निगमायुक्त ने दिए ट्रूबा की जांच के आदेश
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
पंचायत की कथित अनुमतियां बताकर सागर इंस्टिट्यूट आॅफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के ट्रूबा कॉलेज में जो मनमाना निर्माण किया जा रहा है उसकी जांच के आदेश नगर निगम आयुक्त मनीष सिंह ने दे दिये हैं। सिंह ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक जांच न हो जाए तब तक मौके पर निर्माण नहीं होना चाहिए।
बायपास पर कैलोद करताल के सर्वे क्रमांक 286, 287, 288, 289 और 290 की 4.213 हेक्टेयर (452476.2 वर्गफीट) जमीन पर चल रहे ट्रूबा कॉलेज परिसर में मनमाना निर्माण हो रहा है। इसका खुलासा दबंग दुनिया ने 3 जनवरी को ‘निगम की अनुमति के बिना तान दिया ट्रूबा कॉलेज’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार में किया था। इसके बाद भी लगातार खबरें प्रकाशित की जिनके आधार पर नगर निगम आयुक्त मनीष सिंह ने ट्रूबा कॉलेज में जारी निर्माण की जांच के आदेश बिलावली जोन के अधिकारियों को दिए हैं।
काम शुरू न हो
सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि 2 जनवरी को ओडीएफ निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं व अवैध निर्माण के कारण बिल्डिंगों का जो काम रोका गया था वह आगे भी तब तक रूका रहे जब तक कि प्रबंधन अनुमतियां न बता दें। बताई जा रही अनुमतियों की भी जांच हो, वे जायज है भी या नहीं। इससे पहले निगम के अमले ने पंचनामा रिपोर्ट बनाकर कॉलेज परिसर में जारी काम रूकवा दिए थे।
ऐसी है अवैध निर्माण की कहानी
जनवरी 2005 में टीएंडसीपी ने नक्शा स्वीकृत करते हुए कॉलेज को 1.09लाख वर्गफीट निर्माण की अनुमति दी थी। इसके अलावा 85 हजार वर्गफीट निर्माण प्रस्तावित के रूप में मंजूर किया गया था। वहीं अब तक कॉलेज में 4.5 लाख वर्गफीट अवैध निर्माण हुआ है यानी मंजूरी से 2.5 लाख वर्गफीट ज्यादा। नियमानुसार इसकी कंपाउंडिंग भी नहीं हो सकती।
लगातार रखी नजर
तारिख शीर्षक से प्रकाशित समाचार
4 जनवरी ट्रूबा कॉलेज में 2.5 लाख वर्गफीट निर्माण अवैध
5 जनवरी पार्क की जमीन पर बना दिया होस्टल
6 जनवरी कॉलेज के सामने कर दिया पीछे से गुजर रहा एमआर-3
7 जनवरी ग्रीन बेल्ट की जमीन पर प्रशासनिक भवन
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
पंचायत की कथित अनुमतियां बताकर सागर इंस्टिट्यूट आॅफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के ट्रूबा कॉलेज में जो मनमाना निर्माण किया जा रहा है उसकी जांच के आदेश नगर निगम आयुक्त मनीष सिंह ने दे दिये हैं। सिंह ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक जांच न हो जाए तब तक मौके पर निर्माण नहीं होना चाहिए।
बायपास पर कैलोद करताल के सर्वे क्रमांक 286, 287, 288, 289 और 290 की 4.213 हेक्टेयर (452476.2 वर्गफीट) जमीन पर चल रहे ट्रूबा कॉलेज परिसर में मनमाना निर्माण हो रहा है। इसका खुलासा दबंग दुनिया ने 3 जनवरी को ‘निगम की अनुमति के बिना तान दिया ट्रूबा कॉलेज’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार में किया था। इसके बाद भी लगातार खबरें प्रकाशित की जिनके आधार पर नगर निगम आयुक्त मनीष सिंह ने ट्रूबा कॉलेज में जारी निर्माण की जांच के आदेश बिलावली जोन के अधिकारियों को दिए हैं।
काम शुरू न हो
सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि 2 जनवरी को ओडीएफ निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं व अवैध निर्माण के कारण बिल्डिंगों का जो काम रोका गया था वह आगे भी तब तक रूका रहे जब तक कि प्रबंधन अनुमतियां न बता दें। बताई जा रही अनुमतियों की भी जांच हो, वे जायज है भी या नहीं। इससे पहले निगम के अमले ने पंचनामा रिपोर्ट बनाकर कॉलेज परिसर में जारी काम रूकवा दिए थे।
ऐसी है अवैध निर्माण की कहानी
जनवरी 2005 में टीएंडसीपी ने नक्शा स्वीकृत करते हुए कॉलेज को 1.09लाख वर्गफीट निर्माण की अनुमति दी थी। इसके अलावा 85 हजार वर्गफीट निर्माण प्रस्तावित के रूप में मंजूर किया गया था। वहीं अब तक कॉलेज में 4.5 लाख वर्गफीट अवैध निर्माण हुआ है यानी मंजूरी से 2.5 लाख वर्गफीट ज्यादा। नियमानुसार इसकी कंपाउंडिंग भी नहीं हो सकती।
लगातार रखी नजर
तारिख शीर्षक से प्रकाशित समाचार
4 जनवरी ट्रूबा कॉलेज में 2.5 लाख वर्गफीट निर्माण अवैध
5 जनवरी पार्क की जमीन पर बना दिया होस्टल
6 जनवरी कॉलेज के सामने कर दिया पीछे से गुजर रहा एमआर-3
7 जनवरी ग्रीन बेल्ट की जमीन पर प्रशासनिक भवन
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