Thursday, January 21, 2016

शिवहरे समूह पर आयकर का छापा;;;; 100 कमाकर 70 बांटना पड़ता है...

- आबकारी-पुलिस के साथ नेताओं को भी जाता है पैसा
- 55 ठिकानों में से आधा दर्जन पर पीओ, बाकी पर कार्रवाई संपन्न 
इंदौर. विनोद शर्मा । 
अधिकतर कारोबार नकद होता है। सरकार शराब से खजाना भरना चाहती है और सिस्टम अपनी जेब। यदि सारा खर्च काटकर हम 100 रुपए कमाते भी हैं तो 70 रुपए बांटना पड़ते हैं। किसे नहीं दें। आबकारी-पुलिस तो माई-बाप है ही नेता  को नाराज नहीं कर सकते। अब उतनी कमाई नहीं, जितनी पहले थी। इंदौर में समूह की दो दर्जन दुकाने हैं। देशी-विदेशी शराब की। आधा दर्जन शराब और डिस्टलरी कंपनियों से ताल्लुक है। ये खुलासा आयकर अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ के दौरान शिवहरे परिवार ने किया। शनिवार सुबह तक 55 में से करीब 50 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई संपन्न हो चुकी थी जबकि आधा दर्जन ठिकानों पर प्रोबेटरी आॅर्डर (पीओ) लगाकर कार्रवाई को अल्प विराम दे दिया गया। दूसरा चरण सोमवार से शुरू होगा।
आमतौर पर इनकम टैक्स की सर्च 3-4-5 दिन तक चलती है लेकिन यहां तीसरे दिन कार्रवाई का दौर थम गया। इसके पीछे अधिकारियों ने बताया कि सर्च के दौरान जहां दस्तावेज और काली कमाई से जुड़े दस्तावेजी तथ्य तलाशना पड़ते हैं जो कि एक-एक करके सामने आते हैं इसीलिए वहां समय लगता है। यहां उलटा था, कभी कार्रवाई हो नहीं सकती इस बात से पूरी तरह आश्वस्त शिवहरे परिवार ने शराब का कारोबार और काली कमाई के प्रमाण फैला रखे थे। जो कार्रवाई के पहले-दूसरे दिन जब्त कर लिए गए। दस्तावेज पुख्ता हैं इसीलिए अनावश्यक समय लगाने का सवाल ही उठता। इसीलिए कार्रवाई वाइंडअप की। अब दस्तावेजों के साथ सवाल डिपार्टमेंट के होंगे और सफाई व जवाब शिवहरे समूह के।
आधा दर्जन जगह पीओ...
आधा दर्जन स्पॉट ऐसे हैं जहां कुछ कारणों से दस्तावेजों और कम्प्यूटर की जांच होना बाकी है वहां पीओ लगा दिया गया है। यदि किसी स्थान पर पूरी तरह जांच नहीं हो पाती है और जहां दस्तावेज जब्त करके वहीं सील कर दिए जाते हैं वहां प्रोबेटरी आॅर्डर (प्रतिबंधात्मक आदेश) जारी कर दिया जाता है। कोई न परिसर में जा सकता है। न ही किसी दस्तावेज से छेड़छाड़ कर सकता है।
20 लॉकर सील...
कुल 20 लॉकर मिले हैं जिन्हें सील कर दिया गया है। 4 लॉकर इंदौर में सील हुए हैं। सील लॉकर की जांच अगले सप्ताह तक शुरू होगी। बड़े स्तर पर एक्साइज टैक्स चोरी और  शराब की बल्क में अवैध बिक्री के भी दस्तावेज मिले हैं।
थोड़ा इंतजार...
शिवहरे समूह की काली कमाई और टैक्स चोरी का आंकड़ा कितना है? इसके जवाब में विंग का कहना है कि चूंकि 55 ठिकानें थे। चार राज्य हैं। कई शहर। इसीलिए वहां उन सब स्थानों पर जब्त दस्तावेजों की जांच करके आंकड़े एक्जाई करेंगे। तभी पता चलेगा कितना काला धन है और कितना टैक्स चोरी किया।
जांच के लिए हैदराबाद जाएंगे मोबाइल
कई ठिकानों पर मोबाइल और मोबाइल का डाटा जब्त किया गया है। इनमें लेन-देन के ब्योरे मिले हैं। यह मोबाइल भोपाल मुख्यालय भेजा जाएगा। विभागीय जानकारों के अनुसार, मोबाइल में कारोबार के बाबत कई लोगों से बात होती रही है। उसे फोरेंसिक जांच के लिए हैदराबाद भेजा जाएगा। बातचीत के सारे रिकॉर्ड निकालने की कोशिश होगी। इससे पता चलेगा कि किन लोगों से क्या बात हुई? क्या-क्या मैसेज आए? और कितने का लेन-देन हुआ है?

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