दबंग दुनिया कार्यालय पहुंचे उद्योगमंत्री ने कहा दो हजार करोड़ में नौ नए औद्योगिक क्षेत्र तैयार करेंगे
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
हमने एकल खिड़की की व्यवस्था कर रखी है लेकिन उसे और कारगर बनाने की जरूरत है ताकि निवेशकों को खिड़की-खिड़की परेशान न होना पड़े। टीसीएस और इन्फोसिस जैसी कंपनियों को जल और जल निकासी जैसे छोटे मुद्दों पर परेशान नहीं होने देंगे। मैं इस संबंध में कल ही संबंधित अधिकारियों से बात करूंगा। यह बात रविवार शाम दबंग दुनिया कार्यालय पहुंचे उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कही। उन्होंने कहा कि 2000 करोड़ की लागत से नौ नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहे हैं ताकि हर निवेशक को जमीन दे सकें।
कुछ समय पहले ही मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद अक्टूबर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की तैयारियों का जायजा लेने इंदौर पहुंचे थे। दबंग दुनिया से खास बातचीत में शुक्ल ने बताया तैयारियां जोरों पर है। बाकी समिट्स की तरह इस बार भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। क्योंकि बीती समिट्स के माध्यम से मप्र की मार्केटिंग दुनियाभर में हुई है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के प्रयासों ने मप्र के माथे पर लगे बुनियादी सुविधाओं के संकट के काले दाग भी धो दिए हैं। आज सड़क से लेकर पॉवर तक में प्रदेश मजबूत है।
समिट का आकर्षण
समिट में नौ सेक्टर पर जोर दे रहे हैं। इनमें फोकस ज्यादा एग्रो इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल्स और रीनेवेबल एनर्जी पर रहेगा। हर बार की तरह सेक्टोरियल डिस्कर्शन होंगे। 30 से अधिक देशों के एम्बेसेडर आएंगे। नौ देश सहभागी होंगे।
टीसीएस-इन्फोसिस में ऐसा कैसे?
हाल में टीसीएस और इन्फोसिस में जलजमाव और निकासी की व्यवस्था में संबंधित एजेंसियों की कोताही चर्चा का विषय है। जब इसकी जानकारी श्री शुक्ल को दी गई तो उन्होंने चौकते हुए कहा कि इतनी बड़ी कंपनियों में ऐसी दिक्कतें हैं! मैं इस संबंध में कल ही अधिकारियों को निर्देशित करता हूं।
सरकार आईटी सेक्टर पर भी फोकस कर रही है। क्रिस्टल आईटी पार्क के बाद दो नए आईटी पार्क करीब-करीब तैयार है। क्रिस्टल पार्क में छोटी कंपनियों के लिए भी आईटी पार्क बन रहा है जो 2000 से 5000 वर्गफीट की जरूरत पूरी करेगा। कोशिश यही है कि प्रदेश के भावी आईटी एक्सपर्ट बैंगलोर जैसे शहरों का रूख न करे।
डीएमआईसी को मिलेगी राह
अर्से से दस्तावेजों में ही अटके महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट डीएमआईसी को लेकर शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बैठकर इस संबंध में बात करेगी। प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने की पूरी कोशिश करेंगे।
ताकि अन्य शहरों का भी हो विकास
इंदौर-भोपाल निवेश का मुख्य केंद्र बन चुके हैं लेकिन अन्य शहरों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसीलिए सरकार ने नौ नए औद्योगिक क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इनसे रीवा, जलबपुर, ग्वालियर, होशंगाबाद जैसे शहरों में भी निवेश व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पीथमपुर को जल्द देंगे पानी
उन्होंने कहा कि पीथमपुर और देवास में कुछ समय पहले तक पेयजल का संंकट था। देवास में पानी की व्यवस्था हो चुकी है। अब बारी पीथमपुर की है जल्द ही पानी की व्यवस्था कर देंगे। क्योंकि इससे एकेवीएन की आय भी बढ़ेगी।
