वर्ष 2013 से 24 घंटे बिजली
40 हजार मेगावॉट उत्पादन के लिये 28 निजी कंपनियों से एमओयू
August 28, 2010
मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2013 से 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य शासन ने इस लक्ष्य की पूर्ति के लिये करीब 40 हजार मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन के लिये लगभग 28 निजी कम्पनियों से करारनामे किये हैं। प्रदेश में बिजली उत्पादन प्रयासों को ठोस रूप देने तथा निजी क्षेत्र के निवेशकों को आकर्षित करने के लिये मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट इन जनरेशन प्रोजेक्ट पालिसी 2010 भी बनाई गई है।
वर्ष 2013 तक 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य
निजी कंपनियों से 40 हजार मेगावॉट की ताप विद्युत परियोजनाओं के लिये एमओयू
निजी कंपनियों द्वारा कार्य प्रारंभ
1200 मेगावॉट की श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना का कार्य शुरू
परियोजना पर इस वर्ष 292 करोड़ रुपये राशि का प्रावधान
निजी कंपनियों के माध्यम से प्रदेश की उत्पादन क्षमता बढ़ाये जाने के लिये किये गये प्रयासों में निजी क्षेत्र की कंपनियों मैसर्स बीना पॉवर सप्लाय कंपनी, बीना, मैसर्स एस्सार पॉवर, बैढन, जिला सिंगरौली, मैसर्स चितरंगी जिला सिंगरौली, मैसर्स जयप्रकाश पॉवर वेंचर्स, निगरी जिला सिंगरौली एवं मैसर्स बीएलए पॉवर जिला नरसिंहपुर द्वारा कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी द्वारा 1200 मेगावॉट की श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस परियोजना पर वर्तमान वित्तीय वर्ष में 292 करोड़ रुपये राशि के खर्चों का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार सतपुड़ा ताप विद्युतगृह सारणी में 500 मेगावॉट की विस्तार इकाईयों का कार्य भी शुरू हो गया है। एन.टी.पी.सी. की सीपत इकाई से मध्यप्रदेश को 242 मेगावॉट विद्युत प्राप्त होगी। इसी प्रकार एन.टी.पी.सी. की मौदा इकाई से 150 मेगावॉट का शेयर भी मध्यप्रदेश को प्राप्त होगा।
पश्चिम बंगाल स्थित दामोदर वैली कार्पोरेशन से 300 मेगावॉट विद्युत प्राप्ति के लिये अनुबंध किया गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से महेश्वर जल विद्युत परियोजना का कार्य पुन: शुरू हो गया है। इससे आगामी दिसम्बर तक 400 मेगावॉट विद्युत प्राप्त होना संभावित है। विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत विद्युत प्राप्ति के लिये दीर्घावधि के अनुबंध किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस संबंध में 1200 मेगावॉट का रिलायंस तथा 150 मेगावॉट का एस्सार से अनुबंध किये जाने के प्रयास भी जारी हैं। इसके साथ ही 1600 मेगावॉट विद्युत क्षमता की ताप विद्युत परियोजना की स्थापना खण्डवा जिले में करने के लिये मैसर्स बीएचईएल के साथ मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी का संयुक्त उपक्रम अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया है। नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन द्वारा 2640 मेगावॉट गाडरवारा जिला नरसिंहपुर में स्थापित करने के लिये गत माह नवम्बर में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इस ताप परियोजना से 80 प्रतिशत विद्युत मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित करने के लिये भारत सरकार से आग्रह किया गया है।
नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन द्वारा खरगौन जिले में 1320 मेगावॉट की ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है। परियोजना के लिये 1750 एकड़ भूमि एवं 55 क्यूसेक जल के संबंध में राज्य शासन द्वारा सैद्धांतिक सहमति भी प्रदान की गई है। साथ ही नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन द्वारा छतरपुर जिले में चार हजार मेगावॉट ताप विद्युत परियोजना हाथ में ली गई है। परियोजना के लिये 150 क्यूसेक जल एवं 2249.88 एकड़ भूमि की उपलब्धता के संबंध में राज्य शासन द्वारा सैद्धांतिक सहमति गत माह मार्च में दी गई है। इसके अलावा राज्य शासन द्वारा 1600 मेगावॉट क्षमता की चंदिया ताप विद्युत परियोजना, जिला कटनी में तथा बाणसागर परियोजना जिला शहडोल में 1600 मेगावॉट स्थापित करने के संबंध में प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया है। एम.पी. पॉवर ट्रेडिंग कंपनी द्वारा 1320 मेगावॉट शहपुरा ताप विद्युत परियोजना का कोल लिंकेज/ब्लॉक का आवंटन प्राप्त न होने से एम.पी. पॉवर ट्रेडिंग कंपनी के संचालक मण्डल की बैठक में इस परियोजना को एन.टी.पी.सी./एन.एच.डी.सी. को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में आगामी कार्यवाही भी की जा रही है।
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