
-मंत्री के निर्देश पर बनी एक सदस्यीय समिति
- सात दिन में करना होगी जांच
इंदौर, सिटी रिपोर्टर ।
आवास मंत्री के निर्देशानुसार पुलक सिटी के विवादित रास्ते की जांच मप्र हाउसिंग बोर्ड ने शुरू कर दी है। सात दिन की समयसीमा के साथ जांच की जिम्मेदारी कार्यपालन यंत्री को सौंपी गई है। सूत्रों की मानें तो जांच के लिए जिम्मेदार इंजीनियरों ने खसरावार दस्तावेज खंगालना भी शुरू कर दिए हैं।
पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और बाद में आवास मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा जारी कड़े पत्र के बाद हाउसिंग बोर्ड हरकत में आ गया है। मंत्री के आदेश को गंभीरता से लेते हुए मप्र हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त एच.डी. देशपांडे ने पुलक सिटी की जांच की जिम्मेदारी मंगलवार को कार्यपालन यंत्री आर.के.निगम को सौंप दी है। मौका निरीक्षण के साथ जांच करके रिपोर्ट पेश करने के लिए निगम को सात दिन का वक्त दिया है। हरहाल में रिपोर्ट सात दिन में पेश करना होगी।
उपायुक्त देशपांडे ने बताया आवास मंत्री के निर्देशानुसार हमें इस बात की जांच करना है कि कॉलोनी के रास्ते या उसे लेकर उठे विवाद का बोर्ड से कोई लेना-देना है या नहीं। रहा सवाल बोर्ड की भूमिका का तो इसकी पुष्टि सात दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट में हो जाएगा। इससे पहले मैं किसी भी तरह की टिका-टिप्पणी नहीं कर सकता।
टीएंडसीपी : फाइल मिली
'पत्रिकाÓ के खुलासे के बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से गायब पुलक सिटी की फाइल मंगलवार को मिल गई। शिकायतों के आधार पर टीएंडसीपी ने भी मंजूरी के दस्तावेज पलटना शुरू कर दिए हैं। गौरतलब है कि सोमवार की शाम तक फाइल के नाम पर सिर्फ कवर नोट लेकर बैठे टीएंडसीपी के अधिकारी फाइल के नाम पर यही कह रहे थे कि फाइल अवलोकन के लिए भोपाल गई है।
आईडीए: खसरावार जांच शुरू
इंदौर विकास प्राधिकरण के सूत्रों की मानें तो खसरावार खुलासे के बाद आवास एवं पर्यावरण मंत्री के निर्देशानुसार प्राधिकरण ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। गौरतलब है कि राऊ स्थित खसरा नं. 1065 को लेकर शिकायत हुई थी कि प्राधिकरण की प्रस्तावित स्कीम-165 का हिस्सा कहलाने वाली इस जमीन पर पुलक सिटी की अप्रोच रोड बनी है।
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