देशभर के सवा करोड़ कर्मचारी होंगे ऑनलाइन
विनोद शर्मा Saturday, May 30, 2009 05:57 [IST]
इंदौर. एक कंपनी को छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वॉइन करने वाले कर्मचारियों को राज्य बीमा निगम में बार-बार पंजीयन नहीं कराना होगा। यह सिर्फ एक बार होगा। दूसरी कंपनी में जाते ही पंजीयन क्रमांक के आधार पर कर्मचारी और उसके परिवार से संबंधित जानकारियां अपडेट हो जाएंगी।
ये जानकारियां कम्प्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर होंगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम अपनी डिस्पेंसरियों व हॉस्पिटल के कम्प्यूटराजइेशन के साथ देश के सवा करोड़ कर्मचारी और उनके चार करोड़ परिजन की जानकारी भी ऑनलाइन करेगा। इस पर कुल 1100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना में सहयोग और सुझाव के लिए सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों की बैठक 30 मई को दिल्ली में होगी।
निगम के तहत देशभर में 3.52 लाख छोटी-मोटी फैक्टरियां। उनमें काम करने वाले 1.20 करोड़ कर्मचारी पंजीकृत हैं। इहें अब तक कंपनी बदलने के साथ ही नए सिरे से पंजीयन कराना पड़ता था। एक कंपनी में रहते उनके वेतन से कटी राशि और उससे मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पाता था। इन असंगठित कर्मचारियों को संगठित करने के लिए निगम ने फरवरी के अंत में कम्प्यूटराइजेशन की योजना तैयार की थी।
ग्लोबल टेंडरिंग के बाद योजना की जिम्मेदारी देश की अग्रणी आईटी कंपनी विप्रो को सौंपी गई। कंपनी को 18 महीने में योजना को अंजाम देना है। अनुबंध के अनुसार काम को वक्त पर अंजाम देने के लिए कंपनी ने दो हजार लोगों की भर्ती करके मार्च अंत से काम भी शुरू कर दिया है। दो महीने हो चुके हैं, 16 महीने अभी बाकी हैं। इस दौरान कंपनी को डिस्पेंसरियों से लेकर हॉस्पिटल तक पूरे सिस्टम को कम्यूटराइज्ड कर व्यवस्था ऑनलाइन करना होगी।
निगम के बीमा आयुक्त बी. सी. भारद्वाज ने बताया कर्मचारियों के कम्प्यूटराइजेशन की जरूरत वर्षो से महसूस की जा रही थी। योजना पर फरवरी में निर्णय हुआ और मार्च से अमल भी शुरू हो गया। अनुबंध के तहत कंपनी को पहले काम करना होगा, उसके बाद निगम भुगतान करेगा। पहले चरण में कंपनी को 500 करोड़ का काम करके देना होगा। कंपनी जितना काम करेगी, उतना ही भुगतान होगा।
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