Monday, November 10, 2025

धोखाधड़ी का आदि पालावत निकला कर्जा किंग


चार कंपनियों के नाम से 20 साल में लिया 116 करोड़ का लोन, 104 करोड़ अब भी बाकि
राजस्थान के जोधपुर में भी बैंक की शिकायत पर हुई कोर्ट ने कहा था केस दर्ज करें 
इंदौर. विनोद शर्मा । 
जोधपुर की सीबीआई कोर्ट के आदेश की जानकारी छिपाकर झूठे शपथ-पत्र से कॉलोनाइजर लाइसेंस लेने वाला विनोद पालावत बैंकों को टोपी पहनाने में भी माहिर है। बुलढाणा अर्बन क्रेडिट सोसाइटी और पंजाब नेशनल बैंक इसके पीडित है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो 2023 से 2023 के बीच 20 साल में पालावत की कंपनियों ने 116 करोड़ से ज्यादा का लोन लिया और चुकाया सिर्फ 12 करोड़ ही। अब भी आधा दर्जन से अधिक बैंका का 100 करोड़ रुपए से ज्यादा पालावत और उनसे जुड़ी कंपनियों पर बकाया है।  
 पालावत ने अपने करियर की शुरुआत लक्ष्मी पाइप्स नाम की कंपनी से की थी। वे लक्ष्मी पाइप्स एंड फिटिंग, सोनिका इंजीनियरिंग और रिद्धि इन्फ्रास्ट्रक्चर छोड़ चुके हैं। इन कंपनियों पर 70 करोड़ से ज्यादा बकाया है। पूरा लोन तब तक ही लिया गया जब तक पालावत डायरेक्टर रहे। अब पालावत जी-9 इन्फ्राटेक, शुभांगी एस्टेट प्रा.लि. और लक्ष्मी लैंड डेवलपर्स में डायरेक्टर हैं। इन कंपनियों पर 34.50 करोड़ रुपए बकाया है। पंजाब नेशनल बैंक ने 25.25 करोड़ का लोन दिया था। ये लोन पालावत की कंपनी लक्ष्मी पाइपस एंड फिटिंग्स प्रा.लि. के नाम पर लिया गया था। इस पैसे की रिकवरी के लिए बैंक को सरफेसी एक्ट के तहत कार्रवाई करना पड़ी। जिसे पालावत ने कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने 10 मार्च 2022 को इसे खारिज कर दिया था।  
 दूसरी तरफ ईओडब्ल्यू पालावत और हरीश चौधरी के बुलढाणा अर्बन क्रेडिट सोसाइटी से कनेक्शन व लोन की प्रक्रिया की जांच कर रहा है। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि बुलढाणा से लोन मिलीभगत से मिला। इसमें हरीश चौधरी ने अहम रोल निभाया। 
इन कंपनियों के नाम पर किया खेल 
लक्ष्मी पाइप्स एंड फीटिंग : 1987 से पंजीबद्ध इस कंपनी को 2003 से 2009 के बीच पंजाब नेशनल बैंक की मनोरमागंज ब्रांच व अन्य शाखाओं से कुल 48.45 कराड़ का लोन मिला था। विभिन्न वेबसाइट्स के अनुसार अब तक इसमें से बमुश्किल 2 करोड़ का लोन चुकाया गया। 11 नवंबर 2011 को पालावत ने कंपनी छोड़ी थी। उनके कंपनी में रहते 48.20 करोड़ का लोन हुआ। उनके कंपनी छोड़ने से ठीक पांच महीने पहले पीएनबी ने 27.50 करोड़ का लोन रिन्यू किया था। अब कंपनी में श्रीचंद अोसवाल और छगनचंद जैन डायरेक्टर हैं। 
सोनिका इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड : ये कंपनी 2009 में बनी। भोपाल के पते पर पंजीबद्ध कंपनी जुलाई 2022 तक डायरेक्टर और एडिशनल डायरेक्टर रहे। 28 अप्रैल 2011 से 20 अगस्त 2016 के बीच कुल इलाहबाद बैंक, बैंक ऑफ बरौदा, चर्चगेट इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग कंपनी और आंध्रा बैंक से कुल 27.13 करोड़ का लेान हुआ है। इसमें से 3.13 करोड़ का लोन ही क्लोज हुआ है जो आंध्रा बैंक से लिया था। बाकि कायम है।  
जी-9 इन्फ्राटेक प्रा.लि. : ये कंपनी 14 दिसंबर 2013 में बनी। एक लाख रुपए की पेडअप और एक लाख रुपाए की अथॉराइज्ड कैपिटल वाली इस कंपनी को 21 दिसंबर 2016 से 16 मई 2022 के बीच बुलडाना अर्बन कोऑपरेटिव सोसाइटी से 20 करोड़ का लोन मिल चुका है। इस कंपनी में विनोद के साथ पंकज चौधरी पार्टनर है जो कि हरीश चौधरी का भाई है। बड़ी बात 21 से 31 दिसंबर 2016 के बीच 10 दिन में ही 7 करोड़ का लोन मिल चुका था।  
लक्ष्मी लैंड डेवलपर्स प्रा.लि : दिसंबर 2007 में कंपनी बनी। 2.5 लाख रुपए की अथॉराइज्ड और पेडअप केपिटल के साथ बनी इस कंपनी को अब तक 24 जुलाई 2008 से लेकर 20 दिसंबर 2023 के बीच 20.77 करोड़ का लोन मिला। जो एचडीएफसी, पीएनबी, ओरिएंट बैंक, रेलीगेयर फिनवेस्ट और बुलढाणा अर्बन क्रेडिट सोसाइटी ने दिया। इसमें से 6.20 करोड़ का लोन क्लोज हो गया। 14.5 करोड़ की बुलढाणा की मेहरबानी कायम है।

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