- डीआरआई के शिकंजे में आईसीडी पीथमपुर
- पांच दिन में दूसरी कार्रवाई, 12 कंटेनर जब्त,
- बहुतायत में ज्वैलरी और स्टेराइड मिला
इंदौर. विनोद शर्मा ।
केमिकल की आड़ में आए पटाखों की अकाउंटिंग भी पूरी नहीं हुई थी कि डारेक्टर रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की टीम ने सोमवार को 12 कंटेनर और पकड़े। पटाखे लाने वाली दिल्ली की प्रेस्टीज पोलिमर प्रा.लि. के नाम से आए इन कंटेनर्स में केमिकल की आड़ में प्रतिबंधित आर्टिफिशियल ज्वैलरी और बॉडी बिल्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टेराइड्स और फूड सप्लीमेंट््स की खेप निकली है।
प्रिंसिपल एडिशनल डायरेक्टर जनरल (पीएडीजी), मुंबई अजीतकुमार सिंह के आॅफिस से मिली सूचना के आधार पर डीआरआई इंदौर ने आईसीडी पीथमपुर में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि 12 कंटेनर जब्त किए गए हैं जिनकी बिल्डिंग प्रेस्टीज के नाम से थी जो कि मुलत: दिल्ली की कंपनी है लेकिन एसईजेड-1 से ट्रेडिंग करती है। सीज किए गए 12 कंटेनर्स में से दो कंटेनर में ही वह सामान निकला जिसकी बिल बनकर आया था। चार अन्य कंटेनर खोले गए जिनमें 50 करोड़ से ज्यादा की आर्टिफिशियल ज्वैलरी निकली है और करीब 5 करोड़ का स्टेराइड व सप्लीमेंट निकला है।
चोरी सामने आई तो भाग गया संचालक
केमिकल की आड़ में आए पटाखों की जांच के दौरान हाथ लगे प्रेस्टीज के एक संचालक को डीआरआई की टीम ने पकड़ा और आईसीडी पीथमपुर ले गई। यहां संचालक ने अपने काम को पाक साफ बताने के लिए पहले दो कंटेनर खुलवाए। इन कंटेनर में बिल के हिसाब से ही सामान था। इस पर उसने टीम पर अनावश्यक परेशान करने का आरोप तक मढ़ा। बाद में टीम ने जब तीसरा कंटेनर खोला तो सारी हेकड़ी निकल गई। पहले टीम मेंम्बर्स को मोटी रकम आॅफर की लेकिन जब दाल नहीं गली तो लघुशंका का बहाना करके फरार हो गया।
डीआरआई के निशाने पर आईसीडी
आयात-निर्यात के नाम पर कस्टम ड्यूटी पकड़ने की जिम्मेदारी कस्टम, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स विभाग की है। जिसका कार्यालय आईसीडी पीथमुपर में भी है। बावजूद इसके यहां आठ दिन में लगातार दूसरी बार मिस डिक्लेरेशन का केस उजागर कर डीआरआई की टीम ने न सिर्फ करोड़ों रुपए का सामान जब्त किया बल्कि करोड़ों की कस्टम ड्यूटी चोरी भी उजागर की। बताया जा रहा है कि लगातार सामने आई ड्यूटी चोरी के चलते डायरेक्टर जनरल (डीजी) जयंत मिश्रा ने आईसीडी पर अपनी टीम को पैनी निगाह रखने की हिदायत दी है।
पटाखों की गणना ही नहीं हो पाई
टीम ने 7 सितंबर को केमिकल की आड़ में आए पटाखों के आठ कंटेनर जब्त किए थे जिनकी गणना ही अब तक नहीं हो पाई है। पहले दिन दो कंटेनर खोले गए थे। दूसरे दिन एक। अब तक छह कंटेनर ही खोले गए हैं।
- पांच दिन में दूसरी कार्रवाई, 12 कंटेनर जब्त,
- बहुतायत में ज्वैलरी और स्टेराइड मिला
इंदौर. विनोद शर्मा ।
केमिकल की आड़ में आए पटाखों की अकाउंटिंग भी पूरी नहीं हुई थी कि डारेक्टर रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की टीम ने सोमवार को 12 कंटेनर और पकड़े। पटाखे लाने वाली दिल्ली की प्रेस्टीज पोलिमर प्रा.लि. के नाम से आए इन कंटेनर्स में केमिकल की आड़ में प्रतिबंधित आर्टिफिशियल ज्वैलरी और बॉडी बिल्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टेराइड्स और फूड सप्लीमेंट््स की खेप निकली है।
प्रिंसिपल एडिशनल डायरेक्टर जनरल (पीएडीजी), मुंबई अजीतकुमार सिंह के आॅफिस से मिली सूचना के आधार पर डीआरआई इंदौर ने आईसीडी पीथमपुर में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि 12 कंटेनर जब्त किए गए हैं जिनकी बिल्डिंग प्रेस्टीज के नाम से थी जो कि मुलत: दिल्ली की कंपनी है लेकिन एसईजेड-1 से ट्रेडिंग करती है। सीज किए गए 12 कंटेनर्स में से दो कंटेनर में ही वह सामान निकला जिसकी बिल बनकर आया था। चार अन्य कंटेनर खोले गए जिनमें 50 करोड़ से ज्यादा की आर्टिफिशियल ज्वैलरी निकली है और करीब 5 करोड़ का स्टेराइड व सप्लीमेंट निकला है।
चोरी सामने आई तो भाग गया संचालक
केमिकल की आड़ में आए पटाखों की जांच के दौरान हाथ लगे प्रेस्टीज के एक संचालक को डीआरआई की टीम ने पकड़ा और आईसीडी पीथमपुर ले गई। यहां संचालक ने अपने काम को पाक साफ बताने के लिए पहले दो कंटेनर खुलवाए। इन कंटेनर में बिल के हिसाब से ही सामान था। इस पर उसने टीम पर अनावश्यक परेशान करने का आरोप तक मढ़ा। बाद में टीम ने जब तीसरा कंटेनर खोला तो सारी हेकड़ी निकल गई। पहले टीम मेंम्बर्स को मोटी रकम आॅफर की लेकिन जब दाल नहीं गली तो लघुशंका का बहाना करके फरार हो गया।
डीआरआई के निशाने पर आईसीडी
आयात-निर्यात के नाम पर कस्टम ड्यूटी पकड़ने की जिम्मेदारी कस्टम, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स विभाग की है। जिसका कार्यालय आईसीडी पीथमुपर में भी है। बावजूद इसके यहां आठ दिन में लगातार दूसरी बार मिस डिक्लेरेशन का केस उजागर कर डीआरआई की टीम ने न सिर्फ करोड़ों रुपए का सामान जब्त किया बल्कि करोड़ों की कस्टम ड्यूटी चोरी भी उजागर की। बताया जा रहा है कि लगातार सामने आई ड्यूटी चोरी के चलते डायरेक्टर जनरल (डीजी) जयंत मिश्रा ने आईसीडी पर अपनी टीम को पैनी निगाह रखने की हिदायत दी है।
पटाखों की गणना ही नहीं हो पाई
टीम ने 7 सितंबर को केमिकल की आड़ में आए पटाखों के आठ कंटेनर जब्त किए थे जिनकी गणना ही अब तक नहीं हो पाई है। पहले दिन दो कंटेनर खोले गए थे। दूसरे दिन एक। अब तक छह कंटेनर ही खोले गए हैं।
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