- इंदौर में कार्रवाई का वादा, मंदसौर-नीमच-शाजापुर सालभर से जारी है आॅपरेशन एम्बुलेंस
इंदौर. विनोद शर्मा ।
एमपी09टीए6065 (टवेरा)...। मालिक कृष्ण मीणा...। पंजीयन हुआ 20 जून 2011 को...। पंजीयन श्रेणी टैक्सी, उपयोग एम्बुलेंस के रूप में। टैक्सी परमिट लेकर महज 500 रुपए की बत्ती और 300 रुपए का हुटर लगाकर ऐसी एक-दो, दस नहीं बल्कि दर्जनों गाड़ियों को एम्बुलेंस बनाकर शहर की सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। न टोल टैक्स देने की जरूरत। न पुलिस या आरटीओ की रोकाराकी का तनाव।
टूर्स एंड ट्रेवल्स के क्षेत्र में बढ़े कॉम्पिटिशन और सरकारी महकमों में मुश्किल हुए गाड़ी अटैचमेंट के बीच तथाकथित समाजसेवियों ने एम्बुलेंस सेवा को धंधा बना लिया है। क्योंकि बैठक व्यवस्था में फेरबदल और बत्ती, हुटर, स्टीकर लगाकर गाड़ी को एम्बुलेंस बनाना सरल है। न ज्यादा कॉम्पिटिशन। न ही ज्यादा भावताव। पूर्णत: मनमानी।
यह कैसी आस्था...
आस्था चिकित्सा संस्थान, हवा बंगला के पास सबसे ज्यादा एम्बुलेंस हैं। हालांकि आस्था के नाम पंजीबद्ध सिर्फ दो एम्बुलेंस (एमपी09एसी1588 और एमपी09एसी0551) ही हैं। बाकी हेमंत राठौर (एमपी09एसी4637 और एमपी50टी0350) राजकुमार जैन (एमपी09एस 6791, एमपी09एमए 3848 और एमपी09एसी 1589) के साथ ही भरत जैन की टाटा वेंच्युअर (एम04सीएच1279) भी जो प्राइवेट कार है लेकिन उसे एम्बुलेंस बना दिया गया है।
एम्बुलेंस जिनका पंजीयन ही नहीं...
गाड़ी मालिक क्लास
एमपी09एफए4708 कैलाश बहुरिया प्राइवेट ओमनी
एमपी04सीएच1279 भरत जैन कार
एमपी09टीए6065 कृष्णा मीणा टैक्सी
बूढी हो गई एम्बुलेंस...
नियमानुसार किसी भी नए वाहन को एम्बुलेंस के रूप में सिर्फ 5 साल के लिए पंजीबद्ध किया जाता है लेकिन इंदौर की सड़कों पर 15-20 साल पुरानी कंडम एम्बुलेंस भी दौड़ रही है।
‘एम्बुलेंस’ पंजीयन वर्ष उम्र
एमपी09एमए3549 02-08-2003 13 वर्ष
एमपी09एसी1589 04-02-2002 14 वर्ष
एमपी09एसी4637 17-09-2007 8 वर्ष
एमपी13टीए0632 03-08-2007 8 वर्ष
एमपी09एबी0990 25-06-2007 8 वर्ष
ट्रांसफर हो गई एम्बुलेंस...
नियमानुसार जिस गाड़ी को एम्बुलेंस के रूप में पात्रता मिली है उसका ट्रांसफर नहीं हो सकता है। इसका बड़ा उदाहरण एम09एमए3549 नंबर की एम्बुलेंस है जो 2 अगस्त 2003 को सुयश हॉस्पिटल ने खरीदी थी। 6 अगस्त 2003 को पंंजीयन हुआ। इस एम्बुलेंस को 2012 में विनोद पिता रमेश राठौर ने खरीदा।
बर्दाश्त नहीं होगी नहीं नकली एम्बुलेंस...
एम्बुलेंस के मामले में मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो एम्बुलेंस सही रजिस्टर्ड नहीं है या मापदंड पर खरी नहीं उतरती है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एस.पोरवाल, सीएचएमओ
नियमों के विपरित कोई एम्बुलेंस इंदौर की सड़कों पर नहीं दौड़ेगी। दबंग दुनिया ने एम्बुलेंस को लेकर जो तथ्य उजागर किए हैं उनके आधार पर कार्रवाई करेंगे।
एम.के.सिंह, आरटीओ
यहां पहले हो चुकी है कार्रवाई
- मई 2015 में रायपुर में सर्च हुई और 16 अवैध एम्बुलेंस पकड़ी गई।
- 5 सितंबर 2015 को मंदसौर में स्वास्थ्य विभाग और आरटीओ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की और 4 एम्बुलेंस पकड़ी। 30 चालान बनाए। 3-3 हजार दंड वसूला।
- सितंबर महीने में आरटीओ ने शाजापुर में कार्रवाई की। आधा दर्जन एम्बुलेंस पर कार्रवाई की। आरटीओ ज्ञानेंद्र वैश्य ने कहा था कि शासन द्वारा एम्बुलेंस संचालन को लेकर तय किए गए मापदंड संबंधी निर्देश प्राप्त हुए हैं। निरीक्षण के दौरान जिले में संचालित होने वाली जो एम्बुलेंस निर्धारित मापदंड पूरा करेगी, उसे ही उपयुक्तता प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
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