एमसीए में पता बैंगलुरू का और वोटर आईडी इंदौर में
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अरबों रुपए की धोखाधड़ी करके दुबई से फरार हुए नीलेश अजमेरा पुलिस से बचने के लिए भारत में नई पहचान बनाकर रह रहा था। पालिवालनगर और साकेतनगर के पुराने पते को छोड़ उसने अपनी नई पहचान बैंगलुरु के पते से बनाई। बहरहाल, एडीजी (क्राइम) मप्र ने उसके तीनों पतों की शिनाख्त करके सीबीआई को सौंप दी है।
नीलेश का पुराना पता 29 पालीवालनगर इंदौर है हालांकि 1 जनवरी 2016 को प्रकाशित हुई मतदाता सूची में नीलेश का नाम अब भी है। 40 वर्षीय नीलेश का मतदाता क्रमांक एलएचवी3576071 है। वहीं मिनिस्ट्री आॅफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (एमसीए) से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीलेश का पता फ्लैट नं. ए-13 डायमंड डिस्ट्रिक्ट एअरपोर्ट रोड बैंगलुरू है। इस पते का जिक्र उसने 29 दिसंबर 2014 को क्रिस्टल डेवकॉन प्रा.लि. की डायरेक्टरशिप (डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नं. 01478045) लेने के लिए भी किया है। बताया जा रहा है कि उन तमाम दस्तावेजों की जांच होना है जिनके आधार पर नीलेश ने अपना पता बैंगलुरू का बताया है।
मेडिकेप्स वाले रमेश मित्तल भी हैं ठगोरे के पार्टनर
फ्लैट नं. 201 पुष्परतन पेराडाइज (वही फ्लैट जहा 2010 में देवास के कांग्रेस नेता मनोज राजानी ने रितेश अजमेरा उर्फ चम्पू को चांटे जड़े थे) के पते से पंजीबद्ध क्रिस्टल डेवकॉन प्रा.लि. में रमेशचंद मित्तल भी नीलेश के साथ डायरेक्टर हैं जो कि मेडिकेप्स के मालिक हैं और बीते 5 साल से अजमेरा बंधुओं के साथ जमीनी काम कर रहे हैं।
यहां-वहां छिपता रहता था
अगस्त 2010 में दुबई से रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। उसी दौरान तीन साल की सजा भी दुबई कोर्ट ने छिपाई। उस वक्त के आला पुलिस अधिकारियों से दोस्ती के कारण मई 2011 तक गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में शरण ली और यहां-वहां छिपता रहा। रहा इंदौर में ही। कभी पीपल्याकुमार स्थित द एड्रेस (जो कभी फोनिक्स टाउनशिप थी) के खाली फ्लैटों में दिन गुजारे। कभी पालीवालनगर में।
इंदौर की सभी कंपनियों से गायब...
नीलेश क्रिस्टल से पहले इंदौर और मुंबई के पतों पर पंजीबद्ध तकरीबन आधा दर्जन कंपनियों में डायरेक्टर था। इनमें फोनिक्स डेवकॉन प्रा.लि., इंदौर और सिप2सेव टेलीकॉम प्रा.लि. इंदौर के नाम भी शामिल हैं। सिप2सेव टेलीकॉम प्रा.लि. नाम की जिस कंपनी के डायरेक्टर के रूप में नीलेश को 2007 की ग्लोबल समिट में आमंत्रित किया गया था उसमें अब उसके पिता पवन कुमार अजमेरा (63 वर्ष) और पत्नी सोनाली अजमेरा (38 वर्ष) डायरेक्टर हैं।
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अरबों रुपए की धोखाधड़ी करके दुबई से फरार हुए नीलेश अजमेरा पुलिस से बचने के लिए भारत में नई पहचान बनाकर रह रहा था। पालिवालनगर और साकेतनगर के पुराने पते को छोड़ उसने अपनी नई पहचान बैंगलुरु के पते से बनाई। बहरहाल, एडीजी (क्राइम) मप्र ने उसके तीनों पतों की शिनाख्त करके सीबीआई को सौंप दी है।
नीलेश का पुराना पता 29 पालीवालनगर इंदौर है हालांकि 1 जनवरी 2016 को प्रकाशित हुई मतदाता सूची में नीलेश का नाम अब भी है। 40 वर्षीय नीलेश का मतदाता क्रमांक एलएचवी3576071 है। वहीं मिनिस्ट्री आॅफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (एमसीए) से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीलेश का पता फ्लैट नं. ए-13 डायमंड डिस्ट्रिक्ट एअरपोर्ट रोड बैंगलुरू है। इस पते का जिक्र उसने 29 दिसंबर 2014 को क्रिस्टल डेवकॉन प्रा.लि. की डायरेक्टरशिप (डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नं. 01478045) लेने के लिए भी किया है। बताया जा रहा है कि उन तमाम दस्तावेजों की जांच होना है जिनके आधार पर नीलेश ने अपना पता बैंगलुरू का बताया है।
मेडिकेप्स वाले रमेश मित्तल भी हैं ठगोरे के पार्टनर
फ्लैट नं. 201 पुष्परतन पेराडाइज (वही फ्लैट जहा 2010 में देवास के कांग्रेस नेता मनोज राजानी ने रितेश अजमेरा उर्फ चम्पू को चांटे जड़े थे) के पते से पंजीबद्ध क्रिस्टल डेवकॉन प्रा.लि. में रमेशचंद मित्तल भी नीलेश के साथ डायरेक्टर हैं जो कि मेडिकेप्स के मालिक हैं और बीते 5 साल से अजमेरा बंधुओं के साथ जमीनी काम कर रहे हैं।
यहां-वहां छिपता रहता था
अगस्त 2010 में दुबई से रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। उसी दौरान तीन साल की सजा भी दुबई कोर्ट ने छिपाई। उस वक्त के आला पुलिस अधिकारियों से दोस्ती के कारण मई 2011 तक गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में शरण ली और यहां-वहां छिपता रहा। रहा इंदौर में ही। कभी पीपल्याकुमार स्थित द एड्रेस (जो कभी फोनिक्स टाउनशिप थी) के खाली फ्लैटों में दिन गुजारे। कभी पालीवालनगर में।
इंदौर की सभी कंपनियों से गायब...
नीलेश क्रिस्टल से पहले इंदौर और मुंबई के पतों पर पंजीबद्ध तकरीबन आधा दर्जन कंपनियों में डायरेक्टर था। इनमें फोनिक्स डेवकॉन प्रा.लि., इंदौर और सिप2सेव टेलीकॉम प्रा.लि. इंदौर के नाम भी शामिल हैं। सिप2सेव टेलीकॉम प्रा.लि. नाम की जिस कंपनी के डायरेक्टर के रूप में नीलेश को 2007 की ग्लोबल समिट में आमंत्रित किया गया था उसमें अब उसके पिता पवन कुमार अजमेरा (63 वर्ष) और पत्नी सोनाली अजमेरा (38 वर्ष) डायरेक्टर हैं।
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