Wednesday, July 29, 2015

हर दिशा में टोल की टेंशन


- शहर से जूडऩे वाली सात सड़कों में से 4 पर हैं 12 टोल
- सफर हुआ महं"ा, भाड़ा बढ़ोत्तरी से रसद की कीमतें भी बढ़ी
कॉमन इंट्रो :-
ट्रांसपोर्टर राजू अ"्रवाल की मानें तो इंदौर से भोपाल के बीच 190 किलोमीटर के लिए ट्रक को 875 और जबकि इंदौर से उ'जैन के बीच 56 किलोमीटर के 300 रुपए देना पड़ते हैं। यानी 4.6 से 5.3 रुपए/किलोमीटर का टैक्स। पर्मिट और रोड टैक्स के बाद टोल और पुलिसकर्मियों की पुर्ति करने में ही पसीना आ जाता है।
इंदौर, विनोद शर्मा ।

सड़क निर्माण में निजी भा"ीदारी के नाम पर ठेकेदारों को टोल वसूली जैसा कमाई का बड़ा जरिया देने वाली सरकार ने इंदौर में आना-जाना महं"ा कर दिया है। फिर भले इंदौर से खंडवा-खलघाट जाओ या भोपाल। हर ज"ह टोल की टेंशन न सिर्फ लो"ों का रास्ता रोक रही है बल्कि उनकी जेब भी हल्की कर रही है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो आ"ामी दो साल में रद्दड़ नेमावर रोड और निर्माणाधीन देपालपुर रोड को छोड़ बाकी हर रूट पर टोल की रकम चुकाना हो"ी। टोल की टेंशन ने लो"ों को सफर तो महं"ा किया ही ट्रक भाड़े की बढ़ोत्तरी के साथ खाने-पीने की वस्तुओं के भाव भी बढ़ा दिए।
    बजट की कमी और मुसाफिरों की सहुलियत का वास्ता देकर नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) ने इंदौर को दूसरे शहरों से जोडऩे वाली तकरीबन हर रोड ठेकेदारों के हवाले कर दी। इंदौर-भोपाल, इंदौर-खलघाट और इंदौर-खंडवा के साथ इंदौर-उ'जैन रोड पर भी टोल की टेंशन लाद दी "ई। वह भी उस स्थिति में जब इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए "ए एमआर-10 ब्रिज के लिए लो" पहले ही मनमाना शुल्क अदा कर रहे हैं। इंदौर-देवास सिक्सलेन बनने से पहले मां"लिया में टोल प्लाजा का काम शुरू हो चुका है। साल-दो साल में इंदौर-अहमदाबाद मार्" के आकार लेते ही धार-झाबुआ-रतलाम का सफर भी महं"ा हो जाए"ा। उधर, एनएचएआई ब"ैर टोल के देवास-"्वालियर का काम भी शुरू नहीं करे"ा। यानी उत्तर-दक्षीण, पूरब-पश्चिम जिधर जाओ टोल तो देना ही पड़े"ा।
    उधर, टोल की वकालत कर रहे सरकारी तंत्र की मानें तो बदहाल सड़कों पर हिचकौले खाकर ईंधन जलाने से कहीं "ुना अ'छा है अ'छी सड़क पर चलकर टोल चुकाना। जब सरकारी खजाना खाली था तब सड़कों की सूरत संवारने में बीओटी और पीपीपी आदर्श पद्धति साबित हुए हैं। इससे वाहनों का ईंधन बचा तो सरकार का खजाना भी। वहीं मुसाफिर सरकरी तर्कों से इत्तेफाक नहीं रखते।
ठेके पर ही देना है तो विभा" बंद करो
ट्रेवल्स की "ाडिय़ां चलाने वाले सुधीर शर्मा, आष्टा के आरीफ शेख और भोपाल की सं"ीता श्रोत्रिय कहती हैं "ाड़ी रखने वाली व्यक्ति भारी भरकम रोड टैक्स और परमिट शुल्क भी चुकाए और बाद में टोल पर टैक्स देता रहे। यह अन्याय नहीं तो क्या है? यदि सड़कें ठेकेदार ही बनाकर मनमाना टैक्स वसूलते रहे तो पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी और राष्ट्रीय राजमार्" जैसे विभा"ों की जरूरत ही क्या है। इन विभा"ों का सालाना जितना स्थापना बजट है उतने में हर साल कई किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा सकती हैं। वह भी टोल फ्री।
बीओटी-पीपीपी क्यों?
