- 32 किलोमीटर लंबे रोड पर 102.43 करोड़ की 30.10 किलोमीटर सर्विस मंजूर
- आईडीटीएल और लिया कंसलटेंट को लिखा पत्र, दी तैयारियों की हिदायत
- अभी आधे हिस्से में है सर्विस रोड
इंदौर. विनोद शर्मा ।
निर्माणाधीन इंदौर-देवास सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत 32 किलोमीटर लंबे बायपास (राऊ सर्कल से सेंट्रल पॉइन्ट मांगलिया) पर दोनों तरफ पूरी सर्विस रोड बनेगी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की मांग के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) ने सर्विस रोड का खांका खींच दिया है। सर्विस रोड को मैदानी शक्ल देने की अनुमानित लागत 102.43 करोड़ आंकी गई है। इस सड़क के बनने से न सिर्फ बायपास पर सफर सुरक्षित होगा बल्कि आसपास की कॉलोनियों के लोगों को चौराहों तक पहुंचने में आसानी होगी।
एनएचएआई ने प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी आईडीटीएल और कंसलटेंट कंपनी लिया एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि. को पत्र लिखकर सर्विस रोड की संभावनाएं जांचने के निदे्रश दिए हैं। पत्र में एनएचएआई ने 28 मई 2015 को लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती महाजन द्वारा ली गई बैठक और बैठक में की गई सर्विस रोड की मांग की भी जानकारी दी। एनएच ने कहा है कि बायपास के दोनों तरफ फूल लैंग्थ सर्विस रोड बनना है। निर्माण डिजाइन बिल्ट फाइनेंस आॅपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) के तहत आईडीटीएल से हुए अनुबंध के तहत ही होंगे। जो अतिरिक्त लागत आएगी, उसकी रिकवरी के लिए टोल वसूली की समयसीमा बढ़ा दी जाएगी।
ऐसी होगी सर्विस रोड...
अभी बायपास पर 50 फीसदी हिस्से में सर्विस रोड है। चेंज आॅफ वर्क स्कॉप (सीडब्ल्यूएस) के तहत दोनों तरफ 30.10 किलोमीटर लंबा सर्विस रोड बनेगा। इस दौरान सर्विस रोड के साथ पुल-पुलिया और कलवर्ट भी बढ़ेगी। इसीलिए इस प्रोजेक्ट की लागत 102.48 करोड़ आंकी गई है। सर्विस रोड की चौड़ाई 5 मीटर होगी।
क्या-क्या बनेगा...
माइनर ब्रिज 7
बॉक्स कलवर्ट 2
स्लैब कलवर्ट 7
सिंगल रो पाइप कलवर्ट 11
डबल रो पाइप कलवर्ट 4
ट्रिपल रो पाइप कलर्वट 1
190 बिजली के खम्बे शिफ्ट होंगे
फुल लैंग्थ सर्विस रोड जिस जमीन पर बनना है वहां 190 बिजली के खम्बे लगे हैं। ये सभी हाइटेंशन लाइन (1100 और 3200 केवी) के हैं तो काफी कुछ जम्बो लाइन के जो बायपास की कॉलोनियों को रोशन करने के लिए बिछाई गई है। सर्विस रोड बनाने के लिए इनकी शिफ्टिंग जरूरी है। 34.16 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित कर सड़क बनेगी।
यहां से यहां तक नहीं है सर्विस रोड...
- राऊ जंक्शन से कैलोदकर्ताल : 7 किलोमीटर
- मिर्जापुर से मुुंडला नायता : 2.3 किलोमीटर
- मुंडला नायता से स्वामीनारायण मंदिर : 0.8 किलोमीटर
- नेमावर रोड से बिचौली मर्दाना : 1.2 किलोमीटर
- ओमेक्स-1 से विस्तारा : 1 किलोमीटर
- इन्फोसिटी से अरंडिया : 1 किलोमीटर
क्यों जरूरी...
- बायपास के दोनों ओर कॉलोनियां हैं जहां सर्विस रोड नहीं है वहां लोग रॉन्ग साइड आते-जाते हैं। जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है।
- सर्विस रोड न होने से कई जगह ट्रक मेन रोड पर खड़े हो जाते हैं।
- चौराहा रहित बायपास पर वाहनों की गति को इधर-उधर से जुड़ने वाले लोग प्रभावित करते हैं।
फायदे क्या...
