इन्वेस्टिगेशन विंग की सख्ती के आगे नहीं चली ना नुकुर-फोनबाजी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
दलिया किंग एमपी एग्रो द्वारा पचास करोड़ सरेंडर किए जाने के महीनेभर बाद आखिरकार प्रदेश टूडे और एमपी टूडे मीडिया समूह के डायरेक्टर हृदयेश दिक्षीत ने भी पांच करोड़ की काली कमाई सरेंडर कर दी है। भक्त प्रहलादनगर स्थित समूह के आॅफिस से प्रोबेशरी आॅर्डर(पीओ) मंगलवार को हटा लिया गया है जबकि भोपाल के एक ठिकाने पर अब भी पीओ कायम है।
पोषण आहार बनाने वाली एमपी एग्रो, एमपी टूडे और प्रदेश टूडे समूह के खिलाफ इनकम टैक्स की इन्वेस्टिगेशन विंग ने महीनेभर पहले छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के बाद एमपी एग्रो और उसकी सहयोगी कंपनियों ने जहां 50 करोड़ की काली कमाई सरेंडर कर दी थी वहीं टूडे समूह के संचालक और उनके सीए अड़े रहे। हालांकि दीक्षित बंधुओं के खिलाफ अपने हाथ में पुख्ता प्रमाण लिए बैठी रही इन्वेस्टिगेशन विंग के आगे अड़बाजी ज्यादा चली नहीं। अंतत: लंबी न नुकुर और फोनबाजी के बाद दीक्षित बंधुओं को पांच करोड़ की काली कमाई सरेंडर करना पड़ी। आयकर अधिकारियों की मानें तो असेसमेंट तक काली कमाई का यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
पीओ खुला
इंदौर, भोपाल और मुंबई सहित 35 स्थानों पर कार्रवाई हुई थी। भक्त प्रहलादनगर स्थित दीक्षित बंधुओं के कार्यालय और भोपाल में एक स्थान पर कार्रवाई को अल्प विराम देते हुए प्रोबेसरी आॅर्डर (पीओ) लगाया गया था। लंबे इंतजार के बाद इंदौर विंग के अधिकारियों ने मंगलवार को भक्त प्रहलादनगर में पीओ खोल दिया। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।
लॉकर खुलना बाकी है
भोपाल विंग ने चार इमली स्थित हृदयेश दीक्षित के निवास पर छापेमार कार्रवाई की थी। भोपाल में कुछ लॉकर भी मिले थे। जिन्हें विंग ने आॅपरेट करना शुरू कर दिया है। इंदौर में भी कुछ लॉकर खोले गए हैं हालांकि लॉकर में ज्यादा कुछ मिला नहीं है। इसे 2007 में हुई रेड से मिले सबक की निशानी कहा जा रहा है।
दीक्षित बंधुओं की कंपनियां
सुरेखा दीक्षित, शांतनु दीक्षित और अवधेश दीक्षित : ग्लोबल रीयलकॉन प्रा.लि. (कोलकाता), ग्राप्ट मार्केटिंग प्रा.लि.(कोलकाता), सेवियर कॉमोट्रेड प्रा.लि. (कोलकाता), ग्लोबल ट्रेड वेंचर्स प्रा.लि.(मुंबई), सिंपली बेस्ट रिनेवेबल एनर्जी प्रा.लि. (इंदौर), ग्लोबल पॉवरनेट प्रा.लि. (मुंबई), मप्र टूडे मीडिया प्रा.लि. (भोपाल),
राजीव दुबे : पिंक मैजिक इंटरटेनमेंट प्रा.लि. में भी।
हृदयेश दीक्षित : प्रदेश टूडे मीडिया समूह और मप्र टूडे मीडिया समूह।
भागीदार : देवेश कल्याणी, राजीव कुमार दुबे
(इन कंपनियों में ज्यादातर सिर्फ दस्तावेजी हैं वास्तविक धरातल पर उनका वजूद नहीं है। इन कंपनियों का इस्तेमाल फंड रोटेशन, खर्च में बढ़ोत्तरी और निवेश दशार्ने के लिए किया जाता है।)