प्रदेश भर में सड़कों की खराब हालत को सुधारने के लिए रा'य सारकार ने बीओटी की नीति बनाई थी। प्रदेश भर में सड़कों की हालत "ंभीर थी, यह ढूंढना मुश्किल था कि सड़क कहां है, उसके अवशेष ही दिखाई देते थे। सरकार के पास इन्हें बनाने के लिए धन का अभाव था और प्रदेश का विकास करने के लिए सड़कों का विकास अवश्यक था, ऐसे में पीपीपी-बीओटी आधार पर सड़कों के निर्माण की बात सामने आई।
टोल नीति सार्वजनिक करने से बचती है सरकार
इंजीनियर अतूल सेठ का कहना है कि टोल स्थानीय लो"ों पर ला"ू नहीं होता। ऐसे में खंडवा रोड वाला, एमआर-10 और मां"लिया बायपास वाला टोल के लिए 20 किलोमीटर की दूरी में बसा इंदौर स्थानीय है। इसीलिए इंदौरवासियों पर टोल ला"ू नहीं होना चाहिए। दूसरा ठेकेदारों को सड़क की ला"त और उस पर 10 से 12 प्रतिशत ब्याज की वसूली का अधिकार देना चाहिए न की वर्षों बरस का ठेका दे दें। इंजीनियर मुकेश चौधरी कहते हैं टोल नीति तय करे सरकार। जैसे 50 हजार की ला"त वाली "ाड़ी को फाइनेंस करते वक्त ब्याज के पांच-छह हजार रुपए सहित बैंक कुल ला"त 55-56 हजार रुपए बताकर वसूली की समयसीमा तय कर देती है उसी तरह सड़कों की ला"त भी ब्याज सहित शुरूआत में सार्वजनिक की जाना चाहिए।
2.63 रुपए/किलोमीटर का टैक्स
इंदौर से भोपाल के बीच की दूरी 190 किलोमीटर है। इंदौर-भोपाल बस को  जाम"ोद (देवास) पर 86, बेदाखेड़ी (आष्टा) पर 150 और बायपास (सीहोर) पर 68 रुपए देना पड़ते हैं। यानी 1.6 रुपए/किलोमीटर। ट्रकों को बायपास (देवास) सहित 500 रुपए तक चुकाना पड़ते हैं यानी 2.63 रुपए/किलोमीटर। चार पहिया वाहनों को 39 पैसे/किलोमीटर के हिसाब से 75 रुपए देना पड़ते हैं।
इंदौर-इ'छापुर (खंडवा रोड)
203 किमी लंबे इस रोड पर चार टोल नाके 2002-03 से 15 सालों के लिए शुरू हुए। बायपास करते ही मोरोद से टोल की टेंशन शुरू होती है जो शाहपुर तक चलती है। तीन टोल की रसीद दिखाने पर चौथा फ्री है। यहां बस से 430 रुपए ल"ते हैं। यानी 2.01 रुपए/किलोमीटर। यह इंदौर-भोपाल रोड से 50 पैसे/किलोमीटर 'यादा है जबकि भोपाल रोड फोरलेन है और खंडवा रोड टू-लेन है।
इंदौर-उ'जैन
54 किलोमीटर के सफर के लिए एमआर-10 और रेवती रेंज दो ज"ह चार पहिया वाहनों को 20-20 रुपए ल"ते हैं। दोनों टोल के बीच की दूरी बमुश्किल दस किलोमीटर है। ट्रक को दोनों टोल मिलाकर तीन सौ रुपए चुकाना पड़ते हैं यानी 5.35 रुपए/किलोमीटर। 
किस रोड पर कहां-कहां है टोल टैक्स
इंदौर से भोपाल :- बायपास (देवास), जाम"ोद (देवास) बेदाखेड़ी (आष्टा) और खजूरी (सीहोर)
इंदौर से "्वालियर :- बायपास (देवास)
एबी रोड :- खलघाट
खंडवा रोड :- असरावद खुर्द (इंदौर), सनावद (खंडवा) बुरहानपुर और शाहपुरा (बुरहानपुर)
उ"ौन रोड :- भौरासला और एमआर-10
ये तो बंद भी हो चुके हैं
इंदौर-पीथमपुर :- इंडौरामा चौराहा, महू "ांव और राऊ पीथमपुर रोड
(महू-नीमच रोड बनाने के बाद इस रोड पर फिर से टोल टैक्स ल"ाने का प्रस्ताव "या है।)
इंदौर-देवास :- शिप्रा ब्रिज
यहां भी देना पड़े"ा टोल
इंदौर-सेंधवा :- सेंधवा से दस किलोमीटर पहले
इंदौर-देवास :- मां"लिया बायपास
निर्माणाधीन इंदौर-अहमदाबाद :- घाटा बिल्लौद और सरदारपुर
इंदौर-"्वालियर :- मक्सी, राज"ढ़, "ुना और झांसी (संभावित)
(टोल संचालकों की मानें तो टोल की रकम में सालाना 7 से 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाना प्रस्तावित है। )

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