- अवैध बेसमेंट में नियमों के विपरीत लगाए मरीजों के बेड
- संपत्तिकर की भी चोरी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
एअर सिलेंडर फटने से सोमवार रात जिस क्योरवेल हॉस्पिटल में हंगामा मच गया वह नींव से छत तक गड़बड़ियों का गढ़ है। तीन प्लॉटों को जोड़कर बनाए गए इस अस्पताल में अनुमति के विपरीत बेसमेंट बनाया गया जिसे जनरल वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यहां मरीजों को न प्राकृतिक हवा नसीब होती है। न ही रोशनी। ऊपरी हिस्सा भी भुल-भुलैया से कम नहीं है।
क्योरवेल हॉस्पिटल का अधिकृत पता 19/1 सी न्यू पलासिया है जबकि बिल्डिंग बनी है क्योरवेल हॉस्पिटल प्रा.लि. के प्लॉट नं. 19/1 सी और 19/बी के साथ ही 19/4/1 पर जो कि अभय, दिलीप, विमल पिता गेंदालाल सुराना के नाम है। इसमें प्लॉट नं. 19/4/1 में आईसीयू है जहां आईसीसीयू बना हुआ है। नियमानुसार प्लॉटों का संयुक्तिकरण प्रतिबंधित है। आईसीसीयू तक पहुंचने का रास्ता किसी भुल-भुलैया से कम नहीं है। अस्पताल की मुल बिल्डिंग से इस भवन के बीच की दूरी 50 फीट से ज्यादा है जिसे गलियारा बनाकर मूल भवन से जोड़ा गया है।
आवासीय प्लॉट, व्यावसायिक इस्तेमाल
56 को छोड़कर न्यू पलासिया का भू-उपयोग आवासीय रहा है। 1988-1990 के बीच जब यहां अस्पताल बना तब तक आसपास के प्लॉटों का इस्तेमाल आवासीय ही होता रहा। यहां 7657.62 वर्गफीट प्लॉट पर जी+3 बिल्डिंग मंजूर हुई थी। इसमें बेसमेंट का जिक्र नहीं था जहां सोमवार को ब्लॉस्ट हुआ। बेसमेंट से सटकर ही अस्पताल की केंटिन है। उससे लगी होटल वृंदावन की कॉर्न चौपाटी। नगर निगम के राजस्व विभाग के अनुसार बिल्डिंग को प्राइवेट हॉस्पिटल मानते हुए ही व्यावसायिक श्रेणी में रखकर संपत्तिकर लिया जा रहा है।
संपत्ति कर सिर्फ 10 फीसदी...
्रप्लॉट नं. 19/4/1 19/1 सी 19/1 बी कुल
ग्राउंड फ्लोर 849 924 924 2697
पहली मंजिल 849 2131 2131 5111
दूसरी मंजिल 849 1000 1000 2849
तीसरी मंजिल 355 924 924 2203
चौथी मंजिल 000 235 235 470
कुल 13330
मंजूरी से भी ज्यादा
7662 वर्गफीट पर एमओएस हजम करके 6130 वर्गफीट का ग्राउंड कवरेज किया है। इस पर नगर निगम ने करीब 10 हजार वर्गफीट निर्माण मंजूर किया था जबकि निर्माण हुआ है 22 हजार वर्गफीट से ज्यादा और संपत्ति कर चुकाया जा रहा है 13330 वर्गफीट का। समय-समय पर इसकी शिकायत भी होती रही है लेकिन मामला ठंडे बस्ते में ही रहा।
ऐसे बना है अस्पताल
1- मुख्य बिल्डिंग में बेसमेंट है जहां पुरुष और महिला जनरल वार्ड है जिनमें 8-8 बेड हैं।
मूल बिल्डिंग
ग्राउंड फ्लोर : यहां रिसेप्शन है, प्रशासनिक व चिकित्सकीय कक्ष हैं।
पहली मंजिल : आॅपरेशन थिएटर, डायलिसिस सेंटर, माइनर ओटी, वेटिंग हॉल, दूसरी मंजिल पर। ऊपरी फ्लोर पर अलग-अलग डिपार्टमेंट हैं। 23 प्राइवेट रूम है। सेमी डिलक्स में 6+5 बेड हैं। आईसीसीयू, आईसीयू सहित अन्य यूनिट में कुल 12 बेड और हैं। हॉस्पिटल कुल 62 बेड का है।
- पीछे 5 फीट की जगह छूटी है जहां गैस सिलेंडर रखे हुए हैं। जो कि बेसमेंट से लगी हुई जमीन है।
- डायलिसिस के सामने से गलियारा है जो आईसीसीयू जाता है।
----
हमारे पास मैदानी अमला कम है इसीलिए नियमित मॉनिटरिंग तो नहीं कर सकते लेकिन अब आकस्मिक जांच जरूर होगी।
