Friday, July 23, 2010


चलते रहेंगे चायना मोबाइल?
विनोद शर्माSaturday, April 04, 2009 06:42 [IST]


इंदौर। बगैर इंटरनेशनल मोबाइल इक्यूपमेंट आईडेंटिटी (आईएमईआई) नंबर वाले चायना मोबाइल बंद करने के दूरसंचार विभाग के आदेश के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक ओर मोबाइल डीलरों द्वारा स्पाइडर कार्ड के जरिए आईएमईआई नंबर उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं दूरसंचार विभाग और ट्राई का कहना है उन्होंने कार्ड को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।

देश में करीब ढाई करोड़ चाइना मोबाइल उपभोक्ताओं है और विभाग के आदेश के बाद मोबाइलों की बिक्री में 75 फीसदी तक की गिरावट आई सो अलग। आदेश जारी हुए चार दिन हो चुके हैं लेकिन किसी के मोबाइल बंद होने की सूचना नहीं मिली। मोबाइल ऑपरेटर कंपनियों के इस रवैये ने उपभोक्ताओं को संशय में डाल दिया है वहीं ट्राई का कहना है कि आदेश दूरसंचार विभाग का है।

देश की सुरक्षा का हवाला देते हुए दूर संचार विभाग 1 अप्रैल से ऑपरेटर कंपनियों को देशभर में बगैर आईएमईआई नंबर के चायना मोबाइलों को फ्रीज करने के आदेश दे चुका है। इंदौर में ऐसे मोबाइलों की संख्या तकरीबन एक लाख से भी ज्यादा है। हालांकि 3 अप्रैल की रात तक किसी भी शहर के चायना मोबाइलों पर ऐसी कार्रवाई कंपनियों ने नहीं की। दूरसंचार विभाग और कंपनियों के बीच हर वो उपभोक्ता परेशान हैं जिन्होंने कम कीमत में महंगे मोबाइल सी सुविधाओं का लुत्फ उठाने के लिए चायना मोबाइल खरीदा था।

क्या है स्पाइडर कार्ड: इंदौर के लिए कार्ड की बुकिंग करवाने वाले मोबाइल विक्रेता राहुल लालवानी और मोनू तनवानी ने बताया स्पाइडर कार्ड एक आवेदन के साथ सामान्य रिचार्ज वेल्यू वाउचर की तरह होता है। कार्ड पर लगी काली पट्टी को स्क्रेच करने पर एक नंबर सामने आता है। यही आपका आईएमईआई नंबर है। इसकी पुष्टि वेबसाइट (www.trackimei.com) पर भी की जा सकती है। पुष्टि करते वक्त जैसे ही आप कार्ड पर लिखा नंबर आईएमईआई सर्च ऑप्शन में टाइप करके सर्च करेंगे वैसे ही डिटेल आपकी स्क्रीन पर होगी। यहां आपका मोबाइल मॉडल स्पाइडर कार्ड और ब्रांड स्पाइडर के नाम से रजिस्टर्ड होगा। इसमें सॉफ्टवेअर वर्जन, डिवाइस टाइप और बेंड डिटेल्स के साथ मोबाइल के चोरी होने संबंधित थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट की जानकारी भी उपलब्ध होगी। कार्ड आपको फोटो पहचान-पत्र के साथ आवेदन भरने के बाद ही दिया जाएगा। कार्ड सोमवार से इंदौर में भी मिलेंगे।

ऐसे नहीं बंटता आईएमईआई: नाम न छापने की शर्त पर ट्राई के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि आईएमईआई नंबर यूं किसी कार्ड पर नहीं बांटा जाता। नंबर हेंडसेट के अंदर ही होता है। ट्राय ने ऐसे किसी भी कार्ड को बाजार में लांच करने की स्वीकृति नहीं दी। वहीं हमारा मोबाइलों को बंद करने वाले आदेश से भी कोई वास्ता नहीं। यह दूरसंचार विभाग और ऑपरेटर कंपनियों के बीच का मामला है।

क्या है आईएमईआई: दुनियाभर की मोबाइल उत्पादक कंपनियों को मॉडल के हिसाब से यूके के ब्रिटिश अप्रुवल बोर्ड ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन (बीएबीटी) में रजिस्ट्रेशन करवाकर आईएमईआई नंबर की सीरिज आवंटित करवाना पड़ती है।

फायदा क्या- आईएमईआई नंबर युक्त हैंडसेट की हर कॉलिंग के साथ उसके नंबर और उपभोक्ता की लोकेशन की जानकारी ऑपरेटर कंपनियों को मिलती है। कोई भी सिम डालो, नंबर वहीं होगा। नंबर के आधार पर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई जाए तो चोरों को पकड़ना आसान होता है।

इन मोबाइलों में आता है नंबर

मोबाइल विक्रेता बलराम अड़ियानी ने बताया निकटेल और सिग्माटेल चायना मोबाइलों के ऐसे ब्रांड हैं जो बीएबीटी से रजिस्टर्ड हैं। इन मोबाइलों में आईएमईआई नंबर होता है। बाजार में बिकने वाले बाकी ब्रांड के मोबाइलों में नंबर नहीं होता।

सौ रुपए में आईएमईआई नंबर

कंपनियां चायना मोबाइल बंद नहीं कर पाई इससे पहले ही ग्रेमार्केट और चायना मोबाइल डीलरों ने स्पाइडर कार्ड के रूप में बीच का रास्ता निकाल लिया। मात्र सौ रुपए में आईएमईआई नंबर उपलब्ध कराया जा रहा है। सनसिटी इलेक्ट्रॉनिक दिल्ली के मुकेश अरोरा (चायना मोबाइलों के बड़े आयातक) ने बताया हिंदुस्तानभर में करोड़ों मोबाइल बिक चुके हैं जिन्हें मनमाने ढंग से बंद नहीं किया जा सकता। आईएमईआई की दिक्कत दूर करने के लिए कोवलून टेक्नोलॉजिस, नई दिल्ली ने यूके की उस ऐजेंसी में रजिस्ट्रेशन करवाया है जो मोबाइल निर्माता कंपनियों को आईएमईआई नंबर जारी करती है।

No comments:

Post a Comment