बिहाड़िया पंचायत की शिकायत के दो महीने बाद भी सोनकर बंधु बेखौफ काट रहे हैं कॉलोनी
पंचायत कहती है साहब ही नहीं सुने, तो हम क्या करें
इंदौर. विनोद शर्मा ।
जब अवैध कॉलोनी कटना शुरू ही हुई थी कि हमने लिखित में कलेक्टर पी.नरहरि को शिकायत की। उन्होंने पर्सनल डायरी में डिटेल नोट की। हमने कहा भी था कि साहब कार्रवाई डायरी में ही तो दबकर नहीं रह जाएगी। इस पर कलेक्टर ने कहा था कि प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करेंगे, इसीलिए डायरी में नोट किया है। फिर भी दो महीने हो चुके हैं कॉलोनी कटते-कटते। प्लॉट बिकते-बिकते। कलेक्टर तो दूर पटवारी तक ने मौके पर जाकर नहीं देखा कि कॉलोनी अनुमति से कट रही है या बिना अनुमति से।
यह कहना है विकास सोनकर, कमल सोनकर और सुंदरलाल मालवीय की अवैध कॉलोनी की मुखालफत करने वाले बिहाड़िया पंचायत के पदाधिकारियों का। कॉलोनी कटती रही, आप देखते रहे? सवाल के जवाब में पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि कॉलानी का काम रूकवाना हमारे हाथ में नहीं है। कलेक्टर को लिखित शिकायत कर सकते थे, सो हमने की। अब कलेक्टर ही कार्रवाई नहीं करें तो अब हम किसके पास जाएं? और क्यों? हम ही सब कर लें तो पटवारी, आरआई और एसडीएम जैसा मैदानी अमला क्या करेगा।
कॉलोनी विस्तार की तैयारी
तकरीबन ढ़ाई एकड़ जमीन पर 168 प्लॉटों में से 80 फीसदी प्लॉट बेच चुकी भू-माफिया तिकड़ी अब कॉलोनी के विस्तार की तैयारी में है। इसके लिए जहां पीछे की तरफ सर्वे नं. 230/1 की जमीन खत्म हो रही वहां सर्वे नं. 231 और 225 की जमीन का अनुबंध करके कॉलोनी काटने की फिराक में है। बताया जा रहा है कि यहां करीब सौ प्लॉट निकलेंगे।
बिजली कहां से लाएंगे? खम्बे लगाएंगे न
कॉलोनी में अब तक मुरम की रोड बिछाई गई है। इसके अलावा व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। बिजली के सवाल पर सोनकर एंड टीम कहती है कि बिजली के खम्बे लगाएंगे। कब? जवाब मिलता है रजिस्ट्री कराओ और मीटर के लिए आवेदन कर दो। जब मीटर बढ़ जाएंगे तो आॅटोमेटिक बिजली कंपनी को खम्बे लगाना पड़ेंगे। कुछ ऐसा ही जवाब मिलता है पीने के पानी की व्यवस्था के नाम पर। कहते हैं आसपास खेतों में बोरिंग है ही किसी से टायअप करके लाइन डाल देंगे।
सरकारी अमले को तो जानकारी ही नहीं
बायपास (नायता मुंडला चौराहे) से बिहाड़िया 4 किलोमीटर दूर है। 3.5 किलोमीटर पर कॉलोनी कट रही है लेकिन पटवारी से लेकर एसडीएम तक मैदानी अमले में किसी की नजर कॉलोनी पर नहीं पड़ी। दो महीने में 168 प्लॉट की कॉलोनी में 140 प्लॉट बिकने तक यह कैसे संभव है? इसके दो ही मतलब है अधिकारी बिहाड़िया जैसे नजदीकी गांव में ही मौके पर नहीं जाते हैं या फिर कॉलोनी तो देख ली लेकिन उसे अनदेखा करने की फीस मिल गई हो।
आप ने जानकारी दी है, मैं दिखवाती हूं
पंचायत पदाधिकारियों ने शिकायत की होगी लेकिन मुझे मामले की जानकारी नहीं है। अब मामला संज्ञान में आया है हम आवश्यकतानुसार कार्रवाई करेंगे।
शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम
मुझे जानकारी नहीं है। मौका व दस्तावेज देखकर ही कुछ कह पाऊंगी।
श्रृद्धा पंचौली, पटवारी
हम सिर्फ शिकायत कर सकते हैं
पंचायत के पंचों ने सामुहिक रूप से कॉलोनी की शिकायत कलेक्टर पी.नरहरी को की थी। दो महीने हो चुके हैं। कॉलोनी में बिक रहे प्लॉट को देखकर नहीं लगता कि अब तक कार्रवाई हुई होगी।
