Tuesday, December 7, 2010

राजधानी पहुंचा पुलक सिटी का 'रास्ताÓ

- मुख्यमंत्री सहित संबंधित मंत्रियों ने दिए जांच के निर्देश
इंदौर, सिटी रिपोर्टर ।
पुलक सिटी में अजमेरा बंधुओं द्वारा किए गए चमत्कार की शिकायत राजधानी तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री निवास तक शिकायत मिलने की सुग-बुगाहट लगते ही संबंधित विभाग के मंत्रियों ने भी जांच के आदेश दिए हैं। इधर, जिला प्रशासन में भी मंगलवार को पुलक सिटी की अप्रोच रोड चर्चाओं में रही।
कॉलोनी की अप्रोच रोड की वैधता को लेकर अनुराग इनानी ने शिकायत के साथ संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रमुख सचिवों को कानूनी नोटिस दिया था। मंगलवार को नोटिस का खुलासा होने के बाद कॉलोनी के कर्ताधर्ताओं के साथ मुनाफे के लालच में बल्क में कॉलोनी के प्लॉट-फ्लैट बिकवाने वाले दलालों के फोन दिनभर घन-घनाते रहे। सभी खरीदारों को अपने-अपने हिसाब से जवाब देते रहे। सूत्रों की मानें तो पूरी कॉलोनी के प्लॉट-फ्लैट बिक चुके हैं। उधर, शिकायत भोपाल में भी चर्चा में रही। मंगलवार को पुष्प रतन पैराडाइज में हुई तोडफ़ोड़ के बाद से अजमेरा बंधुओं के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे लोगों ने ताबड़तोड़ शिकायत की जानकारी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी दे दी। इस संबंध में चौहान ने संबंधित विभागों को शिकायत के तथ्यों की जांच के निर्देश भी दिए हैं।
उधर, शिकायत मिलते ही राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और आवास मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी सक्रीय हो गए जबकि आवास एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया का कहना है कि उन्हें शिकायत अब तक मिली नहीं है। मिलती है तो तत्काल जांच कराकर आवश्यक भी करेंगे।
निशाने पर अफसर
सूत्रों की मानें तो जांच होती है तो निशाने पर कॉलोनी की डायवर्शन-डेवलपमेंट मंजूरी देने वाले अधिकारी होंगे। फिर आईडीए-नजूल-सीलिंग की एनओसी देखे बगैर कॉलोनी का ले-आउट को मंजूरी देने वाले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के कर्ताधर्ता हों या बगैर मौका रिपोर्ट के डायवर्शन-डेवलपमेंट की मंजूरी देने वाले जिला प्रशासन के अधिकारी। कॉलोनी की अप्रोच रोड की वैधता के मामले में क्षेत्रीय पटवारी दिनेश पटेल ने बताया पुलक सिटी मुंडी की जमीन पर है जबकि कॉलोनी की अप्रोच रोड राऊ की जमीन पर। अब इसके लिए जमीन खरीदी या नहीं इसकी मुझे जानकारी नहीं है। यह भी सही है कि यहां प्राधिकरण की स्कीम प्रस्तावित है।
सरैया की भूमिका पर सवाल
नियमानुसार डायवर्शन-डेवलपमेंट की मंजूरी से पहले राजस्व निरीक्षक (आरआई) मौका मुआयना करके रिपोर्ट देता है कि मौके पर जमीन की स्थिति क्या है। निर्माण है या नहीं। यदि निर्माण है तो मंजूरी नहीं दी जा सकती लेकिन कॉलोनी की मौका रिपोर्ट के संबंध में आरआई रवि सरैया का कहना था कि उनकी रिपोर्ट की यहां जरूरत नहीं पड़ी। वे जो भी कारण गिनाएं लेकिन हकीकत यही है कि मौके पर जाते तो उन्हें वहां मंजूरी से पहले ही शुरू हो चुके निर्माण नजर आ जाते।

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