Friday, July 23, 2010

तीन इंच बरसात में तीन करोड़ का नुकसान
विनोद शर्मा Friday, July 03, 2009

इंदौर. अब तक शहर में हुई बरसात शहरवासियों के लिए राहत तो सीमेंट व्यवसायियों के लिए सिरदर्द साबित हुई। इसका बड़ा उदाहरण है वे सवा लाख सीमेंट की बोरियां जो रेलवे प्रशासन की बदइंतजामी के कारण लक्ष्मीबाईनगर माल गोदाम में पत्थर बन चुकी हैं। नुकसान की लागत तकरीबन तीन करोड़ रुपए आंकी जा रही है। दूसरी ओर रेलवे ने इसे कंपनियों की मनमानी का परिणाम बताया। रेलवे प्रबंधन की मानें तो सालभर में मालगोदाम की दशा बदल चुकी है।
मामला लक्ष्मीबाईनगर माल गोदाम का है। यहां रोजाना एक लाख बोरी सीमेंट रेलगाड़ी से लाई जाती हैं। इन बोरियों को जिस प्लेटफार्म पर रखा जाता है उसकी छत जर्जर है। इसके चलते बीते दस दिनों में हुई तकरीबन तीन इंच बरसात में 12 कंपनियों की 1.20 लाख बोरियां बरसात की भेंट चढ़ चुकी हैं। कंपनियों के हाथ लगी तो पत्थर की बोरियां। 240 रुपए प्रतिबोरी के हिसाब से खराब बोरियों की लागत 2.88 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। कंपनियों की मांग और नुकसानी के बावजूद रेलवे ने कभी माल गोदाम को दुरुस्त करने की कोशिश नहीं की।
ग्रासिम इंडस्ट्रीज के सुरेंद्र लाहौटी के अनुसार बरसात के शबाब पर आने से पहले ही सवा लाख बोरियां बर्बाद हो चुकी हैं। कुल मिलाकर हम रेलवे की अव्यवस्थाओं का खामियाजा भुगत रहे हैं। शेड की ऊंचाई ज्यादा है। बरसात में 80 फीसदी माल खराब हो जाता है। खराब सीमेंट दोबारा इस्तेमाल नहीं होती। इंदौर सीमेंट डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल विजयवर्गीय ने बताया हर साल होने वाले नुकसान और रेलवे की उदासीनता को देखते हुए कंपनियों ने अपने खर्च पर मौजूदा प्लेटफार्म के जीर्णोद्धार और नए प्लेटफार्म के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। इसे भी रेलवे खारिज कर चुका है।

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