जल्द से जल्द रिपेयर करें इंदौर-देवास सिक्सलेन
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
तकरीबन सवा पांच सौ करोड़ की लागत से बने इंदौर-देवास सिक्सलेन की बदहाली को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) ने इंदौर-देवास टोलवेज लिमिटेड (आईडीटीएल) को करारा पत्र लिखा है। अथॉरिटी ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि सड़क की बदहाली बर्दाश्त नहीं होगी। उधर, कंपनी का कहना है कि बरसात में गड्ढे होते ही हैं। हम लगातार सुधार कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 325 करोड़ थी जो अब तक बढ़कर सवा पांच सौ करोड़ हो चुकी है। बरसात के चलते मार्ग पर कई जगह गड्ढे और दरारें दिखने लगी है। जो रात के दौरान दुर्घटनाओं का सबब बन रही है। मई 2016 में आई ओएंडएम रिपोर्ट में भी इसका जिक्र था। इसीलिए मई और जुलाई में प्राधिकरण ने नोटिस दिया। लगातार हिदायतों के बावजूद सड़क पर गड्ढे दिखते रहे। इसीलिए एनएचएआई ने नोटिस देकर कहा है कि सड़क 15 दिन में रिपेयर कर दें।
डेÑेन भी मेंटेन करें
अथॉरिटी ने कहा कि अंडर पासेस के दोनों ओर जो ओपन डेÑन है उसे दुरुस्त करने को भी कहा है। पत्र में खुले डेÑन के कारण हो रहे हादसों का हवाला भी दिया है।
कर ही रहे हैं रिपेयर...
कंपनी के कर्ताधर्ताओं का कहना है कि रिपेयरिंग को लेकर एनएचएआई जितनी जागरूक है उतनी ही कंपनी भी। हम भी नहीं चाहते कि सड़क खराब रहे और लोग परेशान रहे। बरसात में गड्ढे होते हैं, यह सामान्य प्रक्रिया है लेकिन सुधार बराबर जारी है। ओपन डेÑन को कवर करना अनुबंध में नहीं है। बावजूद इसके कुछ हिस्सा कंपनी ने कवर किया है। बाकी के लिए 15 करोड़ का प्रस्ताव सालभर से बना है, अब तक मंजूरी मिली नहीं।
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
तकरीबन सवा पांच सौ करोड़ की लागत से बने इंदौर-देवास सिक्सलेन की बदहाली को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) ने इंदौर-देवास टोलवेज लिमिटेड (आईडीटीएल) को करारा पत्र लिखा है। अथॉरिटी ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि सड़क की बदहाली बर्दाश्त नहीं होगी। उधर, कंपनी का कहना है कि बरसात में गड्ढे होते ही हैं। हम लगातार सुधार कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 325 करोड़ थी जो अब तक बढ़कर सवा पांच सौ करोड़ हो चुकी है। बरसात के चलते मार्ग पर कई जगह गड्ढे और दरारें दिखने लगी है। जो रात के दौरान दुर्घटनाओं का सबब बन रही है। मई 2016 में आई ओएंडएम रिपोर्ट में भी इसका जिक्र था। इसीलिए मई और जुलाई में प्राधिकरण ने नोटिस दिया। लगातार हिदायतों के बावजूद सड़क पर गड्ढे दिखते रहे। इसीलिए एनएचएआई ने नोटिस देकर कहा है कि सड़क 15 दिन में रिपेयर कर दें।
डेÑेन भी मेंटेन करें
अथॉरिटी ने कहा कि अंडर पासेस के दोनों ओर जो ओपन डेÑन है उसे दुरुस्त करने को भी कहा है। पत्र में खुले डेÑन के कारण हो रहे हादसों का हवाला भी दिया है।
कर ही रहे हैं रिपेयर...
कंपनी के कर्ताधर्ताओं का कहना है कि रिपेयरिंग को लेकर एनएचएआई जितनी जागरूक है उतनी ही कंपनी भी। हम भी नहीं चाहते कि सड़क खराब रहे और लोग परेशान रहे। बरसात में गड्ढे होते हैं, यह सामान्य प्रक्रिया है लेकिन सुधार बराबर जारी है। ओपन डेÑन को कवर करना अनुबंध में नहीं है। बावजूद इसके कुछ हिस्सा कंपनी ने कवर किया है। बाकी के लिए 15 करोड़ का प्रस्ताव सालभर से बना है, अब तक मंजूरी मिली नहीं।
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