Tuesday, March 8, 2016

अब हर ट्रक का होगा वजन

सड़क परिवहन मंत्रालय के आदेश से बायपास और भैंसलाय टोल प्लाजा पर लगे वेट इन मोशन(विम)
- ओवरलोडिंग की स्थिति में होगी 10 गुना टैक्स की वसूली
- इंदौर खलघाट पर विम के साथ तौल कांटा भी 
इंदौर. विनोद शर्मा । 
इंदौर-देवास फोरलेन और इंदौर-खलघाट टोल प्लाजा से किसी भी ओवरलोडेड वाहन का निकलना आसान नहीं होगा। क्योंकि सड़क परिवहन मंत्रालय और नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया के सख्त निर्देशों के बाद इन दोनों हाईवे की टोल प्लाजाओं पर ‘वेट इन मोशन’  सिस्टम लगाया जा रहा है। बायपास टोल प्लाजा पर सिस्टम ने काम शुरू कर दिया है जबकि इंदौर-खलघाट रोड की नई टोल प्लाजा पर ‘वेट इन मोशन’ के साथ एक तौल कांटे की व्यवस्था और की जा रही है जहां संशय की स्थिति में गाड़ियां तोली जाएगी।
वाहनों की ओवर लोडिंग और ओवरलोड वाहनों से सड़क को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने स्टेंडर्ड स्पेसिफिकेशन  का ड्राफ्ट जारी किया था। इसके अनुसार देशभर की सभी टोल प्लाजाओं पर इक्यूपमेंट, डिवाइस, सॉफ्टवेर और सिस्टम एक जैसे होंगे। टोल प्लाजाओं पर इंस्टॉल हो रहा वेट इन मोशन’ इसी का परिणाम है। सिस्टम के काम करने के बाद जैसे ही गाड़ियां सिस्टम से क्रॉस होंगी टोल विंडों पर बैठे कर्मचारी के उसके वजन की जानकारी स्वत: ही मिल जाएगी। सरकार के निर्देशानुसार ओवरलोडेड वाहनों को न सिर्फ खाली कराया जाएगा बल्कि ट्रांसपोर्टर से टोल दर के मुकाबले 10 गुना अधिक टैक्स वसूला जाएगा।
क्या है वेट इन मोशन
इस प्रणाली के तहत हाईवे की सड़क पर ऐसा इक्यूपमेंट लगाया जा रहा है जिसके ऊपर से गुजरते ही गाड़ी का कुल लोड कंप्यूटर पर जाएगा। जिसे एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा। यह सिस्टम इस तकनीक के जरिए चंद दूरी पर स्थित टोल प्लाजा को भी ओवरलोडिंग यानि मानका से ज्यादा वजन वाली गाड़ी की सूचना दे देगा। वेट इन मोशन (विम) में वाहन के टोल बूथ के प्लेटफार्म पर आते ही वजन हो जाता है। यह तकनीक वाहनों के ओरिजनल वजन को कुल वजन से घटाकर वाहन में भरे गए माल का वजन बता देती है। इसके लिए पहले ही वेट इन मोशन के साफ्टवेयर में सभी वाहनों का नियत वजन प्रकार के हिसाब से कितना माल ले जा सकता है, यह सब अपडेट है।
ओवरलोडिंग पर यह होगी व्यवस्था
-- एनएचएआई द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब हर टोल प्रवेश पर निर्धारित भार से ज्यादा मिलने पर वाहन रोके जाएंगे।
-- वाहन से अतिरिक्त सामान उतारने अथवा टोल फीस का दस गुना देना होगा।
--चालक/ मालिक जुमार्ना देने से मना करता है तो उसका वाहन क्रेन से खिंचवा कर अलग कर दिया जाएगा। इसका खर्चा एक हजार रुपये वाहन मालिक से वसूला जाएगा।
-- टोल परिसर में वाहन खड़ा होने पर 50 रुपये प्रति घंटा हजार्ना देय होगा। सात दिन बाद वाहन पुलिस को सौंप दी जाएगी।
विम के साथ तौल कांटा भी
इंदौर-खलघाट रोड पर भैंसलाय के पास जो 10 लेन की टोल प्लाजा बन रही है वहां वेट इन मोशन की व्यवस्था तीन-तीन लेन में की जा रही है भारी वाहनों का ट्रेफिक इन्हीं लेन पर रहेगा। चलती गाड़ी का वजन सिस्टम पर आ जाएगा। यहां किसी तरह का डाउट रहता है तो गाड़ी को पास ही बन रहे तौल कांटे पर तोला जाएगा। विम और तौल कांटे का इंस्टालेशन एनएचएआई के निर्देश और आर्थिक सहयोग से हो रहा है। डिपार्टमेंट ने इसके लिए बजट तय कर रखा है। हालाकि संचालन की जिम्मेदारी टोल कंपनी की ही रहेगी।
ए.के.गौर, ओरियंटल पाथवे

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