जल्द शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
मप्र के वित्त मंत्री जयंत मलैया के जिस बजट को सरकार प्रदेश के लिए विकासोन्मुखी बता रही है उसके अनुसार तिलहन, तेल, इस्पात, चाय और पान मसाला के परिवहन पर ट्रांजिट पास लगेगा। मतलब, यदि कोई व्यापारी अपने गोदाम से माल निकालकर दुकान तक भी लाता है तो उसे ट्रांजिट पास लेना होगा। मंत्री मलैया द्वारा प्रस्तावित इस कागजी कानून से व्यापारी वर्ग नाराज है। बुधवार शाम हुई संयुक्त व्यापारिक संगठनों की बैठक में विरोध को लेकर रणनीति भी बन चुकी है जिसका असर एक-दो दिन में बाजारों में नजर आएगा।
अहिल्या चेम्बर आॅफ कॉमर्स के आह्वान पर बैठक शाम 5 बजे प्रीतमलाल दुआ सभागृह में संपन्न हुई। नाराज व्यापारियों ने एकमत होकर मंत्री मलैया के नए प्रावधान का विरोध किया जो कि पांच वस्तुओं पर बतौर प्रयोग लागू किया जाना है। सफलता की स्थिति में बाकी सभी उत्पादों पर ट्रांजिट पास लगेगा। व्यापारियों का कहना था कि चौतरफा चेकपोस्ट है, फार्म-49 की व्यवस्था है तो फिर ट्रांजिट क्यों? जबकि यह सिर्फ कागजी कवायद है इससे सरकार को कोई टैक्स भी नहीं मिलना है। इससे आॅफिसर राज बढ़ेगा जिसे सरकार अर्से से खत्म करने का वादा कर रही है। अफसरों को भ्रष्टाचार का मौका मिलेगा।
हमारी मांगों का कोई मतलब नहीं...
अहिल्या चेम्बर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने बताया कि जांच चौकी खत्म करने और फार्म-49 व्यापारियों को राहत मिलना चाहिए। सरकारी सख्ती के कारण पहले ही मप्र के बाजार की हालत लगातार गिर रही है। पड़ौसी राज्यों का कारोबार फलफुल रहा है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मिलेंगे। यदि व्यापारी हित दरकिनार किया जाता है तो चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। नईम पालवाला ने बताया कि बजट के सालाना विरोध से बचने के लिए हमने प्रस्ताव दिया था कि एक फोरम बनें जिसमें व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बने। कानून बने। जनप्रतिनिधि सेतू का काम करें।
आगे कि यह है रणनीति...
व्यापारियों ने कहा बात पार्टी से हटकर पेट पर आ गई है। यदि ट्रांजिट पास को लेकर मंत्री मलैया अपना निर्णय वापस नहीं लेते तो अहिल्या चेम्बर आॅफ कॉमर्स अपने 80 सहयोगी व्यापारिक संगठनों के साथ आंदोलन करेगा। व्यापारी दुकानें बंद करके वाणिज्यिक कर आयुक्त को चाबी सौंप देंगे।
यह है ट्रांजिट पास...
जैसे दूसरे राज्य से माल बुलाने पर फार्म-49 भरना होता है वैसे ही माल भेजने पर ट्रांजिट पास लगेगा। दिक्कत यह है कि ट्रांजिट पास लोकल परिवहन पर लगेगा। मसलन इंदौर से माल देवास भेजा तो, या फिर इंदौर से राऊ या विजयनगर भेजा तो।
दिक्कत यह : इसमें वो तमाम जानकारी दी जाना है जो फार्म-49 में दी जाती है। नाराज व्यापारी कहते हैं दिनभर सिर्फ फार्म भरने के काम करें। ग्राहकी करें या फार्म डाउनलोड करते रहें।
नाराजी की वजह और भी...
