यह है नियम...
मास्टर प्लान में प्रस्तावित सड़क का जिक्र उससे लगी कॉलोनी के ले-आउट में भी किया जाता है। चूंकि जमीन का उपयोग सार्वजनिक सड़क के रूप में प्रस्तावित है इसीलिए निजी जमीन भी शासकीय जमीन के दायरे में ही आएगी।
इस जमीन पर किसी भी तरह का कोई भी निर्माण या लैंडस्कैपिंग स्वीकार्य नहीं है। यदि कंपनी को लैंडस्कैपिंग करना है या रोटरी बनाना है तो वह कॉलोनी की प्रस्तावित जमीन पर बनाए।
इसके विपरीत बिल्डर सरकारी जमीन को अपने प्रोेजेक्ट की साज-सज्जा के लिए इस्तेमाल करते हैं जो पूरी तरह गैरकानूनी है। क्योंकि यह एक तरह की सुविधा है जिसे दिखाकर ग्राहकों को लुभाया जाता है जबकि इसकी वास्तविकता यह है कि यह बाद में जमींदोज ही होना है।
स्कूल वालों ने भी की थी शिकायत
2012-13 में जब कॉलोनी आकार लेने लगी थी जब कॉलोनी की बाउंड्रीवाल से लगे शासकीय स्कूल के टीचर्स ने बिल्डर की मनमानी की शिकायत भी की थी। इस शिकायत पर जांच भी हुई थी। 

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