इंदौर. विनोद शर्मा ।
दलिया किंग एमपी एग्रो द्वारा पचास करोड़ सरेंडर किए जाने के महीनेभर बाद आखिरकार प्रदेश टूडे और एमपी टूडे मीडिया समूह के डायरेक्टर हृदयेश दिक्षीत ने भी पांच करोड़ की काली कमाई सरेंडर कर दी है। भक्त प्रहलादनगर स्थित समूह के आॅफिस से प्रोबेशरी आॅर्डर(पीओ) मंगलवार को हटा लिया गया है जबकि भोपाल के एक ठिकाने पर अब भी पीओ कायम है।
पोषण आहार बनाने वाली एमपी एग्रो, एमपी टूडे और प्रदेश टूडे समूह के खिलाफ इनकम टैक्स की इन्वेस्टिगेशन विंग ने महीनेभर पहले छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के बाद एमपी एग्रो और उसकी सहयोगी कंपनियों ने जहां 50 करोड़ की काली कमाई सरेंडर कर दी थी वहीं टूडे समूह के संचालक और उनके सीए अड़े रहे। हालांकि दीक्षित बंधुओं के खिलाफ अपने हाथ में पुख्ता प्रमाण लिए बैठी रही इन्वेस्टिगेशन विंग के आगे अड़बाजी ज्यादा चली नहीं। अंतत: लंबी न नुकुर और फोनबाजी के बाद दीक्षित बंधुओं को पांच करोड़ की काली कमाई सरेंडर करना पड़ी। आयकर अधिकारियों की मानें तो असेसमेंट तक काली कमाई का यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
पीओ खुला
इंदौर, भोपाल और मुंबई सहित 35 स्थानों पर कार्रवाई हुई थी। भक्त प्रहलादनगर स्थित दीक्षित बंधुओं के कार्यालय और भोपाल में एक स्थान पर कार्रवाई को अल्प विराम देते हुए प्रोबेसरी आॅर्डर (पीओ) लगाया गया था। लंबे इंतजार के बाद इंदौर विंग के अधिकारियों ने मंगलवार को भक्त प्रहलादनगर में पीओ खोल दिया। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।
लॉकर खुलना बाकी है
भोपाल विंग ने चार इमली स्थित हृदयेश दीक्षित के निवास पर छापेमार कार्रवाई की थी। भोपाल में कुछ लॉकर भी मिले थे। जिन्हें विंग ने आॅपरेट करना शुरू कर दिया है। इंदौर में भी कुछ लॉकर खोले गए हैं हालांकि लॉकर में ज्यादा कुछ मिला नहीं है। इसे 2007 में हुई रेड से मिले सबक की निशानी कहा जा रहा है।
दीक्षित बंधुओं की कंपनियां
सुरेखा दीक्षित, शांतनु दीक्षित और अवधेश दीक्षित : ग्लोबल रीयलकॉन प्रा.लि. (कोलकाता), ग्राप्ट मार्केटिंग प्रा.लि.(कोलकाता), सेवियर कॉमोट्रेड प्रा.लि. (कोलकाता), ग्लोबल ट्रेड वेंचर्स प्रा.लि.(मुंबई), सिंपली बेस्ट रिनेवेबल एनर्जी प्रा.लि. (इंदौर), ग्लोबल पॉवरनेट प्रा.लि. (मुंबई), मप्र टूडे मीडिया प्रा.लि. (भोपाल),
राजीव दुबे : पिंक मैजिक इंटरटेनमेंट प्रा.लि. में भी।
हृदयेश दीक्षित : प्रदेश टूडे मीडिया समूह और मप्र टूडे मीडिया समूह।
भागीदार : देवेश कल्याणी, राजीव कुमार दुबे
(इन कंपनियों में ज्यादातर सिर्फ दस्तावेजी हैं वास्तविक धरातल पर उनका वजूद नहीं है। इन कंपनियों का इस्तेमाल फंड रोटेशन, खर्च में बढ़ोत्तरी और निवेश दशार्ने के लिए किया जाता है।)
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