प्रगति पथ पर खत्म नहीं हो रहा नेहरू पार्क और अटल पूल के जीर्णोद्धार का सफर
विश्राम बाग का पूल प्रगति पर, पुष्कर में ही तरण सुविधा
आईडीए का पूल ठेके पर
इंदौर. विनोद शर्मा ।
स्वच्छता में आठ साल से नंबर-1 आ रहा इंदौर अद्भूत इंजीनियरिंग, विकास कार्यों की गति और विकास के नाम पर फिजुलखर्ची में भी ऊंचाई छू रहा है। शहर के कई सरकारी मुजस्समें इसका उदाहरण है। हालांकि हम आज बात करेंगे सिर्फ स्वीमिंग पुल की। जो कि सरकारी अनदेखी और हिलाहवाली के कारण मुफलिसी में हैं। 4 करोड़ की लागत से नेहरूपार्क स्वीमिंग पुल का रिनोवेशन शुरू तो हुआ लेकिन निगम समय पर काम पूरा कराने में नाकाम रहा। दूसरी तरफ अटल खेल संकूल में बना स्वीमिंग पुल है जो 20 साल से उद्घाटन के इंतजार में बदहाल है।
सबसे पहले बात नेहरू पार्क स्वीमिंग पुल की। 4 करोड़ की लागत से इस पूल का जीर्णोद्धार हो रहा है। भोपाल की कंपनी काम कर रही है। जीर्णोद्धार का मकसद है पूल को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। हालांकि नगर निगम के अधिकारी यह भूल गए कि इंदौर विकास प्राधिकरण पहले ही रिंग रोड पर अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला पूल बना चुका है। ये बात अलग है कि अब तक अंतरराष्ट्रीय हुई नहीं। ऐसे में नेहरू पार्क पूल पर इतना पैसा लगाने की जरूरत तो नहीं थी। थोड़ी-बहुत साज-सजावट हो जाती, पूल संवर जाता। खैर, काम शुरू हुआ ठीक है, अप्रैल 2025 तक खत्म होना था लेकिन कार्य लगातार प्रगति पर ही है।
शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मौके पर पहुंचकर कंपनी के कर्मचारियों की खिंचाई की। काम जल्दी पूरा करने को कहा है। जब भार्गव मौके पर पहुंचे तो देखा कि टाइल्स लगाने में मनमानी की जा रही है। इससे पहले एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया भी कंपनी की क्लास लगा चुके हैं लेकिन कंपनी को सबक नहीं मिला।
20 साल से तैराकों का इंतजार है...
स्कीम-78 में बड़ा भारी अटल खेल संकूल बना है। इस संकूल में 2005-06 में इस परिसर में 3800 वर्गफीट का स्वीमिंग पूल बनाया था। तब तकरीबन 65 लाख रुपए की लागत से बने इस स्वीमिंग पूल के साथ चैंजिंग रूम और खिलाड़ियों ठहरने के लिए भी कमरे बने थे। मौजूदा सभापति मुन्नालाल यादव जब वार्ड 10 के पार्षद थे तब ये बना था। इसके बाद एक बार और पार्षद रह लिए। इससे पहले उनके खास छाया देशमुख, जितेंद्र बुंदेला भी पार्षद रह लिए। अभी राजेंद्र राठौर जैसे कद्दावर पार्षद हैं लेकिन पूल की दशा है कि सुधरती नहीं। 2022 में निकाय चुनाव से पहले आप नेताओं ने प्रदर्शन करके स्वीमिंग पूल चालू करने की मांग की थी। अब भी हालात यह है कि बरसात का पानी ही जमा मिलता है। उसे निकालने की भी व्यवस्था नहीं है।
जल्द मिलेंगे दोंनों पूल
नेहरू पार्क और अटल पूल का जीर्णोद्धार जारी है। जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस पूल तैयार हो जाएंगे। अन्य खेल गतिविधियों का भी विस्तार होगा। कंपनियों को स्पष्ट कर दिया है काम में गति लाएं।
राजेंद्र राठौर, प्रभारी
जनकार्य
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महू नाका पूल में मनमानी
महू नाका पर जो तरण पुष्कर है। जो 1969 में बना था। महू नाका पर जो फ्लाईओवर बनना है पुल उसके अलाइनमेंट में आ रहा है। इसीलिए उसके टुटने की संभावना बढ़ गई है। पूर्व महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त प्रतिभा पाल इसकी विधिवत घोषणा कर चुके थे। इस पुल पर पिछले दिनों ही रंगाई-पुताई पर खर्च हुआ है। यहां 800 लोग रोज स्वीमिंग के लिए आते हैं। एक व्यक्ति 1240 रुपए महीने देता है। पूल ने हाल ही में उत्तराखंड में संपन्न हुई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 2 मैडल दिए हैं।
आराम से बन रहा है विश्राम पूल
2018 में विश्राम बाग में अंतराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल का काम शुरू हुआ था जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। काम आराम से चल रहा है। 50 मीटर लंबे व 25 मीटर चौड़े इनडोर स्विमिंग पूल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं कराए जाने के दावे किए जाते रहें हैं लेकिन यहां एक ही पूल बना है। एक पूल छोटा है, जिसमें घुटने तक भी पैर नहीं डूबेंगे। इसीलिए इसे फ़ेडरेशन इंटरनेशनेल डी नैटेशन ( फिना) की मान्यता प्राप्त होना मुश्किल है। जैसी कि आईडीए के स्वीमिंग पूल को मिली है।
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