आज आएंगे एजेंसी मालिक, जानेंगे काम क्यों बंद हुआ
इंदौर. विनोद शर्मा । बीआरटीएस तोड़ने के लिए नगर निगम को एजेंसी भी अपने जैसी ही मिली है। जैसे नगर निगम के कर्मचारियों से कोई काम लेना है तो उनके सामने खड़े रहना जरूरी है। जैसे ही आप हटे, निगमकर्मी फुर्र। ऐसे ही खुजनेर की एजेंसी ने रविवार को तब तक ही बीआरटीएस का तोड़ा जब तक जनप्रतिनिधि और मीडिया के लोग वहां खड़े थे। जैसे ही सब गए, वैसे ही काम बंद।
बीआरटीएस हटाने को लेकर नगर निगम कितना गंभीर है? इसका अंदाजा हाईकोर्ट के आदेश और काम शुरू होने के बीच के नौ महीनों की गेप से लगाया जा सकता है। बीआरटीएस तोड़ने का ठेका दिनेश यादव 'बाबा' ने लिया है। जो खुजनेर के ठेकेदार हैं। इतना ही नहीं खजुनेर विधायक अमरसिंह यादव के भांजे भी हैं। दिनेश यादव एंड कंपनी ने देव उठनी ग्यारस पर जीपीओ से बीजेपी कार्यालय के बीच उस हिस्से को तोड़ना शुरू कर दिय था जहां हाईकोर्ट से मिले आदेश के तत्काल बाद नगर निगम ने रैलिंग हटा दी थी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के साथ ही शहर के 50 से ज्यादा मीडियाकर्मी तोड़ार्पण के साक्षी बने थे। हालांकि जैसे ही सब गए, काम बंद हो गया। इसीलिए रविवार को जीपीओ से लेकर पीसी सेठी हॉस्पिटल के सामने के हिस्से को ही तोड़ा गया। चार दिन हो चुके हैं। काम क्यों बद है? किसी को नहीं पता।
प्रदेश में चल रहे यदुकाल में दिनेश यादव एंड कंपनी से सवाल करने की हिमाकत करे भी कौन? इसीलिए किसी ने ये पूछा ही नहीं कि आखिर काम बंद क्यों हैं। हिंदुस्तान मेल ने दिनेश यादव से बात की। उन्हें ये तो पता था कि काम बंद है लेकिन काम क्यों बंद है, नहीं पता था। उन्होंने कहा कि मैं अभी खुजनेर हूं। गुरूवार को इंदौर आऊंगा। तब पता करूंगा कि आखिर काम बंद क्यों है?
'सरकार' मौके पर होंगे, तभी हटेगी रैलिंग
बीआरटीएस पर तोड़ार्पण बंद होने से शहर की आवाम नाराज है। लोगों का कहना है कि कंपनी शायद तभी काम करेगी जब 'सरकार' मौके पर खड़े होंगे। इसीलिए शहर के सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी ड्यूटी डिसाइड कर लेना चाहिए ताकि कॉरिडोर जल्द से जल्द टूटे।
ऐसे कितने दिन लगेंगे....
- 21 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि बीआरटीएस हटेगा।
- 27 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बीआरटीएस तोड़ने के आदेश दिए थे।
- 27 फरवरी 2025 की इसी रात को जनप्रतिनिधियों ने बीआरटीएस की रैलिंग हटाना शुरू कर दी।
- जीपीओ से लेकर बीजेपी कार्यालय तक की रैलिंग हटी। फिर काम रूक गया।
- फरवरी से लोग कॉरिडोर हटने का इंतजार करते रहे। काम दोबारा शुरू हुआ 1 नवंबर को।
- कुल 11.500 किलोमीटर लम्बा है कॉरिडोर। इसमें से फ्लाईओवर निर्माण के कारण 2.5 किलोमीटर हिस्से की रैलिंग हट चुकी है। 9 किमी रैलिंग हटना है। स्टेशन टूटना है। गति यही रही तो टूट फुट में ही सालभर लग जाएगा।
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