सभी एडवांस फेसिलिटिज से लैस है बसें
इंदौर. विनोद शर्मा ।
मप्र की आवाम से सरकारी परिवहन सेवा देना को वादा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले दिनों किया था उस पर मैदानी काम शुरू हो चुका है। अप्रैल से इंदौर में जो लोक परिवहन शुरू होना है उसके लिए दो दर्जन बसें इंदौर पहुंच चुकी है। मुंडला नायता आईएसबीटी पर खड़ी ये बसें इलेक्टिक और फूली ऐसी है। बहरहाल, इन बसों की टेस्टिंग जारी है।
लोक परिवहन का पहला चरण इंदौर से शुरू होगा। इसके तहत 32 रूट तय हुए हैं। जहां कुल 310 बसें चलेगी। नए बस स्टैंड की दोपहिया-चार पहिया पार्किंग में ई-बसों (जनबस) का पहला लॉट आ चुका है। सबसे पहले हिंदुस्तान मेल ने इन बसों का जायजा लिया। बसें आइशर कंपनी की है। जिन्हें स्काईलाइन प्रो का नाम दिया है। इस बस में 25 लोगों के सीट पर बैठने की व्यवस्था है। फूली ऐसी है। आपको गर्मी का अहसास नहीं होगा। ड्राइवर सीट के सामने पंखा लगा है, ताकि ड्राइवर को हवा मिलती रहे।
फायर एस्टिंग्यूशर हैं। जीपीएस इंस्टॉल है। आगे-पीछे स्क्रीन लगी है, जिस पर यात्रियों को स्टॉप की जानकारी मिलेगी। इमरजेंसी सर्विस के तहत दो गेट है। दोनों ही ऑटोमेटिक हैं। मेनगेट वैसा ही बड़ा है, जैसा सिटी बसों में हम देखते आए हैं। इसके साथ आपातकालीन स्थिति में ड्राइवर को बस रोकने का संदेश देने के लिए हैंडल पर स्टॉप बटन लगा है।
सीटें दो-दो के सेट में लगी है। विंडो साइड दोनों तरफ पांच-पांच लाइन है। बीच का स्पेस खाली है। दो चेयर ड्राइवर के पीछे है। सीट स्ट्रेट हैं और कम्फर्टेबल है। इन बसों के लिए तकरीबन दो हजार वर्गफीट का चार्जिंग स्टेशन बनना है, जिसका काम शुरू हो चुका है।
व्हीलचेअर भी अंदर चली जाएगी
खास बात यह है कि मेनगेट और क्लीनर गेट के बीच तीन से साढ़े तीन फीट चौड़ा एक गेट अलग लगा है, जहां फोर्डेबल रैंप की व्यवस्था है। यदि कोई यात्री व्हीलचेयर पर है तो रैंप के माध्यम से उसकी व्हीलचेयर सीधे बस में चली जाएगी। यात्री को उतरने या उतारने या चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
भगवा रंग...
दूसरी खास बात बसों का भगवा रंग है। चूंकि इंदौर से लेकर दिल्ली तक भाजपा की सरकार है और भाजपा भगवा-सनातन की पेरोकार है। इसीलिए पहले चरण की इन बसों का रंग भगवा रखा गया है। इन बसों का उपयोग लोकार्पण में होगा।
अन्य सुविधाएं...
स्पीड गर्वनर, जीपीएस, ऑटोमेटिक ड्राइविंग सिस्टम (अडास), लाइव मॉनिटरिंग व अन्य।
No comments:
Post a Comment