- सर्विस रोड बनने से रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी खत्म हो जाएगी।
- मेनरोड का दबाव डाइवर्ट होगा। जाम की संभावना कम होगी।
- मेन रोड और सर्विस रोड दोनों पर जोखिम कम होगा।
- आईडीटीएल और लिया कंसलटेंट को लिखा पत्र, दी तैयारियों की हिदायत
- अभी आधे हिस्से में है सर्विस रोड
इंदौर. विनोद शर्मा ।
निर्माणाधीन इंदौर-देवास सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत 32 किलोमीटर लंबे बायपास (राऊ सर्कल से सेंट्रल पॉइन्ट मांगलिया) पर दोनों तरफ पूरी सर्विस रोड बनेगी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की मांग के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) ने सर्विस रोड का खांका खींच दिया है। सर्विस रोड को मैदानी शक्ल देने की अनुमानित लागत 102.43 करोड़ आंकी गई है। इस सड़क के बनने से न सिर्फ बायपास पर सफर सुरक्षित होगा बल्कि आसपास की कॉलोनियों के लोगों को चौराहों तक पहुंचने में आसानी होगी।
एनएचएआई ने प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी आईडीटीएल और कंसलटेंट कंपनी लिया एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रा.लि. को पत्र लिखकर सर्विस रोड की संभावनाएं जांचने के निदे्रश दिए हैं। पत्र में एनएचएआई ने 28 मई 2015 को लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती महाजन द्वारा ली गई बैठक और बैठक में की गई सर्विस रोड की मांग की भी जानकारी दी। एनएच ने कहा है कि बायपास के दोनों तरफ फूल लैंग्थ सर्विस रोड बनना है। निर्माण डिजाइन बिल्ट फाइनेंस आॅपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) के तहत आईडीटीएल से हुए अनुबंध के तहत ही होंगे। जो अतिरिक्त लागत आएगी, उसकी रिकवरी के लिए टोल वसूली की समयसीमा बढ़ा दी जाएगी।
ऐसी होगी सर्विस रोड...
अभी बायपास पर 50 फीसदी हिस्से में सर्विस रोड है। चेंज आॅफ वर्क स्कॉप (सीडब्ल्यूएस) के तहत दोनों तरफ 30.10 किलोमीटर लंबा सर्विस रोड बनेगा। इस दौरान सर्विस रोड के साथ पुल-पुलिया और कलवर्ट भी बढ़ेगी। इसीलिए इस प्रोजेक्ट की लागत 102.48 करोड़ आंकी गई है। सर्विस रोड की चौड़ाई 5 मीटर होगी।
क्या-क्या बनेगा...
माइनर ब्रिज 7
बॉक्स कलवर्ट 2
स्लैब कलवर्ट 7
सिंगल रो पाइप कलवर्ट 11
डबल रो पाइप कलवर्ट 4
ट्रिपल रो पाइप कलर्वट 1
190 बिजली के खम्बे शिफ्ट होंगे
फुल लैंग्थ सर्विस रोड जिस जमीन पर बनना है वहां 190 बिजली के खम्बे लगे हैं। ये सभी हाइटेंशन लाइन (1100 और 3200 केवी) के हैं तो काफी कुछ जम्बो लाइन के जो बायपास की कॉलोनियों को रोशन करने के लिए बिछाई गई है। सर्विस रोड बनाने के लिए इनकी शिफ्टिंग जरूरी है। 34.16 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित कर सड़क बनेगी।
यहां से यहां तक नहीं है सर्विस रोड...
- राऊ जंक्शन से कैलोदकर्ताल : 7 किलोमीटर
- मिर्जापुर से मुुंडला नायता : 2.3 किलोमीटर
- मुंडला नायता से स्वामीनारायण मंदिर : 0.8 किलोमीटर
- नेमावर रोड से बिचौली मर्दाना : 1.2 किलोमीटर
- ओमेक्स-1 से विस्तारा : 1 किलोमीटर
- इन्फोसिटी से अरंडिया : 1 किलोमीटर
क्यों जरूरी...
- बायपास के दोनों ओर कॉलोनियां हैं जहां सर्विस रोड नहीं है वहां लोग रॉन्ग साइड आते-जाते हैं। जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है।
- सर्विस रोड न होने से कई जगह ट्रक मेन रोड पर खड़े हो जाते हैं।
- चौराहा रहित बायपास पर वाहनों की गति को इधर-उधर से जुड़ने वाले लोग प्रभावित करते हैं।
फायदे क्या...
- सर्विस रोड बनने से रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी खत्म हो जाएगी।
- मेनरोड का दबाव डाइवर्ट होगा। जाम की संभावना कम होगी।
- मेन रोड और सर्विस रोड दोनों पर जोखिम कम होगा।
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