Monday, September 20, 2010

मुसीबत के हाईवे


विनोद शर्मा


इंदौर। एक फीट से गहरे गड्ढों का जख्म...। डामर के इंतजार में बिखरती गिट्टी-चूरी...। यह व्यथा है इंदौर को धार-झाबुआ-रतलाम, मंदसौर, नीमच ही नहीं, गुजरात-राजस्थान से जोड़ने वाले एनएच-59 (इंदौर-लेबड़) की। एक तरफ औद्योगिक क्षेत्रों का हवाला देकर सरकार निवेशकों को पीले चावल दे रही है, वहीं इन्हें जोड़ने वाली यह रोड खत्म हो चुकी है।

तीन दिन पहले यहां लगे जाम का कारण तलाशने पहुंचे तो हकीकत यही नजर आई। लोगों ने बताया पांच किमी पार करने में एक घंटा भी कम पड़ता है। दुर्दशा दूर करने की बात करते ही अधिकारी इंदौर-अहमदाबाद रोड की निर्माणाधीन योजना का हवाला देने बैठ जाते हैं। ऎसे में सवाल यह उठता है कि क्या नई सड़क नहीं बनेगी, तब तक लोग यूं ही परेशान होते रहेंगे।

दिया एक और विकल्प
एनएच-59 के निर्माणाधीन विस्तार और दो दिन पहले लगे जाम से सबक लेते हुए अब एबी रोड जाने वाली गाडियों को नागदा से स्टेट हाइवे (एसएच)-31 (नागदा, धार-मांडव रोड होते हुए गुजरी) पर छोड़ा जा रहा है। ट्रक ड्राइवर मो. सईद और शहजाद खान ने बताया इस रूट से एबी रोड पहुंचने के लिए 40 किलोमीटर से ज्यादा का अतिरिक्त सफर तय करना होगा। रूट वैसे तो पुराना है लेकिन इसकी दुर्दशा ने ही लोगों को नागदा, लेबड़, घाटा बिल्लौद, पीथमपुर होते हुए एनएच-3 पहुंचने का ये नया रास्ता दिखाया था।

उनकी दिक्कत, इनका धंधा
- गाडियों की दुर्दशा ने बढ़ाए क्षेत्र में गैरेज।
- पंक्चर गाडियों की संख्या के साथ पंक्चर जोड़ने वाले भी बढ़े।
- जेक भी मिलते हैं भाड़े पर।
- लेबड़ और घाटा बिल्लौद में के्रन भी मिलती है तैयार।

कहां खराब
घाटा बिल्लौद से लेबड़ पांच किमी पूरी तरह उखड़ा। नेशनल स्टील्स के सामने सड़क उखड़कर नाला बन गई। दिनभर पानी बहता है।
चंबल पर बना पुल उखड़ने लगा।
घाटा बिल्लौद माता मंदिर के सामने एक-डेढ़ फीट गहरे गड्ढे।

भारी यातायात
पीथमपुर, स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) और नए-नवेले इंदौर-खलघाट रोड के कारण घाटा बिल्लौद से एक घंटे में 700 से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इनमें 50 फीसदी भारी वाहन हैं। पीथमपुर-महू रोड की हालत धार रोड से बेहतर होने से 60 प्रश यातायात पीथमपुर फाटा से पीथमपुर मुड़ जाता है। बाकी 40 प्रतिशत इंदौर की ओर।

नई सड़क बनने तक ऎसे ही होंगे परेशान?
एनएच-59 (इंदौर-लेबड़)
आखिरी बार बनी : 2007-08 में
लागत : 8 करोड़ रूपए।
16 हजार से ज्यादा वाहन रोज
इंदौर से चलती हैं 200 बसें।
15 हजार से ज्यादा यात्री

इंदौर-भोपाल : 185 किलोमीटर का सफर 3 से साढ़े तीन घंटे।
इंदौर-लेबड़ : 40 किलोमीटर और सफर दो घंटे का?

इन्हें जोड़ता है रोड
एनएच-59 : धार, झाबुआ, अहमदाबाद
एनएच-79 : नागदा, नीमच, मंदसौर, कोटा
एसएच-31 : नागदा, धार, गुजरी

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