अंतर राज्यीय विक्रय पर मिलने वाली वेट की छूट समाप्त कर दी। मतलब किसी प्रोडक्ट पर 14 प्रतिशत वेट है और उसे गुजरात या कहीं भेजा जाता था तो उस पर वेट की छूट मिलती थी जो अब नहीं मिलेगी।
फार्म-49 में पहले 34 कमोडिटी शामिल थी। बजट से पहले इन्हें बढ़ाकर 64 किया। व्यापारियों ने विरोध किया बावजूद इसके बजट में सूची में सभी उत्पादों को शामिल कर लिया।
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
मप्र के वित्त मंत्री जयंत मलैया के जिस बजट को सरकार प्रदेश के लिए विकासोन्मुखी बता रही है उसके अनुसार तिलहन, तेल, इस्पात, चाय और पान मसाला के परिवहन पर ट्रांजिट पास लगेगा। मतलब, यदि कोई व्यापारी अपने गोदाम से माल निकालकर दुकान तक भी लाता है तो उसे ट्रांजिट पास लेना होगा। मंत्री मलैया द्वारा प्रस्तावित इस कागजी कानून से व्यापारी वर्ग नाराज है। बुधवार शाम हुई संयुक्त व्यापारिक संगठनों की बैठक में विरोध को लेकर रणनीति भी बन चुकी है जिसका असर एक-दो दिन में बाजारों में नजर आएगा।
अहिल्या चेम्बर आॅफ कॉमर्स के आह्वान पर बैठक शाम 5 बजे प्रीतमलाल दुआ सभागृह में संपन्न हुई। नाराज व्यापारियों ने एकमत होकर मंत्री मलैया के नए प्रावधान का विरोध किया जो कि पांच वस्तुओं पर बतौर प्रयोग लागू किया जाना है। सफलता की स्थिति में बाकी सभी उत्पादों पर ट्रांजिट पास लगेगा। व्यापारियों का कहना था कि चौतरफा चेकपोस्ट है, फार्म-49 की व्यवस्था है तो फिर ट्रांजिट क्यों? जबकि यह सिर्फ कागजी कवायद है इससे सरकार को कोई टैक्स भी नहीं मिलना है। इससे आॅफिसर राज बढ़ेगा जिसे सरकार अर्से से खत्म करने का वादा कर रही है। अफसरों को भ्रष्टाचार का मौका मिलेगा।
हमारी मांगों का कोई मतलब नहीं...
अहिल्या चेम्बर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने बताया कि जांच चौकी खत्म करने और फार्म-49 व्यापारियों को राहत मिलना चाहिए। सरकारी सख्ती के कारण पहले ही मप्र के बाजार की हालत लगातार गिर रही है। पड़ौसी राज्यों का कारोबार फलफुल रहा है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मिलेंगे। यदि व्यापारी हित दरकिनार किया जाता है तो चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। नईम पालवाला ने बताया कि बजट के सालाना विरोध से बचने के लिए हमने प्रस्ताव दिया था कि एक फोरम बनें जिसमें व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बने। कानून बने। जनप्रतिनिधि सेतू का काम करें।
आगे कि यह है रणनीति...
व्यापारियों ने कहा बात पार्टी से हटकर पेट पर आ गई है। यदि ट्रांजिट पास को लेकर मंत्री मलैया अपना निर्णय वापस नहीं लेते तो अहिल्या चेम्बर आॅफ कॉमर्स अपने 80 सहयोगी व्यापारिक संगठनों के साथ आंदोलन करेगा। व्यापारी दुकानें बंद करके वाणिज्यिक कर आयुक्त को चाबी सौंप देंगे।
यह है ट्रांजिट पास...
जैसे दूसरे राज्य से माल बुलाने पर फार्म-49 भरना होता है वैसे ही माल भेजने पर ट्रांजिट पास लगेगा। दिक्कत यह है कि ट्रांजिट पास लोकल परिवहन पर लगेगा। मसलन इंदौर से माल देवास भेजा तो, या फिर इंदौर से राऊ या विजयनगर भेजा तो।
दिक्कत यह : इसमें वो तमाम जानकारी दी जाना है जो फार्म-49 में दी जाती है। नाराज व्यापारी कहते हैं दिनभर सिर्फ फार्म भरने के काम करें। ग्राहकी करें या फार्म डाउनलोड करते रहें।
नाराजी की वजह और भी...
अंतर राज्यीय विक्रय पर मिलने वाली वेट की छूट समाप्त कर दी। मतलब किसी प्रोडक्ट पर 14 प्रतिशत वेट है और उसे गुजरात या कहीं भेजा जाता था तो उस पर वेट की छूट मिलती थी जो अब नहीं मिलेगी।
फार्म-49 में पहले 34 कमोडिटी शामिल थी। बजट से पहले इन्हें बढ़ाकर 64 किया। व्यापारियों ने विरोध किया बावजूद इसके बजट में सूची में सभी उत्पादों को शामिल कर लिया।
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