एनएचएआई और एमपीआरडीसी से महं"ी है नि"म की सड़कें, उम्र कम
इंदौर, विनोद शर्मा ।
ला"त के नाम पर मनमाना दाम वसूलने के बाद भी न"र नि"म के अधिकारी और ठेकेदार "ुणवत्ता से समझौता करके घटिया सड़कें बना रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो न"र नि"म एक किलोमीटर लंबी सड़क के रिनुअल पर जितना रुपया खर्च करता है उतने में नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) तीन किलोमीटर लंबी सड़कों की सूरत संवार देता है। निर्माण भी ऐसा की सड़कें दावें से 'यादा चलें। कम नहीं। जबकि तीन साल के दावों के साथ बनाई जाने वाली नि"म की सड़कें सालभर तो दूर छह महीनों में जवाब दे जाती हैं।
इंदौर-बैतूल (एनएच-59ए) के 38 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए 92 लाख रुपए प्रति किलोमीटर की दर से 35 करोड़ के टेंडर निकाले "ए हैं। इससे पहले 2009 में लोक निर्माण विभा" की नेशनल हाई-वे शाखा ने इंदौर से देवास फोरलेन (सेंटर प्वाईंट मां"लिया से देवास) के 17 किलोमीटर लंबे हिस्से का रिनुअल 47 लाख रुपए प्रति किलोमीटर (टू-लेन 23 लाख रुपए) की दर से आठ करोड़ में कराया था। अब बात करते हैं न"र नि"म इंदौर की। यहां जिम्मेदारों ने ला"त के नाम पर ठेकेदारों के लिए खजाने के मुंह खोल दिए हैं। हालांकि कमीशनबाजी के चक्कर में नि"म के नुमाइंदे "ुणवत्ता से "ुरेज नहीं रखते। इसका उदाहरण है नवंबर 2009 से मार्च 2010 के बीच नि"म द्वारा कराया "या रिनुअल। रिनुअल की ला"त कहीं 30 तो कहीं 60 लाख रुपए प्रति किलोमीटर तक वसूली "ई जो जरूरत से कहीं 'यादा है। हालात यह है कि पंचकुइया से अंतिम चौराहे के बीच 400 मीटर लंबी सड़क 44.98 लाख में बनाई "ई। रेलवे स्टेशन-खातीपुरा बमुश्किल 600 मीटर रोड पर 55 लाख रुपए फुंक डाले।
मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन(एमपीआरडीसी) की सड़कें और उनकी ला"त
शिवपुरी-श्योपुर-राजस्थान बॉर्डर
लंबाई- 142 किलोमीटर
ला"त- 114.66 करोड़
औसत- 80 लाख रुपए/किलोमीटर
होशं"ाबाद-नर्सूला"ंज-खाते"ांव
लंबाई- 87.40 किलोमीटर
ला"त- 77.45 लाख
औसत- 88 लाख/किलोमीटर
बालाघाट-नैनपुर
लंबाई- 80.60 किलोमीटर
ला"त- 72.29 लाख
औसत- 89 लाख/किलोमीटर
इंदौर न"र नि"म
ये आंखों में धूल नहीं तो क्या है
पंचकुइया से अंतिम चौराहा
लंबाई- 400 मीटर
ला"त- 44.98 लाख
औसत- 1.45 करोड़/किलोमीटर
एमवायएच से व्हाईट चर्च
लंबाई- 600 मीटर
ला"त- 34.17 लाख
औसत- 56.95 लाख/किलोमीटर
स्टेशन से खातीपुरा
लंबाई- 500 मीटर
ला"त- 55.71 लाख
औसत- 1.11 करोड़/किलोमीटर
रावजीबाजार थाना से जबरन कॉलोनी
लंबाई-400 मीटर
ला"त- 13.28 लाख
औसत- 33.20 लाख/किलोमीटर
हरसिद्धि से जवाहरमार्"
लंबाई-500 मीटर
ला"त- 20 लाख
औसत- 40 लाख/किलोमीटर
सड़कों में अंतर और भी..
