28 एकड़ जमीन के साथ विभिन्न कंपनियों के शेयर भी
अब क 132 करोड़ का अटैचमेंट
इंदौर. चीफ रिपोर्टर।
बैंक गारंटी के नाम पर 25 बैंकों को 2600 करोड़ की चपत लगाने वाली इंदौर की जूम डेवलपर्स प्रा.लि. की करीब 32 करोड़ रुपए संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीज कर ली है। इसमें जमीन से लेकर अलग-अलग कंपनियों में जूम या उसके डायरेक्टर विजय चौधरी के नाम पर खरीदे गए शेयर भी शामिल हैं। अब तक ईडी कंपनी की 132 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुका है जिसकी बाजार कीमत 1500 करोड़ से ज्यादा है।
सीबीआई द्वारा मामला सौंपे जाने के बाद से ईडी जूम डेवलपर्स के खिलाफ प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत जांच कर रहा है। आरोप है कि इस कम्पनी ने अलग-अलग परियोजनाओं के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के बूते सरकारी क्षेत्र के 25 बैंकों से करीब 2650 करोड़ रुपए का कर्ज और बैंक गारंटी हासिल की थी। बाद में मंदी की आड़ लेकर गारंटी केश करवा ली। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने मंगलवार को 32 करोड़ की संपत्ति अटैच की।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई संपत्ति में बेंगलुरू, इंदौर, मुंबई और रायगढ़ (महाराष्ट्र) में कुल 23.80 एकड़ जमीन, अलग-अलग कम्पनियों में उसके शेयर और कुछ अन्य निवेश कुर्क किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्की के इस अंतरिम आदेश की पुष्टि के लिए ईडी अब अपीलीय न्यायाधीकरण के सामने अपनी शिकायत पेश करेगा।
आरोप
जूम डेवलपर्स पर आरोप है कि उसने कर्जदाता भारतीय बैंकों के साथ धोखाधड़ी करते हुए इस रकम को संबंधित परियोजनाओं पर खर्च करने के बजाय अपनी अलग-अलग इकाइयों में लगा दिया और बैंकों का ऋण भी नहीं चुकाया।
अब तक हुई कार्रवाई
ईडी ने जुलाई 2015 में कंपनी की 200 करोड़ की संपत्ति सीज की थी। इसमें 130 एकड़ जमीन छोटा बांगड़दा में, 40 हजार वर्गफीट जमीन मुंबई में और केरला में जूम कंपनी की केरला इंडस्ट्रियल फायनेंस कॉर्पोरेशन शामिल है। जुलाई 2015 में ही ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जूम की कैलिफोर्निया स्थित 1280 एकड़ जमीन जब्त की। दस्तावेजों के हिसाब से जब्त की गई संपत्ति की कीमत 100 करोड़ है।
घपला : सीबीआई ने कहा 967, ईडी कहता है 2500 करोड़
चौकाने वाली बात यह है कि जूम के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज कर चुकी सीबीआई ने अपनी छानबीन में पाया था कि जूम ने बैंकों के साथ 967 करोड़ की ही धोखाधड़ी की है। वहीं तीन साल की अपनी जांच में ईडी ने पाया कि मामला 2500 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का है। मतलब ईडी और सीबीआई के आंकड़ों के बीच अंतर सीधे 1533 करोड़ का है। वहीं सीबीआई अब तक जूम के डायरेक्टर विजय चौधरी और मंजरी चौधरी में से किसी को भी पकड़ नहीं पाई है।
अब क 132 करोड़ का अटैचमेंट
इंदौर. चीफ रिपोर्टर।
बैंक गारंटी के नाम पर 25 बैंकों को 2600 करोड़ की चपत लगाने वाली इंदौर की जूम डेवलपर्स प्रा.लि. की करीब 32 करोड़ रुपए संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीज कर ली है। इसमें जमीन से लेकर अलग-अलग कंपनियों में जूम या उसके डायरेक्टर विजय चौधरी के नाम पर खरीदे गए शेयर भी शामिल हैं। अब तक ईडी कंपनी की 132 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुका है जिसकी बाजार कीमत 1500 करोड़ से ज्यादा है।
सीबीआई द्वारा मामला सौंपे जाने के बाद से ईडी जूम डेवलपर्स के खिलाफ प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत जांच कर रहा है। आरोप है कि इस कम्पनी ने अलग-अलग परियोजनाओं के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के बूते सरकारी क्षेत्र के 25 बैंकों से करीब 2650 करोड़ रुपए का कर्ज और बैंक गारंटी हासिल की थी। बाद में मंदी की आड़ लेकर गारंटी केश करवा ली। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने मंगलवार को 32 करोड़ की संपत्ति अटैच की।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई संपत्ति में बेंगलुरू, इंदौर, मुंबई और रायगढ़ (महाराष्ट्र) में कुल 23.80 एकड़ जमीन, अलग-अलग कम्पनियों में उसके शेयर और कुछ अन्य निवेश कुर्क किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्की के इस अंतरिम आदेश की पुष्टि के लिए ईडी अब अपीलीय न्यायाधीकरण के सामने अपनी शिकायत पेश करेगा।
आरोप
जूम डेवलपर्स पर आरोप है कि उसने कर्जदाता भारतीय बैंकों के साथ धोखाधड़ी करते हुए इस रकम को संबंधित परियोजनाओं पर खर्च करने के बजाय अपनी अलग-अलग इकाइयों में लगा दिया और बैंकों का ऋण भी नहीं चुकाया।
अब तक हुई कार्रवाई
ईडी ने जुलाई 2015 में कंपनी की 200 करोड़ की संपत्ति सीज की थी। इसमें 130 एकड़ जमीन छोटा बांगड़दा में, 40 हजार वर्गफीट जमीन मुंबई में और केरला में जूम कंपनी की केरला इंडस्ट्रियल फायनेंस कॉर्पोरेशन शामिल है। जुलाई 2015 में ही ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जूम की कैलिफोर्निया स्थित 1280 एकड़ जमीन जब्त की। दस्तावेजों के हिसाब से जब्त की गई संपत्ति की कीमत 100 करोड़ है।
घपला : सीबीआई ने कहा 967, ईडी कहता है 2500 करोड़
चौकाने वाली बात यह है कि जूम के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज कर चुकी सीबीआई ने अपनी छानबीन में पाया था कि जूम ने बैंकों के साथ 967 करोड़ की ही धोखाधड़ी की है। वहीं तीन साल की अपनी जांच में ईडी ने पाया कि मामला 2500 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का है। मतलब ईडी और सीबीआई के आंकड़ों के बीच अंतर सीधे 1533 करोड़ का है। वहीं सीबीआई अब तक जूम के डायरेक्टर विजय चौधरी और मंजरी चौधरी में से किसी को भी पकड़ नहीं पाई है।
No comments:
Post a Comment