Monday, August 22, 2016

जय शिव’ की पर्ची और मनमानी वसूली

कृष्णपुरा छत्री और वीरसावरकर मार्केट अवैध पार्किंग
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
नगर निगम ने भले पूरे शहर में पार्किंग फ्री कर रखी हो लेकिन वीर सावरकर फु्रट मार्केट और कृष्णपुरा छत्री पर ‘जय शिव’ की पर्ची के साथ दो पहिया वाहनों से 10 और चार पहिया वाहनों से 20 रुपए की वसूली जारी है। वह भी पूरी दादागिरी से। पैसा नहीं तो पार्किंग नहीं।
अगस्त 2014 में नगर निगम ने कृष्णपुरा छत्री सहित कोठारी मार्केट, मेघदूत उपवन, पीपल्यापाला, चिड़ियाघर, मालगंज, सरवटे बस स्टैंड सहित शहर के 18 पार्किंग स्थलों को फिर से फ्री कर दिया था। यहां से लगातार अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद निगम ने सभी पार्किंग स्थलों पर ‘नि:शुल्क पार्किंग’ के बोर्ड लगा दिए थे। फिर भी छत्री के सामने और वीर सावरकर फ्रुट मार्केट में पार्किंग का पैसा लिया जा रहा है।
कोई अधिकारिक सूचना नहीं
मौके पर जो पर्ची दी जाती है उस पर नगर निगम, जिला प्रशासन या अन्य किसी सरकारी महकमें का कोई जिक्र नहीं है जिसने पार्किंग शुल्क वसूली की अनुमति दे रखी हो। पर्ची पर राज्य संरक्षित स्मारक के नीचे बड़े हर्फों में ‘जय शिव’ पार्किंग स्टैंड लिखा है।
जबकि राज्य संरक्षित स्मारक जैसा कुछ है नहीं क्योंकि इन्हीं स्मारकों के पास पार्किंग और सड़क के बीच चार ठेले लगे हैं। जिनसे हर महीने 7-8 हजार रुपए किराया वसूला जा रहा है। वसूली करने वाले सफेद कपड़ों में इन्हीं ठेलों पर फल बेचते भी दिखते हैं।
किसी तरह का कोई बोर्ड नहीं लगा है जिससे स्पष्ट हो कि पार्किंग सशुल्क है। फिर भी चार पहिया वाहनों से एक घंटे के 20 रुपए और दो पहिया वाहनों से एक घंटे के 10 रुपए लिए जा रहे हैं। इसके बाद पांच मिनट भी ज्यादा हुए तो एक घंटे का चार्ज अलग।
बदसलूकी में भी कम नहीं
यहां वसूली की जिम्मेदारी जिन लोगों को दी गई है वे गाड़ी के खड़े होते ही पर्ची काटकर हाथ में थमा देते हैं। किसी ने किसी तरह की आपत्ति ली तो बदसलूकी शुरू कर देते हैं। जब तक गाड़ी न निकालो तब तक दुनियाभर की बातें सुना देते हैं।
वैध हैं, पैसा तो देना पड़ेगा
हम कलेक्टर की मंजूरी के बाद ही पार्किंग शुल्क ले रहे हैं। हम स्मारक की देखरेख करते हैं। इसीलिए यहां गाड़ी खड़ा करना है तो पैसा देना पड़ेगा। फिर कोई अधिकारी हो, नेता या मीड़ियाकर्मी।

No comments:

Post a Comment