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
हमने एकल खिड़की की व्यवस्था कर रखी है लेकिन उसे और कारगर बनाने की जरूरत है ताकि निवेशकों को खिड़की-खिड़की परेशान न होना पड़े। टीसीएस और इन्फोसिस जैसी कंपनियों को जल और जल निकासी जैसे छोटे मुद्दों पर परेशान नहीं होने देंगे। मैं इस संबंध में कल ही संबंधित अधिकारियों से बात करूंगा। यह बात रविवार शाम दबंग दुनिया कार्यालय पहुंचे उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कही। उन्होंने कहा कि 2000 करोड़ की लागत से नौ नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहे हैं ताकि हर निवेशक को जमीन दे सकें।
कुछ समय पहले ही मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद अक्टूबर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की तैयारियों का जायजा लेने इंदौर पहुंचे थे। दबंग दुनिया से खास बातचीत में शुक्ल ने बताया तैयारियां जोरों पर है। बाकी समिट्स की तरह इस बार भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। क्योंकि बीती समिट्स के माध्यम से मप्र की मार्केटिंग दुनियाभर में हुई है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के प्रयासों ने मप्र के माथे पर लगे बुनियादी सुविधाओं के संकट के काले दाग भी धो दिए हैं। आज सड़क से लेकर पॉवर तक में प्रदेश मजबूत है।
समिट का आकर्षण
समिट में नौ सेक्टर पर जोर दे रहे हैं। इनमें फोकस ज्यादा एग्रो इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल्स और रीनेवेबल एनर्जी पर रहेगा। हर बार की तरह सेक्टोरियल डिस्कर्शन होंगे। 30 से अधिक देशों के एम्बेसेडर आएंगे। नौ देश सहभागी होंगे।
टीसीएस-इन्फोसिस में ऐसा कैसे?
हाल में टीसीएस और इन्फोसिस में जलजमाव और निकासी की व्यवस्था में संबंधित एजेंसियों की कोताही चर्चा का विषय है। जब इसकी जानकारी श्री शुक्ल को दी गई तो उन्होंने चौकते हुए कहा कि इतनी बड़ी कंपनियों में ऐसी दिक्कतें हैं! मैं इस संबंध में कल ही अधिकारियों को निर्देशित करता हूं।
सरकार आईटी सेक्टर पर भी फोकस कर रही है। क्रिस्टल आईटी पार्क के बाद दो नए आईटी पार्क करीब-करीब तैयार है। क्रिस्टल पार्क में छोटी कंपनियों के लिए भी आईटी पार्क बन रहा है जो 2000 से 5000 वर्गफीट की जरूरत पूरी करेगा। कोशिश यही है कि प्रदेश के भावी आईटी एक्सपर्ट बैंगलोर जैसे शहरों का रूख न करे।
डीएमआईसी को मिलेगी राह
अर्से से दस्तावेजों में ही अटके महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट डीएमआईसी को लेकर शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बैठकर इस संबंध में बात करेगी। प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने की पूरी कोशिश करेंगे।
ताकि अन्य शहरों का भी हो विकास
इंदौर-भोपाल निवेश का मुख्य केंद्र बन चुके हैं लेकिन अन्य शहरों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसीलिए सरकार ने नौ नए औद्योगिक क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इनसे रीवा, जलबपुर, ग्वालियर, होशंगाबाद जैसे शहरों में भी निवेश व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पीथमपुर को जल्द देंगे पानी
उन्होंने कहा कि पीथमपुर और देवास में कुछ समय पहले तक पेयजल का संंकट था। देवास में पानी की व्यवस्था हो चुकी है। अब बारी पीथमपुर की है जल्द ही पानी की व्यवस्था कर देंगे। क्योंकि इससे एकेवीएन की आय भी बढ़ेगी।
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