डॉ. एस.पोरवाल, सीएमएचओ
- संपत्तिकर की भी चोरी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
एअर सिलेंडर फटने से सोमवार रात जिस क्योरवेल हॉस्पिटल में हंगामा मच गया वह नींव से छत तक गड़बड़ियों का गढ़ है। तीन प्लॉटों को जोड़कर बनाए गए इस अस्पताल में अनुमति के विपरीत बेसमेंट बनाया गया जिसे जनरल वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यहां मरीजों को न प्राकृतिक हवा नसीब होती है। न ही रोशनी। ऊपरी हिस्सा भी भुल-भुलैया से कम नहीं है।
क्योरवेल हॉस्पिटल का अधिकृत पता 19/1 सी न्यू पलासिया है जबकि बिल्डिंग बनी है क्योरवेल हॉस्पिटल प्रा.लि. के प्लॉट नं. 19/1 सी और 19/बी के साथ ही 19/4/1 पर जो कि अभय, दिलीप, विमल पिता गेंदालाल सुराना के नाम है। इसमें प्लॉट नं. 19/4/1 में आईसीयू है जहां आईसीसीयू बना हुआ है। नियमानुसार प्लॉटों का संयुक्तिकरण प्रतिबंधित है। आईसीसीयू तक पहुंचने का रास्ता किसी भुल-भुलैया से कम नहीं है। अस्पताल की मुल बिल्डिंग से इस भवन के बीच की दूरी 50 फीट से ज्यादा है जिसे गलियारा बनाकर मूल भवन से जोड़ा गया है।
आवासीय प्लॉट, व्यावसायिक इस्तेमाल
56 को छोड़कर न्यू पलासिया का भू-उपयोग आवासीय रहा है। 1988-1990 के बीच जब यहां अस्पताल बना तब तक आसपास के प्लॉटों का इस्तेमाल आवासीय ही होता रहा। यहां 7657.62 वर्गफीट प्लॉट पर जी+3 बिल्डिंग मंजूर हुई थी। इसमें बेसमेंट का जिक्र नहीं था जहां सोमवार को ब्लॉस्ट हुआ। बेसमेंट से सटकर ही अस्पताल की केंटिन है। उससे लगी होटल वृंदावन की कॉर्न चौपाटी। नगर निगम के राजस्व विभाग के अनुसार बिल्डिंग को प्राइवेट हॉस्पिटल मानते हुए ही व्यावसायिक श्रेणी में रखकर संपत्तिकर लिया जा रहा है।
संपत्ति कर सिर्फ 10 फीसदी...
्रप्लॉट नं. 19/4/1 19/1 सी 19/1 बी कुल
ग्राउंड फ्लोर 849 924 924 2697
पहली मंजिल 849 2131 2131 5111
दूसरी मंजिल 849 1000 1000 2849
तीसरी मंजिल 355 924 924 2203
चौथी मंजिल 000 235 235 470
कुल 13330
मंजूरी से भी ज्यादा
7662 वर्गफीट पर एमओएस हजम करके 6130 वर्गफीट का ग्राउंड कवरेज किया है। इस पर नगर निगम ने करीब 10 हजार वर्गफीट निर्माण मंजूर किया था जबकि निर्माण हुआ है 22 हजार वर्गफीट से ज्यादा और संपत्ति कर चुकाया जा रहा है 13330 वर्गफीट का। समय-समय पर इसकी शिकायत भी होती रही है लेकिन मामला ठंडे बस्ते में ही रहा।
ऐसे बना है अस्पताल
1- मुख्य बिल्डिंग में बेसमेंट है जहां पुरुष और महिला जनरल वार्ड है जिनमें 8-8 बेड हैं।
मूल बिल्डिंग
ग्राउंड फ्लोर : यहां रिसेप्शन है, प्रशासनिक व चिकित्सकीय कक्ष हैं।
पहली मंजिल : आॅपरेशन थिएटर, डायलिसिस सेंटर, माइनर ओटी, वेटिंग हॉल, दूसरी मंजिल पर। ऊपरी फ्लोर पर अलग-अलग डिपार्टमेंट हैं। 23 प्राइवेट रूम है। सेमी डिलक्स में 6+5 बेड हैं। आईसीसीयू, आईसीयू सहित अन्य यूनिट में कुल 12 बेड और हैं। हॉस्पिटल कुल 62 बेड का है।
- पीछे 5 फीट की जगह छूटी है जहां गैस सिलेंडर रखे हुए हैं। जो कि बेसमेंट से लगी हुई जमीन है।
- डायलिसिस के सामने से गलियारा है जो आईसीसीयू जाता है।
----
हमारे पास मैदानी अमला कम है इसीलिए नियमित मॉनिटरिंग तो नहीं कर सकते लेकिन अब आकस्मिक जांच जरूर होगी।
डॉ. एस.पोरवाल, सीएमएचओ
No comments:
Post a Comment