Wednesday, July 29, 2015

फोरलेन से महं"ी, मप्र की टू-लेन सड़कें



- ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का सरकारी फंडा
-- देवास-भोपाल फोरलेन से 1.29 रु/किलोमीटर महं"ी है इंदौर-एदलाबाद टू-लेन रोड
इंदौर, सिटी रिपोर्टर ।
नेशनल हाई-वे एक्ट 1956 के तहत यदि फोरलेन सड़क पर 100 रुपए टोल वसूला जाता है तो टू-लेन रोड पर टोल वसूली 60 रुपए हो"ी। यानी अंतर 40 फीसदी का। बात मप्र की करें तो यहां स्थिति उलटी है। ठेकेदारों को मुनाफा पहुंचाने का मनसुबा बनाकर बैठी मप्र सरकार फोरलेन के मुकाबले टू-लेन सड़कों पर 'यादा टोल वसूली की छूट दे चुकी है। इसका बड़ा उदाहरण है इंदौर-एदलाबाद टू-लेन रोड जहां ट्रकों से 2.54 रु/किलोमीटर की दर से टोल वसूला जा रहा है जो नवनिर्मित देवास-भोपाल फोरलेन के मुकाबले 1.45 रु/किलोमीटर 'यादा है।
    मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से प्राप्त आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो 203 किलोमीटर लंबे इंदौर-एदलाबाद रोड पर अशोका बिल्डकॉन-विवा हाई-वे संयुक्त रूप से सामान्य ट्रकों से 517 रुपए टोल वसूल रही हैं। यानी हर किलोमीटर का 2.54 रुपया। इसी तरह उ'जैन से आ"र होते हुए झालावाड़ (राजस्थान) तक 134 किलोमीटर लंबा सफर तय करने वाले ट्रकों को 2.57 रु/किलोमीटर की दर से 345 रुपए देना पड़ रहे हैं।
वहीं 148 किलीमीटर लंबे नवनिर्मित देवास-फोरलेन पर चलने के लिए सामान्य ट्रक वालों को चलने के लिए 185 रुपए टोल शुल्क चुकाना पड़ता है। यानी औसत 1.25 रु/किलोमीटर। यदि किलोमीटरवार निकाले "ए इन आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो देवास-भोपाल फोरलेन के मुकाबले इंदौर-एदलाबाद रोड पर चलने के लिए 1.29 रु/किलोमीटर 'यादा देना पड़ रहे हैं। यानी फोरलेन के मुकाबले टू-लेन का सफर 'यादा महं"ा है।
किलोमीटरवार होती है वसूली
एमपीआरडीसी के कर्ताधर्ता कहते हैं एनएच फोरलेन और टू-लेन के बीच वसूली का अंतर रखता है लेकिन कॉर्पोरेशन पर ये नियम ला"ू नहीं होते। दोनों सड़कों पर टोल-वसूली का रेट किलोमीटर के आधार पर तय किया जाता है।
जैसी सहुलियत, वैसी हो वसूली
बड़वाह निवासी कमलकिशोर शर्मा ने बताया देवास-भोपाल जैसी रोड बनाकर वैसी वसूली करें हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन ब"ैर फोरलेन रोड बनाए उसके आधार पर वसूली बर्दाश्त नहीं होती।
बिलावली निवासी घनश्याम वर्मा ने बताया केंद्र की तरह वेतन-भत्ता मां"ने वाले पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सड़क निर्माण-टोल वसूली के मामले में रा'य के अल" मापदंड लेकर क्यों बैठ जाते हैं। समझ नहीं आता।
"्रेटर वैशालीन"र निवासी जितेंद्र जा"ीरदार का कहना है कि ये पीडब्ल्यूडी का ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का फंडा है। यदि फोरलेन की दरों पर दो-लेन पर ठेकेदारों को कमाने को मिले"ा तो वे फोरलेन क्यों बनाएं"े।
दोनों सड़कों में अंतर
----टू-लेन सड़कों की चौड़ाई 6 से बमुश्किल 7 मीटर तक होती है जबकि फोरलेन की चौड़ाई 22 से 25 मीटर तक रहती है।
----कुल मिलाकर दो-लेन के मुकाबले दो "ुनी रोड।
----दो-लेन की ला"त फोरलेन के मुकाबले आधी आती है।
----दो-लेन के मुकाबले फोरलेन रोड 'यादा सुरक्षित है।
----फोरलेन में डिवाइडर भी होते हैं लेकिन दो-लेन पर डिवाइडर नहीं बनाए जा सकते।
----पुल-पुलियाओं की ला"त का अंतर भी दो"ुना तक का।


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