- स्थान चयन बना चुनौती
कहीं कंपनी का परहेज, कहीं क्षेत्रवासियों का ऐतराज तो कहीं कोर्ट की कड़ी फटकार
इंदौर, सिटी रिपोर्टर ।
बीओटी सड़क बनाकर टोल वसूली ठेकेदारों के लिए जहां कमाई का बढ़ा जरिया बन चुका है वहीं इंदौर-खलघाट फोरलेन पर दूसरी टोल प्लाजा के लिए स्थल चयन ने नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की नींद उड़ा रखी है। "्रामीणों और ट्रक ऑपरेटरों के विवादों के बीच उलझा एनएचएआई सड़क बनने के सालभर बाद भी दूसरी टोल प्लाजा के लिए स्थान तय नहीं कर पाया। हालात यह है कि टोल प्लाजा के लिए एनएच जिस भी "ांव का नाम आ"े बढ़ाता है वहीं के रहवासी मुखालफत शुरू कर देते हैं।
इंदौर-खलघाट रोड पर सालभर से एक टोल प्लाजा से एकमुश्त वसूली करने वाले एनएच ने हाईकोर्ट की कड़ी हिदायत के बाद नए सिरे से दूसरी टोल प्लाजा के लिए जमीन तलाशना शुरू कर दी है। इसके लिए दो "ांव चुने भी "ए। सोनवाय और पि"डम्बर। टोल प्लाजा से पहले महू की ओर निकले रास्ते (तकनीकी भाषा में इसे ट्रेफिक लीकेज कहते हैं) ने सोनवाय की संभावनाएं कम कर दी। फिर विकल्प के रूप में बचा पि"डम्बर। यहां एनएच पहुंचता इससे पहले ही एकजूट हुए "्रामीण-किसान संघ ने टोल के विरोध में मैदान संभाल लिया। उनका कहना है कि रोजाना महू से इंदौर आने वाले हजारों रहवासियों, कृषकों और व्यापारियों की जेब पर मात्र एक किमी के कारण लूट का षड्यंत्र है। टोल का विरोध नहीं है, लेकिन टोल प्लाजा अधिकृत की "ई जमीन पर ही बने। टोल प्लाजा के लिए जमीन महाराणा प्रताप ओवरब्रिज के नजदीक "्राम सोनवाय में अधि"ृहित की "ई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि "्रामीणों के विरोध के बीच आखिर दूसरी टोल प्लाजा कब तक, कैसे और कहां बने"ी?
जवाब में एनएच के अधिकारी कहते हैं हाई कोर्ट के निर्देशानुसार हमें जल्द से जल्द दूसरी टोल प्लाजा बनाकर देना है। रहा सवाल लो"ों के विरोध का तो करोड़ों रुपया ल"ाकर सड़क बनाने वाली कोई भी कंपनी नहीं चाहे"ी कि टोल ऐसी ज"ह हो जहां ट्रेफिक लीकेज का फायदा उठाकर लो" बच निकले और वह हाथ पर हाथ रखे "ाडिय़ों का रास्ता देखती रहे। वैसे भी एनएचएआई और कंपनी के बीच जो अनुबंध हुआ है उसमें स्पष्ट लिखा है कि यदि कंपनी की रुचि सोनवाय में नहीं है तो वह पि"डम्बर में टोल प्लाजा बना सकता है।
ये हो सकता है बीच का रास्ता
--- चूंकि जमीन अधि"्रहित की जा चुकी है। इसीलिए टोल सोनवाय में बने।
--- टोल प्लाजा सोनवाय में ल"े और महू की ओर जाने वाले रास्ते पर बाहरी ट्रकों का प्रवेश प्रतिबंधित हो जाए।
--- यदि पि"डम्बर में टोल प्लाजा बने तो स्थानीय (आसपास के "्रामीणों) लो"ों की आवाजाही वसूलीमुक्त रहे। जैसी एमआर-10 ब्रिज बनाने वाली कंपनी ने सुखलिया "्राम-खातीपुरा और कुम्हेड़ी के किसानों को सुविधा दे रखी है।
ताई बोली : सोनवाय में ल"े टोल
रविवार को "्रामीणों द्वारा किए "ए विरोध का समर्थन सोमवार को सांसद सुमित्रा महाजन ने भी किया। महाजन ने कलेक्टर राघवेंद्रसिंह से हुई बातचीत में कहा जब जमीन अधि"्रहित की जा चुकी है तो सोनवाय में टोल प्लाजा बनाएं, पि"डम्बर में नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि महू-इंदौर के बीच बड़ी तादाद में लो" आते-जाते हैं। ऐसे में पि"डम्बर में टोल ल"ाकर उनसे वसूली जायज नहीं।
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