Wednesday, July 29, 2015

बायपास के साथ एबी रोड पर भी हो"ी टोल वसूली


-- मां"लिया में भवन स्कूल के पास कंपनी ने तानी टोल प्लाजा
-- "्रामीणों ने शुरू किया विरोध
-- कहा : टोल है कोई प्रोडक्ट नहीं जो एक के साथ एक फ्री
इंदौर, विनोद शर्मा ।
इंदौर-देवास के बीच फोरलेन को सिक्सलेन में तब्दील करने वाली कंपनी बायपास के साथ मां"लिया से "ुजरने वाले एबी रोड पर भी वसूली करे"ी। इसके लिए कंपनी ने बायपास पर मालवा काउंटी के सामने और एबी रोड पर भवन स्कूल के पास टोल प्लाजा बनाकर तैयार कर दी है। इंतजार है तो सिर्फ सिक्सलेन निर्माण से पहले वसूली को लेकर कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण के निराकरण का।
    इंदौर-देवास फोरलेन और इंदौर बायपास को सिक्स लेन करने से पहले टोल टैक्स वसूलने की योजना केंद्रीय मंत्री कमलनाथ के आश्वासन के बाद दिसंबर में स्थ"ित कर दी "ई थी। टोल वसूली पर फैसला हुआ भी नहीं था कि कंपनी आईडीटीएल एंड "ायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सेंटर पॉइन्ट से 700 मीटर पहले भवन स्कूल के सामने टोल प्लाजा बनाकर नया विवाद खड़ा कर दिया। तीन टोल बूथ, स्टॉपर, कैमरे,  सि"नल्स और कंटेनर में खुले कंपनी के ऑफिस के साथ टोल प्लाजा वसूली के लिए पूरी तरह तैयार है। इंतजार है सिर्फ वसूली को लेकर होने वाले सरकारी फैसले का। फैसला होने के दूसरे दिन से यहां वसूली शुरू हो जाए"ी। केंद्रीय मंत्री के आश्वासन से पहले नवंबर-10 से टैक्स वसूलने की योजना थी लेकिन विभा" में इसका "जट नोटिफिकेशन नहीं होने से यह शुरू नहीं हो पाई है।
    बहरहाल, मां"लिया व उससे ल"े "ांव के लो"ों ने इस टोल प्लाजा का विरोध शुरू कर दिया है। मां"लिया निवासी मनीष यादव ने बताया टोल के नाम पर एनएचएआई व कंपनी मनमानी पर उतर आए हैं। पहले सड़क बनाए ब"ैर वसूली की तैयारी। अब एक के साथ एक फ्री स्कीम की तरह एक सड़क के साथ दूसरी सड़क पर टोल ल"ाने की मंजूरी दे दी। राऊखेड़ी निवासी अकील खान ने बताया किसानों की जमीन एक-दूसरे के "ांवों में हैं। ऐसे में खेतीबाड़ी के काम से वाहन निकालना भी महं"ा पड़े"ा।
कुछ दूर चलते ही इन्हें देना पड़े"ा टैक्स
पाश्र्वनाथ एस्टेट     :- 500 मीटर
मालवा काउंटी     :- 200 मीटर
मां"लियावासी     :- 1.25 किलोमीटर
ढ़ाबली         :- 2 किलोमीटर
राऊखेड़ी सेंट्रल पॉइन्ट    :- 700 मीटर
सुरलाखेड़ी         :- 1.25 किलोमीटर
तलावली चांदा     :- 2.2 किलोमीटर
लसूडिय़ा परमार     :- 2 किलोमीटर
    टोल की नई टेंशन, नए सवाल
--- जिस कंपनी ने इंदौर-देवास फोरलेन बनाया था उसे शिप्रा पुल से पहले सिर्फ एक टोल प्लाजा ल"ाने की मंजूरी दी थी। फिर फोरलेन को सिक्सलेन बनाने वाली कंपनी को दो स्थानों पर वसूली की छूट क्यों?
--- जब कंपनी इंदौर-देवास फोरलेन को सिक्सलेन बना रही है तो उसे प्रस्तावित सिक्सलेन पर टोल वसूलना चाहिए न कि 700 मीटर लंबा टूकड़ा दुरुस्त करके उस एबी रोड पर जो इंदौर तक बदहाल है।
--- इंदौर-देवास फोरलेन बनने के बाद उसे राष्ट्रीय राजमार्"-3 का दर्जा दे दिया "या था जबकि एबी रोड लोक निर्माण विभा" को सौंप दी "ई। यानी एनएच-3 के साथ नेशनल हाई-वे एनएचएआई ने पीडब्ल्यूडी की सड़क पर भी टोल प्लाजा ठोक दी।
--- मां"लिया-ढाबली-राऊखेड़ी-सेंटर पॉइन्ट के किसानों (जिनकी जमीन एक-दूसरे के "ांव में है। दिनभर आना-जाना हाता है।) की चिंता किसी ने नहीं की।
--- दोनों टोल प्लाजाओं की दरें समान हों"ी। ऐसे में सिर्फ 1.25 किलोमीटर चलने वाले मां"लियावासी 32 किलोमीटर लंबे बायपास या 17 किलोमीटर लंबे देवास

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