जगदीश यादव, सरपंच
पंचायत कहती है साहब ही नहीं सुने, तो हम क्या करें
इंदौर. विनोद शर्मा ।
जब अवैध कॉलोनी कटना शुरू ही हुई थी कि हमने लिखित में कलेक्टर पी.नरहरि को शिकायत की। उन्होंने पर्सनल डायरी में डिटेल नोट की। हमने कहा भी था कि साहब कार्रवाई डायरी में ही तो दबकर नहीं रह जाएगी। इस पर कलेक्टर ने कहा था कि प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करेंगे, इसीलिए डायरी में नोट किया है। फिर भी दो महीने हो चुके हैं कॉलोनी कटते-कटते। प्लॉट बिकते-बिकते। कलेक्टर तो दूर पटवारी तक ने मौके पर जाकर नहीं देखा कि कॉलोनी अनुमति से कट रही है या बिना अनुमति से।
यह कहना है विकास सोनकर, कमल सोनकर और सुंदरलाल मालवीय की अवैध कॉलोनी की मुखालफत करने वाले बिहाड़िया पंचायत के पदाधिकारियों का। कॉलोनी कटती रही, आप देखते रहे? सवाल के जवाब में पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि कॉलानी का काम रूकवाना हमारे हाथ में नहीं है। कलेक्टर को लिखित शिकायत कर सकते थे, सो हमने की। अब कलेक्टर ही कार्रवाई नहीं करें तो अब हम किसके पास जाएं? और क्यों? हम ही सब कर लें तो पटवारी, आरआई और एसडीएम जैसा मैदानी अमला क्या करेगा।
कॉलोनी विस्तार की तैयारी
तकरीबन ढ़ाई एकड़ जमीन पर 168 प्लॉटों में से 80 फीसदी प्लॉट बेच चुकी भू-माफिया तिकड़ी अब कॉलोनी के विस्तार की तैयारी में है। इसके लिए जहां पीछे की तरफ सर्वे नं. 230/1 की जमीन खत्म हो रही वहां सर्वे नं. 231 और 225 की जमीन का अनुबंध करके कॉलोनी काटने की फिराक में है। बताया जा रहा है कि यहां करीब सौ प्लॉट निकलेंगे।
बिजली कहां से लाएंगे? खम्बे लगाएंगे न
कॉलोनी में अब तक मुरम की रोड बिछाई गई है। इसके अलावा व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। बिजली के सवाल पर सोनकर एंड टीम कहती है कि बिजली के खम्बे लगाएंगे। कब? जवाब मिलता है रजिस्ट्री कराओ और मीटर के लिए आवेदन कर दो। जब मीटर बढ़ जाएंगे तो आॅटोमेटिक बिजली कंपनी को खम्बे लगाना पड़ेंगे। कुछ ऐसा ही जवाब मिलता है पीने के पानी की व्यवस्था के नाम पर। कहते हैं आसपास खेतों में बोरिंग है ही किसी से टायअप करके लाइन डाल देंगे।
सरकारी अमले को तो जानकारी ही नहीं
बायपास (नायता मुंडला चौराहे) से बिहाड़िया 4 किलोमीटर दूर है। 3.5 किलोमीटर पर कॉलोनी कट रही है लेकिन पटवारी से लेकर एसडीएम तक मैदानी अमले में किसी की नजर कॉलोनी पर नहीं पड़ी। दो महीने में 168 प्लॉट की कॉलोनी में 140 प्लॉट बिकने तक यह कैसे संभव है? इसके दो ही मतलब है अधिकारी बिहाड़िया जैसे नजदीकी गांव में ही मौके पर नहीं जाते हैं या फिर कॉलोनी तो देख ली लेकिन उसे अनदेखा करने की फीस मिल गई हो।
आप ने जानकारी दी है, मैं दिखवाती हूं
पंचायत पदाधिकारियों ने शिकायत की होगी लेकिन मुझे मामले की जानकारी नहीं है। अब मामला संज्ञान में आया है हम आवश्यकतानुसार कार्रवाई करेंगे।
शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम
मुझे जानकारी नहीं है। मौका व दस्तावेज देखकर ही कुछ कह पाऊंगी।
श्रृद्धा पंचौली, पटवारी
हम सिर्फ शिकायत कर सकते हैं
पंचायत के पंचों ने सामुहिक रूप से कॉलोनी की शिकायत कलेक्टर पी.नरहरी को की थी। दो महीने हो चुके हैं। कॉलोनी में बिक रहे प्लॉट को देखकर नहीं लगता कि अब तक कार्रवाई हुई होगी।
जगदीश यादव, सरपंच
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