एनएचएआई या एमपीआरडीसी :-
--- क"ाी जमीन पर नए सिरे से सड़कें बनाते हैं। इसके लिए खेतों में खुदाई करके न सिर्फ भराव किया जाता है बल्कि चार से छह फीट ऊंचा बेस तैयार करके बनाई जाती है सड़क।
--- जमीनों का अधि"्रहण भी शामिल।
--- पुल-पुलियाओं का निर्माण भी।
--- पहाड़ों और चट्टानों की खुदाई भी।
--- सतत नि"रानी।
--- खंडवा रोड और इंदौर-देवास फोरलेन बड़े उदाहरण जिन्हें बने को 10 साल हो "ए।
न"र नि"म :-
-- तकरीबन 95 फीसदी काम पहले से बनी-बनाई सड़कों पर होता है।
-- न जमीनों का अधि"्रहण करना पड़ता है न पहाड़ तोडऩा पड़ते हैं।
-- हल्की-फुल्की छिलाई के बाद बेस बिछाकर कर देते हैं फिनिशिं"।
-- पुल-पुलियाओं की ला"त अल" से।
-- अमले की कमी बताकर टाल दी जाती है नि"रानी।
-- साल-डेढ़ साल में सड़कें बोल जाती हैं।
"णित तो यह भी समझ से बाहर
--- अटल द्वार से नारायण कोठी- 1.32 किलोमीटर लंबी सड़क 61.76 लाख में बनती है जबकि चिडिय़ाघर से मुसाखेड़ी होते हुए रिं" रोड के बीच 3.02 किलोमीटर लंबी रोड पर 81.48 लाख रुपए में बनी।
--- "ांधीहॉल से पत्थर"ोदाम के बीच 800 मीटर लंबी सड़क 45.50 लाख में बनी जबकि सेंट पॉल से नवरतन बा" के लिए तकरीबन इतनी ही लंबी सड़क 15.49 लाख में बन "ई।
--- री"ल से खजूरी बाजार 1.70 किलोमीटर सड़क के लिए पी.डी.अ"्रवाल को 1.14 करोड़ रुपए दिए जबकि खजूरी बाजार से बड़ा "णपति के बीच 1.30 किलोमीटर लंबी सड़क आईटीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर से 45.90 लाख में बनवाई "ई। अंतर सीधे दो"ुना।
इंदौर, विनोद शर्मा ।
ला"त के नाम पर मनमाना दाम वसूलने के बाद भी न"र नि"म के अधिकारी और ठेकेदार "ुणवत्ता से समझौता करके घटिया सड़कें बना रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो न"र नि"म एक किलोमीटर लंबी सड़क के रिनुअल पर जितना रुपया खर्च करता है उतने में नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) तीन किलोमीटर लंबी सड़कों की सूरत संवार देता है। निर्माण भी ऐसा की सड़कें दावें से 'यादा चलें। कम नहीं। जबकि तीन साल के दावों के साथ बनाई जाने वाली नि"म की सड़कें सालभर तो दूर छह महीनों में जवाब दे जाती हैं।
इंदौर-बैतूल (एनएच-59ए) के 38 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए 92 लाख रुपए प्रति किलोमीटर की दर से 35 करोड़ के टेंडर निकाले "ए हैं। इससे पहले 2009 में लोक निर्माण विभा" की नेशनल हाई-वे शाखा ने इंदौर से देवास फोरलेन (सेंटर प्वाईंट मां"लिया से देवास) के 17 किलोमीटर लंबे हिस्से का रिनुअल 47 लाख रुपए प्रति किलोमीटर (टू-लेन 23 लाख रुपए) की दर से आठ करोड़ में कराया था। अब बात करते हैं न"र नि"म इंदौर की। यहां जिम्मेदारों ने ला"त के नाम पर ठेकेदारों के लिए खजाने के मुंह खोल दिए हैं। हालांकि कमीशनबाजी के चक्कर में नि"म के नुमाइंदे "ुणवत्ता से "ुरेज नहीं रखते। इसका उदाहरण है नवंबर 2009 से मार्च 2010 के बीच नि"म द्वारा कराया "या रिनुअल। रिनुअल की ला"त कहीं 30 तो कहीं 60 लाख रुपए प्रति किलोमीटर तक वसूली "ई जो जरूरत से कहीं 'यादा है। हालात यह है कि पंचकुइया से अंतिम चौराहे के बीच 400 मीटर लंबी सड़क 44.98 लाख में बनाई "ई। रेलवे स्टेशन-खातीपुरा बमुश्किल 600 मीटर रोड पर 55 लाख रुपए फुंक डाले।
मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन(एमपीआरडीसी) की सड़कें और उनकी ला"त
शिवपुरी-श्योपुर-राजस्थान बॉर्डर
लंबाई- 142 किलोमीटर
ला"त- 114.66 करोड़
औसत- 80 लाख रुपए/किलोमीटर
होशं"ाबाद-नर्सूला"ंज-खाते"ांव
लंबाई- 87.40 किलोमीटर
ला"त- 77.45 लाख
औसत- 88 लाख/किलोमीटर
बालाघाट-नैनपुर
लंबाई- 80.60 किलोमीटर
ला"त- 72.29 लाख
औसत- 89 लाख/किलोमीटर
इंदौर न"र नि"म
ये आंखों में धूल नहीं तो क्या है
पंचकुइया से अंतिम चौराहा
लंबाई- 400 मीटर
ला"त- 44.98 लाख
औसत- 1.45 करोड़/किलोमीटर
एमवायएच से व्हाईट चर्च
लंबाई- 600 मीटर
ला"त- 34.17 लाख
औसत- 56.95 लाख/किलोमीटर
स्टेशन से खातीपुरा
लंबाई- 500 मीटर
ला"त- 55.71 लाख
औसत- 1.11 करोड़/किलोमीटर
रावजीबाजार थाना से जबरन कॉलोनी
लंबाई-400 मीटर
ला"त- 13.28 लाख
औसत- 33.20 लाख/किलोमीटर
हरसिद्धि से जवाहरमार्"
लंबाई-500 मीटर
ला"त- 20 लाख
औसत- 40 लाख/किलोमीटर
सड़कों में अंतर और भी..
एनएचएआई या एमपीआरडीसी :-
--- क"ाी जमीन पर नए सिरे से सड़कें बनाते हैं। इसके लिए खेतों में खुदाई करके न सिर्फ भराव किया जाता है बल्कि चार से छह फीट ऊंचा बेस तैयार करके बनाई जाती है सड़क।
--- जमीनों का अधि"्रहण भी शामिल।
--- पुल-पुलियाओं का निर्माण भी।
--- पहाड़ों और चट्टानों की खुदाई भी।
--- सतत नि"रानी।
--- खंडवा रोड और इंदौर-देवास फोरलेन बड़े उदाहरण जिन्हें बने को 10 साल हो "ए।
न"र नि"म :-
-- तकरीबन 95 फीसदी काम पहले से बनी-बनाई सड़कों पर होता है।
-- न जमीनों का अधि"्रहण करना पड़ता है न पहाड़ तोडऩा पड़ते हैं।
-- हल्की-फुल्की छिलाई के बाद बेस बिछाकर कर देते हैं फिनिशिं"।
-- पुल-पुलियाओं की ला"त अल" से।
-- अमले की कमी बताकर टाल दी जाती है नि"रानी।
-- साल-डेढ़ साल में सड़कें बोल जाती हैं।
"णित तो यह भी समझ से बाहर
--- अटल द्वार से नारायण कोठी- 1.32 किलोमीटर लंबी सड़क 61.76 लाख में बनती है जबकि चिडिय़ाघर से मुसाखेड़ी होते हुए रिं" रोड के बीच 3.02 किलोमीटर लंबी रोड पर 81.48 लाख रुपए में बनी।
--- "ांधीहॉल से पत्थर"ोदाम के बीच 800 मीटर लंबी सड़क 45.50 लाख में बनी जबकि सेंट पॉल से नवरतन बा" के लिए तकरीबन इतनी ही लंबी सड़क 15.49 लाख में बन "ई।
--- री"ल से खजूरी बाजार 1.70 किलोमीटर सड़क के लिए पी.डी.अ"्रवाल को 1.14 करोड़ रुपए दिए जबकि खजूरी बाजार से बड़ा "णपति के बीच 1.30 किलोमीटर लंबी सड़क आईटीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर से 45.90 लाख में बनवाई "ई। अंतर सीधे दो"ुना।
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